रांची : देश और समाज के विकास में ब्रह्मर्षि समाज का खास योगदान : राज्यपाल

Published at :14 Oct 2019 6:36 AM (IST)
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रांची : देश और समाज के विकास में ब्रह्मर्षि समाज का खास योगदान : राज्यपाल

दिखायी एका. ब्रह्मर्षि विकास परिषद की अोर से हरमू मैदान में सम्मेलन आयोजित रांची : ब्रह्मर्षि समाज का गौरवमयी इतिहास रहा है. इस समाज के लोगों ने देश के विकास में अपना योगदान दिया है. यह बात राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कही. वह रविवार को स्वामी सहजानंद सरस्वती ब्रह्मर्षि विकास परिषद की अोर से हरमू […]

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दिखायी एका. ब्रह्मर्षि विकास परिषद की अोर से हरमू मैदान में सम्मेलन आयोजित
रांची : ब्रह्मर्षि समाज का गौरवमयी इतिहास रहा है. इस समाज के लोगों ने देश के विकास में अपना योगदान दिया है. यह बात राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कही. वह रविवार को स्वामी सहजानंद सरस्वती ब्रह्मर्षि विकास परिषद की अोर से हरमू मैदान में आयोजित सम्मेलन में बोल रही थीं. उन्होंने कहा कि कीर्तिमान रचने के लिए किसी जाति या धर्म की नहीं, बल्कि व्यक्तित्व और संस्कार की जरूरत होती है.
आप ऐसा कार्य करें कि आपके जाने के बाद भी लोग आपकी कृति को याद करें. राज्य को सभी को मिलकर आगे बढ़ाना है. कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर, झामुमो नेता मनोज पांडेय, हजारीबाग से केपी शर्मा, डॉ नागेश्वर सिंह, मृत्युंजय शर्मा सहित अन्य ने भी अपनी बातें रखीं. कार्यक्रम की अध्यक्षता दारोगा सिंह ने की.
संचालन डॉ भीम प्रभाकर और डॉ अंजेश कुमार ने किया. नवल किशोर सिंह ने प्रस्ताव पेश किया, जिसका सभी लोगों ने समर्थन किया. कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए विभिन्न जिलों के पदाधिकारी सहित अन्य सदस्य व अन्य गण्यमान्य लोग आये थे. इस मौके पर भाजपा नेत्री सीमा शर्मा, उमेश राय, रंजन सिंह , अशोक शर्मा ,अरविंद सिंह , जयप्रकाश सिंह ,धर्मेंद्र कुमार ,अभिषेक कुमार , त्रिपुरारी शर्मा ,डॉक्टर अभिषेक, भाजपा नेता सुबोध सिंह गुड्डू सहित अन्य उपस्थित थे .धन्यवाद ज्ञापन सुनील कुमार ने किया.
समाज के इतिहास पर प्रकाश डाला : महाधिवेशन में विशिष्ट अतिथि जगत गुरु डंडी स्वामी अनंतानंद सरस्वती ने समाज के इतिहास पर प्रकाश डाला. पूर्व सांसद डॉक्टर रवींद्र कुमार राय ने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से सामाजिक बुराइयों को खत्म करने का संकल्प लिया जा रहा है, जो एक सराहनीय प्रयास है.
उन्होंने कहा कि समाज में आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक स्तर पर जागरूकता लाने का प्रयास किया जा रहा है. बिहार के पूर्व सांसद अरुण सिंह ने कहा कि गांव, खेत, खलिहान को मजबूत बनाने की जरूरत है. इसके अलावा सांस्कृतिक मूल्यों के क्षरण पर अंकुश लगाने की जरूरत है. सिद्धु -कान्हू मुर्मू विवि के कुलपति मनोरंजन कुमार सिंह ने कहा कि समाज और देश को उत्कृष्ट बनाने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है.
कार्यक्रम में विभिन्न प्रस्ताव पेश किये गये
तिलक व दहेज की मांग महापाप व अधर्म है. समाज इसे निंदनीय कृत मानेगी.
विवाह उत्सव पर वरपक्ष व वधू पक्ष द्वारा मिलकर एक दिवसीय कार्यक्रम एवं प्रीति भोज किया जायेगा.
तिलकोत्सव की प्रथा पर बरात जैसा प्रचलन सामाजिक अपराध के रूप में देखा जायेगा.
श्राद्धकर्म में कुटुंब भोज व ब्रह्मभोज एक ही दिन किया जाये.
किसी भी प्रकार के भोज में नौ से ज्यादा सामग्री नहीं की जायेगी शामिल
सामूहिक यज्ञोपवित्र संस्कार कार्य ग्राम स्तर या शहर में मुहल्ले स्तर पर वर्ष में एक बार किया जाये.
सामूहिक विवाह प्रथा के प्रचलन का प्रयास प्रारंभ किया जाये.
विधवा विवाह को समाज सम्मानपूर्ण विवाह की अनुमति प्रदान करता है.
भोज में प्लास्टिक बोतल पानी, प्लास्टिक पत्तल का उपयोग नहीं किया जाये. पानी के लिए परंपरागत कुंआ के पानी, चापानल,नल या जार में मिलनेवाले जल का इस्तेमाल हो.
सरकार से की गयीं मांगें
राज्य व केंद्र सरकार अपने बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा कृषि के क्षेत्र में खर्च करे सस्ती दर पर बीज आसानी से उपलब्ध हो, इसके लिए स्थायी सरकारी विक्रय केंद्र की व्यवस्था की जाये पूर्ण सिंचाई की सुविधा , बीज उत्पादकों को विशेष सुविधा व संरक्षण दिया जाये, कृषक को प्रति पशुधन अनुदान राशि दी जाये
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