झारखंड विधानसभा चुनाव जनादेश : अब तक झामुमो का सबसे बड़ा प्रदर्शन, 30 सीटें जीत कर बनाया नया रिकॉर्ड

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Dec 2019 9:12 AM

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रांची : झारखंड विधानसभा चुनाव में इस वर्ष झामुमो ने अब तक सबसे बड़ा प्रदर्शन किया है. 30 सीटें जीत कर नया रिकॉर्ड बनाया है. पिछले चुनाव में झामुमो 19 सीटें ही जीत पायी थी. दूसरी ओर पिछले चुनाव की तुलना में भाजपा को 12 सीटों का नुकसान हुआ है. इस बार भाजपा 37 सीटों […]

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रांची : झारखंड विधानसभा चुनाव में इस वर्ष झामुमो ने अब तक सबसे बड़ा प्रदर्शन किया है. 30 सीटें जीत कर नया रिकॉर्ड बनाया है. पिछले चुनाव में झामुमो 19 सीटें ही जीत पायी थी. दूसरी ओर पिछले चुनाव की तुलना में भाजपा को 12 सीटों का नुकसान हुआ है.
इस बार भाजपा 37 सीटों से गिर कर 25 सीटों पर पहुंच गयी. कांग्रेस ने भी झारखंड गठन के बाद सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है. पिछले चुनाव से 10 सीटों की बढ़त के साथ इस बार कांग्रेस ने 16 सीटें जीती है. झाविमो व आजसू को भी सीटों का नुकसान हुअा है. हालांकि इस बार इन दलों के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी व सुदेश महतो अपनी सीट बचाने में सफल हुए हैं.
झाविमो को जहां पांच सीटों का नुकसान हुआ है. वहीं आजसू भी दो सीटों पर सिमट कर रह गयी है. हालांकि राजद व एनसीपी ने एक-एक सीट लाकर अपना खाता खोल लिया है. राजद के सत्यानंद भोक्ता व एनसीपी के कमलेश सिंह चुनाव जीते हैं. सीपीआइएमएल एक सीट बचाने में कामयाब रही है. विनोद सिंह बगोदर से चुनाव जीते हैं.
वहीं पिछली पर सीपीआइएमएल के टिकट पर धनवार से चुनाव जीतने वाले राजकुमार यादव चुनाव हार गये हैं. इस बार जमशेदपुर पूर्वी से सरयू राय व बरकट्ठा से अमित यादव निर्दलीय चुनाव जीत कर सभी को चौंकाया है. श्री राय ने रघुवर दास को पराजित कर चुनाव जीता है. पिछले चुनाव में एक सीट पानेवाले दल बसपा का इस बार खाता नहीं खुला.
चुनाव परिणाम एक नजर
दल 2014 2019
भाजपा 37 25
झामुमो 19 30
कांग्रेस 06 16
झाविमो 08 03
आजसू 05 02
बसपा 01 00
दल 2014 2019
सीपीआइएमएल 01 01
मासस 01 00
झापा 01 00
एनसीपी 00 01
राजद 00 01
निर्दलीय 00 02
भाजपा – 12 सीटों का नुकसान, सत्ता से बेदखल
चुनाव में 12 सीटों के नुकसान के साथ भाजपा सत्ता से बेदखल हो गयी है. भाजपा व आजसू ने पिछला चुनाव एनडीए गठबंधन में लड़ा था. भाजपा को 37 व आजसू को पांच सीटें मिली थीं. इस जनादेश के आधार पर एनडीए की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी थी.
हालांकि चुनाव के बाद झाविमो के छह विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद विधायकों की संख्या बढ़ कर 43 हो गयी थी. इस चुनाव में भाजपा को भारी नुकसान हुआ. मुख्यमंत्री रघुवर दास, प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा, स्पीकर दिनेश उरांव समेत कई दिग्गज नेता चुनाव नहीं जीत पाये. इस बार भाजपा अकेले 79 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी. वहीं एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी का समर्थन किया था. सिल्ली ने भाजपा ने आजसू के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारा था.
झामुमो – 11 सीटों की छलांग के साथ शानदार प्रदर्शन
इस बार झामुमो ने अपने स्थापना काल से सबसे अच्छा प्रदर्शन कर नया रिकॉर्ड बनाया है. 11 सीटों की बढ़त के साथ झामुमो ने इस बार 30 सीटें हासिल की है. स्थापना काल से पिछले चुनाव तक झामुमो अधिकतम 19 सीटें ही जीत पाया था. 1980 में झामुमो ने 11, 1985 में नौ, 1990 में 19, 1995 में 10, 200 में 12 सीटें जीती थी. राज्य गठन होने के बाद 2005 में झामुमो ने 17, 2009 में 18 और 2014 में 19 सीटें जीती थी.
महागठबंधन में झामुमो ने 43 सीटों पर प्रत्याशी उतारा था. झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन इस बार दो सीट दुमका व बरहेट से चुनाव जीते हैं. पिछली बार श्री सोरेन दुमका सीट से भाजपा की लुईस मरांडी से पराजित हो गये थे. आजसू से झामुमो में आनेवाले विकास मुंडा फिर से चुनाव जीत गये हैं.
कांग्रेस – 31 सीटों पर लड़ी चुनाव, 16 में दर्ज की जीत
कांग्रेस ने भी इस बार शानदार प्रदर्शन किया है. महागठबंधन में 31 सीटों पर चुनाव लड़ रही कांग्रेस ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की है. कांग्रेस की जीत का प्रतिशत 50 प्रतिशत से ज्यादा है. इस चुनाव में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी.
उन्होंने अपनी सीट तो जीती ही. साथ ही पिछले चुनाव की तुलना में 10 सीटों की बढ़त दिलायी है. पिछले चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ छह सीटें ही जीत पायी थी. कांग्रेस पुराने चेहरे के साथ कई नये चेहरों ने जीत दर्ज की है. नये चेहरों में राजेश कच्छप, पूर्णिमा नीरज सिंह, भूषणा बाड़ा, सोना राम सिंकु शामिल हैं.
आजसू – सुदेश जीते, पर तीन सीटों का हुआ नुकसान
आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो इस बार सिल्ली से चुनाव जीतने में सफल रहे, लेकिन पार्टी को तीन सीटों को नुकसान उठाना पड़ा है. पिछले चुनाव में पांच सीटें जीतने वाली आजसू इस बार सिल्ली के अलावा सिर्फ गोमिया सीट से चुनाव जीत पायी है. गोमिया से पार्टी प्रत्याशी लंबोदर महतो चुनाव जीते हैं. इस बार आजसू ने भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ रही थी. पार्टी की ओर से 53 सीटों पर प्रत्याशी उतारे गये थे.
झाविमो – बाबूलाल मरांडी खुद जीते , पांच सीटें गंवायी
झाविमो के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी इस बार धनवार चुनाव जीत गये हैं. हालांकि पार्टी को पिछले चुनाव की तुलना में पांच सीटों का नुकसान हुआ है. पिछली बार झाविमो के आठ विधायक चुनाव जीते थे. एक बार फिर से प्रदीप यादव चुनाव जीते हैं. वहीं मांडर से बंधु तिर्की चुनाव जीत कर पहुंचे हैं. झाविमो इस बार सभी 81 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी.
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