झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 : आम नागरिक कर सकते हैं एप से आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत
Updated at : 11 Dec 2019 6:45 AM (IST)
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राजनीतिक कदाचार की रोकथाम के लिए कारगर है सी-विजिल एप रांची : आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत करने और ट्रैक करने के लिए चुनाव आयोग ने सी-विजिल एप लाया है. आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के उल्लंघन की रिपोर्ट में देरी के परिणामस्वरूप समय रहते अपराधियों का पता नहीं लग पाता था. इसके अलावा, […]
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राजनीतिक कदाचार की रोकथाम के लिए कारगर है सी-विजिल एप
रांची : आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत करने और ट्रैक करने के लिए चुनाव आयोग ने सी-विजिल एप लाया है. आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के उल्लंघन की रिपोर्ट में देरी के परिणामस्वरूप समय रहते अपराधियों का पता नहीं लग पाता था. इसके अलावा, चित्र या वीडियो के रूप में किसी भी प्रलेखित छेड़छाड़ रहित साक्ष्य की कमी घटना घटने के उपरांत शिकायत की सत्यता स्थापित करने में एक बड़ी बाधा थी.
इन कमियों को दूर करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने सी-विजिल एप शुरू किया है. सी-विजिल नागरिकों के लिए निर्वाचन के दौरान आदर्श आचार संहिता और व्यय संबंधी उल्लंघनों की रिपोर्ट करने के लिए एक इनोवेटिव मोबाइल ऐप्लिकेशन है. सी-विजिल का अर्थ जागरूक नागरिक है. यह स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचनों के संचालन में नागरिकों द्वारा निभाई जा सकने वाली सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका पर जोर देती है.
सी-विजिल एक उपभोक्ता अनुकूल एंड्रॉइड एप्लिकेशन है, जिसे संचालित करना आसान है. जिसका उपयोग चुनाव के दौरान किया जा सकता है. एप की विशिष्टता है कि यह केवल लाइव फोटो / वीडियो ऑटो लोकेशन ही कैप्चर करता है. इससे फ्लाइंग स्क्वॉड को समयबद्ध तरीके से कार्य करने के लिए डिजिटल साक्ष्य मिल पाता है.
एंड्रॉइड फोन में किया जा सकता है इस्तेमाल: इस एप को ऐसे किसी भी एंड्रॉइड (जेलीबीन और ऊपर) स्मार्टफोन कैमरा में इंस्टॉल किया जा सकता है.
मोबाइल में कैमरा, अच्छा इंटरनेट कनेक्शन और जीपीएस एक्सेस होना चाहिए. इस एप्लिकेशन का उपयोग करके, नागरिक राजनीतिक कदाचार की घटनाओं को देखते ही तत्काल कुछ ही मिनट में इसकी रिपोर्ट कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में भी नहीं जाना पड़ेगा. सीविजिल जागरूक नागरिकों को जिला नियंत्रण कक्ष, रिटर्निंग अधिकारी और फील्ड यूनिट (फ्लाइंग स्क्वॉड) / स्थैतिक निगरानी दलों के साथ जोड़ता है.
कैसे करें इस्तेमाल
आचार संहिता उल्लंघन की एक तस्वीर या दो मिनट का वीडियो रिकॉर्ड कर भौगोलिक सूचना प्रणाली द्वारा स्वचालित लोकेशन मैपिंग के साथ एप पर अपलोड किया जा सकता है.
सफलतापूर्वक सब्सिशन के बाद इसे ट्रैक करने और अपने मोबाइल पर अपडेट प्राप्त करने के लिए नागरिक को एक यूनिक आइडी मिलती है. यह शिकायत बेनामी रूप से भी दर्ज करायी जा सकती है. ऐसी स्थिति में सिस्टम को मोबाइल नंबर व अन्य प्रोफाइल संबंधी विवरण नहीं भेजे जाते हैं.
नागरिक द्वारा शिकायत दर्ज करने के बाद, सूचना जिला नियंत्रण कक्ष में आ जाती है, जहां से उसे फील्ड यूनिट को सौंपा जाता है. एक फील्ड यूनिट का उड़नदस्ता इस पर कार्रवाई करता है. फील्ड यूनिट में शिकायत पर कार्रवाई होने के बाद उनके द्वारा निर्णय और निपटान के लिए संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को एप के माध्यम से रिपोर्ट भेजी जाती है. घटना सही पाये जाने पर कार्रवाई के लिए भेजी जाती है. जागरूक नागरिक को 100 मिनट के भीतर स्थिति के बारे में सूचित किया जाता है.
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