पंचम विधानसभा का प्रथम सत्र : अपनी पसंद की भाषा में शपथ ले सकेंगे विधायक, हेमंत सोरेन को छह तक छोड़नी होगी एक सीट
Updated at : 05 Jan 2020 6:39 AM (IST)
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प्रोटेम स्पीकर डॉ स्टीफन मरांडी ने विधानसभा सत्र की तैयारी की समीक्षा की रांची : पंचम विधानसभा के प्रथम सत्र के सुचारु संचालन के लिए प्रोटेम अध्यक्ष प्रोफेसर स्टीफन मरांडी ने विधानसभा अध्यक्षीय कार्यालय में राज्य के वरीय पदाधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की. बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए प्रोटेम स्पीकर श्री […]
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प्रोटेम स्पीकर डॉ स्टीफन मरांडी ने विधानसभा सत्र की तैयारी की समीक्षा की
रांची : पंचम विधानसभा के प्रथम सत्र के सुचारु संचालन के लिए प्रोटेम अध्यक्ष प्रोफेसर स्टीफन मरांडी ने विधानसभा अध्यक्षीय कार्यालय में राज्य के वरीय पदाधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की. बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए प्रोटेम स्पीकर श्री मरांडी ने कहा कि सभी विधायक अलग-अलग शपथ लेंगे.
विधायक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी भाषा में शपथ ले सकते हैं. नये विधायकों को ससम्मान सदन में लाने की व्यवस्था की गयी है. विधायकों के परिजनों के लिए पास भी निर्गत किया जायेगा. कार्यक्रम का प्रसारण पूरे राज्य में होगा.
प्रोटेम अध्यक्ष ने बैठक में झारखंड विधानसभा के सभी गेटों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारियों एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति का निर्देश दिया.
पदाधिकारी दीर्घा में वरीय पदाधिकारियों की उपस्थिति एवं चिकित्सा की समुचित व्यवस्था करने को कहा. निर्बाध विद्युत आपूर्ति, संचार व्यवस्था, अग्निशमन वाहन की उपलब्धता पर भी संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिया. बैठक में मुख्य सचिव डीके तिवारी, पुलिस महानिदेशक कमल नयन चौबे, कैबिनेट सचिव एके सिंह, झारखंड विधान सभा के सचिव महेंद्र प्रसाद, उपायुक्त राय महिमापत रे, एसएसपी अनीश गुप्ता, नगर निगम आयुक्त मनोज कुमार आदि मौजूद थे.
सत्र के सफल संचालन के लिए प्रोटेम स्पीकर ने िदये कई निर्देश
संसदीय कार्य मंत्री बने आलम
रांची : संसदीय कार्य विभाग मंत्रालय छोड़कर सारे विभाग अभी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास ही रहेंगे. संसदीय कार्य विभाग मंत्रालय मंत्री आलमगीर आलम को आवंटित किया गया है. छह से आठ जनवरी तक विधानसभा सत्र है. विधानसभा सत्र के लिए एक संसदीय कार्य मंत्री का होना आवश्यक होता है. इस कारण सरकार ने आलमगीर आलम को संसदीय कार्य विभाग दिया है. वित्त समेत अन्य सभी विभाग अभी हेमंत सोरेन के पास ही रहेंगे.
इससे संबंधित अधिसूचना मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने जारी कर दी है. बताया गया कि अनुपूरक बजट वित्त मंत्री की हैसियत से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ही विधानसभा में पेश करेंगे. विधानसभा सत्र के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार होगा. इसके बाद ही विभागों का बंटवारा किया जायेगा. सात जनवरी को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होनेवाला है. झामुमो कोटे से ही विधानसभा अध्यक्ष किसी को बनाया जाना है. झामुमो के विधायक मथुरा महतो या रवींद्रनाथ महतो में से किसी एक को अध्यक्ष बनाया जा सकता है.
छह तक छोड़नी होगी एक सीट
रांची : विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुमका व बरहेट विधानसभा सीट से चुनाव जीता था. संसदीय नियमों के तहत अगर कोई व्यक्ति दो सीटों से विधानसभा चुनाव जीतता है, तो शपथ लेने से पहले उसे एक सीट छोड़ देनी होती है.
छह जनवरी को विधानसभा में विधायकों को शपथ लेना है. ऐसे में श्री सोरेन को एक सीट से त्यागपत्र देकर बताना होगा कि वे किस सीट से विधायक पद की शपथ लेंगे. इधर एक सीट छोड़ने को लेकर श्री सोरेन ने शनिवार को दुमका विधानसभा में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की.
श्री सोरेन रविवार को बरहेट में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ रायशुमारी करने का बाद निर्णय लेंगे कि वे कौन सी सीट छोड़ेंगे. सूत्रों के अनुसार, बरहेट सीट पार्टी के लिए दुमका से ज्यादा सुरक्षित सीट है. इस सीट से हेमंत सोरेन ने 25,740 मतों से जीत दर्ज की है. उन्होंने भाजपा के सिमोन मालतो को पराजित किया था. हेमंत सोरेन को 73,725 मत मिले थे. वहीं, दुमका सीट पर हेमंत सोरेन ने भाजपा की पूर्व मंत्री लुईस मरांडी को 13,188 मतों से पराजित किया है.
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