Jharkhand : शहीद जवानों के परिजनों को मुख्यमंत्री ने दिया नियुक्ति पत्र, बोले : उग्रवाद मुक्त झारखंड बनाना प्राथमिकता

By Prabhat Khabar Digital Desk
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रांची : उनका क्या दोष, जो सामान्य नागरिक थे. नक्सलियों ने उन्हें अपना निशाना बनाया. वे हमारे लोग थे. हमें उनके लिए दर्द है. हम उनके साथ खड़े हैं. झारखंड उग्रवाद से ग्रसित राज्य था. हमारी सरकार के गठन के बाद से उग्रवाद के प्रति सरकार का रुख काफी कड़ा रहा है. राज्य में उग्रवाद अब अंतिम चरण में है. उग्रवाद से निबटने के लिए हमारे वीर जवानों ने प्राणों की आहुति दी है. राज्य में कई बेकसूर लोग भी नक्सली हिंसा का शिकार हुए. सरकार इन वीर शहीद जवानों के आश्रितों और परिवारों के साथ सदैव खड़ी रहेगी. उग्रवादी हिंसा में मारे गये निर्दोष नागरिकों के आश्रितों को उनका हक देना सरकार की जिम्मेदारी है. इस जिम्मेवारी हम निर्वहन कर रहे हैं.

Jharkhand : शहीद जवानों के परिजनों को मुख्यमंत्री ने दिया नियुक्ति पत्र, बोले : उग्रवाद मुक्त झारखंड बनाना प्राथमिकता

ये बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित उग्रवादी हिंसा में मृत सामान्य नागरिकों के 150 आश्रितों को नियुक्ति का पत्र देने के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं. सभी लोगों को कारा अस्पताल में पारा मेडिकल स्टाफ की नौकरी दी गयी है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का यह संकल्प है कि झारखंड में सदैव अमन, चैन और शांति बनी रहे, ताकि विकास कार्य तेजी से हो. नक्सलियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है. पुलिस ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर 5 साल में नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगायी है.

सरकार का दृढ़ संकल्प : उग्रवाद मुक्त झारखंड बनेगा

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ नक्सलियों से निबटा है. आने वाले समय में झारखंड पुलिस और जनता के आपसी सहयोग से हमें उग्रवाद मुक्त झारखंड बनाना है. उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसा होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सली हिंसा में मारे गये लोगों की जान तो वापस नहीं ला सकते, लेकिन सरकार इन परिवारों के आश्रितों के साथ हमेशा खड़ी रहेगी. उग्रवादी हिंसा में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को उनका हक देना सरकार की जिम्मेदारी है. इसी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए 150 लोगों को सरकार नियुक्ति पत्र सौंप रही है.

Jharkhand : शहीद जवानों के परिजनों को मुख्यमंत्री ने दिया नियुक्ति पत्र, बोले : उग्रवाद मुक्त झारखंड बनाना प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि जनसंवाद के तहत ‘सीधी बात’ कार्यक्रम में नक्सली हिंसा में मारे गये परिवारों की शिकायतें आती हैं कि उन्हें नौकरी अथवा मुआवजा नहीं मिला है. इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए सरकार ने उन्हें हर संभव मदद दिया है. निश्चित समय सीमा के अंदर मुआवजा और नौकरी देने के लिए सरकार ने स्पष्ट निर्देश संबंधित विभागों को दिये हैं.

रघुवर दास ने इन लोगों को दिया नियुक्ति पत्र

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सांकेतिक तौर पर उग्रवादी हिंसा में मृत सामान्य नागरिकों के आश्रितों सुकरा मुंडा, जीदन टुटी, जकरियस टोपनो, सीताराम मुंडा, सनातन पातर, महेंद्र प्रसाद मुंडा, फुलेश्वरी देवी, रेखा कुमारी, बिजली कुमारी नाग, सीमा रोहिणी मींज, दमयंती प्रधान, अजय कुमार गुप्ता, पवन कुमार पासवान, भीम कुमार महतो और अभिनव सौरभ को नियुक्ति पत्र सौंपा. इन लोगों की नियुक्ति आरक्षी, चतुर्थ वर्ग, नर्स, कम्पाउंडर, फार्मासिस्ट और एक्स-रे टेक्नीशियन के पदों के लिए हुई हैं.

इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव डीके तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग सुखदेव सिंह, डीजीपी केएन चौबे, डीजीपी मुख्यालय पीआरके नायडू, विशेष सचिव गृह विभाग तदाशा मिश्रा एवं कारा निरीक्षक शशि रंजन के अलावा विभाग के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.

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