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रांची : बैंक से लगातार आ रहा था एजुकेशन लोन चुकाने का फोन, पिता का खाता हुआ फ्रीज, परेशान बीआइटी के छात्र ने की आत्महत्या

Updated at : 04 Dec 2019 7:27 AM (IST)
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रांची : बैंक से लगातार आ रहा था एजुकेशन लोन चुकाने का फोन, पिता का खाता हुआ फ्रीज, परेशान बीआइटी के छात्र ने की आत्महत्या

रांची : 10 लाख रुपये एजुकेशन लोन नहीं चुका पाने के कारण शिक्षक अनिल कुमार के पुत्र व बीआइटी मेसरा के इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी के छात्र शशिकांत सिन्हा ने रांची के बड़ा तालाब में कूद कर आत्महत्या कर ली. वह बीआइटी में 2014-18 बैच का छात्र था. उसने पढ़ाई के लिए 7.50 लाख रुपये एसबीआइ के […]

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रांची : 10 लाख रुपये एजुकेशन लोन नहीं चुका पाने के कारण शिक्षक अनिल कुमार के पुत्र व बीआइटी मेसरा के इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी के छात्र शशिकांत सिन्हा ने रांची के बड़ा तालाब में कूद कर आत्महत्या कर ली. वह बीआइटी में 2014-18 बैच का छात्र था. उसने पढ़ाई के लिए 7.50 लाख रुपये एसबीआइ के दीपाटोली ब्रांच से लोन लिया था.
लोन नहीं चुका पाने के कारण ब्याज के साथ मूलधन की राशि बढ़ कर दस लाख रुपये हो गयी थी. इस कारण शशिकांत के पास बैंक से लगातार फोन व मैसेज आने लगे. इतना ही नहीं उसे पता चला कि बैंक ने उसके पिता का एकाउंट सीज कर दिया है और उनसे लोन की रिकवरी की जा रही है, जिससे वह परेशान हो गया. उसने प्रधानमंत्री राहत कोष से मदद के लिए मेल भी किया, लेकिन मदद नहीं मिली. लिहाजा, वह शनिवार की शाम 6:15 बजे घर में किसी को बिना बताये निकल गया और बड़ा तालाब में छलांग लगा दी.
उस समय अनिल कुमार घर पर ही थे. उन्होंने बेटे को घर से निकलते देखा था, लेकिन क्या पता था कि अनहोनी होनेवाली थी. रविवार को उसका शव कोतवाली पुलिस ने औघड़ बाबा अाश्रम की तरफ बड़ा तालाब से बरामद किया.
रातू रोड के अपर शिवपुरी में किराये के मकान में रहनेवाले अनिल कुमार मूल रूप से बिहार के नालंदा के निवासी हैं.चान्हो बीजूपाड़ा के समीप एक मिडिल स्कूल में अनिल कुमार शिक्षक हैं. उन्होंने सोमवार को प्रभात खबर में कोतवाली पुलिस द्वारा बड़ा तालाब से अज्ञात शव बरामद किये जाने और पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजे जाने की खबर पढ़ी. उसके आधार पर उन्हें आशंका हुई कि हो सकता है कि वह शव शशिकांत का हो. उन्होंने कोतवाली पुलिस से संपर्क किया.
उन्हें जो हुलिया बताया गया, उससे अनहोनी की आशंका और बढ़ गयी. उसके बाद वे लोग रिम्स पहुंचे. वहां उन्हें कहा गया कि कोतवाली पुलिस लिख कर देगी तो शव दिखायेंगे. प्रक्रिया पूरी करने में दो घंटे लगे. वे लोग रिम्स पहुंचे और शव देखा तो वह शशिकांत का ही था. फिर रिम्स से शव लेकर आये और हरमू स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया.
नौकरी से चुकाना चाहता था लोन
पिता ने बताया कि शशिकांत का सीआइपी से इलाज चल रहा था. दवा खाने के कारण उसे बहुत नींद आती थी. इस कारण उसका अटेंडेंस भी कम था अौर बैक लग गया था. उसका कैंपस सेलेक्शन भी नहीं हो पाया था.
वह अपनी नौकरी से लाेन चुकाना चाहता था. इस वर्ष उसका बैक क्लियर होनेवाला था. उसके बाद उसकी नौकरी भी लग जाती. लेकिन लगातार बैंक से फोन आने के कारण वह परेशान रहने लगा और अंतत: उसने अपनी आत्महत्या कर ली.
प्रधानमंत्री राहत कोष से मांगी थी मदद
प्रभात खबर में छपी खबर देखे पिता ने शव को पहचाना
मैकलुस्कीगंज से 10वीं व संत जेवियर्स कॉलेज से इंटर की पढ़ाई की थी
पिता ने बताया कि शशिकांत ने डॉन बास्को एकेडमी मैकलुस्कीगंज से केजी से लेकर दसवीं तक की पढ़ाई की थी. उसके बाद संत जेवियर्स कॉलेज रांची से 77़ 6 प्रतिशत अंक के साथ आइएससी की पढ़ाई की थी. उसके बाद तैयारी के लिए 2013 में कोटा चला गया. 2014 में मेरिट लिस्ट में नाम होने के कारण आइटी में एडमिशन मिल गया था. उसी समय एजुकेशन लोन भी लिया था.
तीसरे नंबर पर था शशिकांत, सभी भाई बहन पढ़ने में हैं तेज, मौत से मुहल्ले में मातम
अनिल कुमार ने बताया कि शशिकांत चार भाई बहनाें में तीसरे नंबर पर था. बड़ा भाई शिवकांत सिन्हा बीएससी करने के बाद पटना में बैंकिंग की तैयारी कर रहा है. जबकि उसकी बड़ी सुमन कुमारी रिम्स के बीएससी नर्सिंग के थर्ड इयर में है. सुमन के बाद शशिकांत था. छोटी बहन नेहा कुमारी बीएयू से बैचलर ऑफ फिशरी साइंस की पढ़ाई कर रही है. पत्नी सरिता सिन्हा हाउस वाइफ हैं. घटना के बाद शिक्षक के परिवार के साथ पूरे मुहल्ले में मातम पसरा है.
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