धनबाद-बोकारो सहित कई जिलों में एंटी रेबीज सूई नहीं

By Prabhat Khabar Digital Desk
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संजय

जिलों में 20-50 इंजेक्शन खरीद कर चल रहा काम, दवा खरीदने में जेएचआइडीपीसी असमर्थ

रांची : बोकारो व धनबाद सहित राज्य के कई जिलों में एंटी रेबीज इंजेक्शन खत्म हो गया है. रामगढ़, पलामू व गिरिडीह जैसे जिले खुले बाजार से किसी तरह 20-50 इंजेक्शन खरीद कर काम चला रहे हैं.

चतरा जिले के सिविल सर्जन से मिली जानकारी के अनुसार इंजेक्शन नहीं होने से हंगामा होने की आशंका बनी रहती है. विभिन्न सिविल सर्जनों व विभागीय सूत्रों के अनुसार ज्यादातर जिलों में इंजेक्शन अधिक कीमत पर खरीदने की मजबूरी है. वहीं, पर्याप्त संख्या में यह नहीं मिल रहे हैं.

धनबाद जिले ने 24 हजार इंजेक्शन की मांग स्वास्थ्य निदेशालय से की है. पलामू जिले में इंजेक्शन खरीद के लिए सिविल सर्जन के स्तर से टेंडर निकाला गया. सिविल सर्जन के अनुसार एल-वन के साथ-साथ एल-टू पार्टी ने कहने के बावजूद इंजेक्शन उपलब्ध नहीं कराया. मजबूरी में खुले बाजार से अधिक कीमत पर इंजेक्शन खरीदी जा रही है.

कमी का कारण

इंजेक्शन सहित विभिन्न दवाअों की खरीद का काम राज्य के झारखंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन (जेएचआइडीपीसी) का है. स्वास्थ्य विभाग ने राज्य स्तर पर इस कॉरपोरेशन का गठन किया है. पर मानव संसाधन की कमी व अन्य कारणों से कॉरपोरेशन समय पर दवाएं खरीदने में असमर्थ है.

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कमी हो, तो सिविल सर्जन अपने स्तर से भी दवाएं खरीद सकते हैं. पर ऐसा नहीं किया जाता. हालांकि पलामू जिले के मामले से स्पष्ट है कि एंटी रेबीज इंजेक्शन की आपूर्ति टेंडर निकालने के बाद भी नहीं हो रही है. एक अधिकारी ने कहा कि मामला एंटी रेबीज इंजेक्शन में मोनोपोली का भी है.

विधायक ने सचिव से की शिकायत

इधर गोमिया के विधायक डॉ लंबोदर महतो ने बोकारो जिले में एंटी रेबीज टीका उपलब्ध नहीं होने को स्वास्थ्य विभाग की विफलता बताया है. विधायक के अनुसार कुत्ते काटने के बाद लोग एंटी रेबीज टीके के लिए अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं. इस विषय पर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव से बात कर डॉ महतो ने एंटी रेबीज इंजेक्शन शीघ्र उपलब्ध कराने का आग्रह किया है.

हमलोगों को निदेशालय (निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य) स्तर से एंटी रेबीज की डिमांड ही नहीं मिली है. जिलों ने यदि अपनी मांग बतायी है, तो इसे तय फॉरमेट में बताया जाना चाहिए. समय रहते मांग हो, तो कॉरपोरेशन दवाएं खरीद लेगा.

प्रभात कुमार, एमडी, जेएचआइडीपीसी

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