कृषि निदेशालय की 14 अगस्त तक की रिपोर्ट, आधे खेत अब भी खाली, नहीं लगा धान

By Prabhat Khabar Digital Desk
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रांची : झारखंड में इस साल 18 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती का लक्ष्य रखा गया है, पर अब तक करीब नौ लाख हेक्टेयर भूमि (50 फीसदी) पर ही रोपा हो सका है.
कृषि निदेशालय की 14 अगस्त तक की रिपोर्ट के मुताबिक, धनबाद व बोकारो जिले की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है. इन दोनों जिलों में क्रमश: 17.72 फीसदी तथा 18.40 फीसदी खेतों में ही धान लगे हैं.
जानकारों के अनुसार, इन दोनों जिलों में सुखाड़ का असर ज्यादा दिख रहा है. उधर, हजारीबाग (30.20 फीसदी), पलामू (32.21 फीसदी) तथा पूर्वी सिंहभूम (36.00 फीसदी) की हालत भी धान रोपाई के मामले में खस्ता है. किसान चिंतित हैं. दूसरी अोर साहेबगंज में राज्य भर में सर्वाधिक रोपा (88.84 फीसदी) हुआ है. रोपाई के मामले में पाकुड़ (84.39 फीसदी), सिमडेगा (80.32), प.सिंहभूम (73.02) तथा लोहरदगा (70.06 फीसदी) की स्थिति भी बेहतर है.
जिलों में रोपा की स्थिति
जिला रोपा
साहेबगंज 88.84
पाकुड़ 84.39
सिमडेगा 80.32
प.सिंहभूम 73.02
लोहरदगा 70.06
दुमका 61.80
देवघर 58.28
गिरिडीह 56.20
चतरा 53.00
गुमला 52.05
कोडरमा 48.99
सरायकेला 43.54
रांची 43.20
जिला रोपा
गोड्डा 39.80
रामगढ़ 37.35
जामताड़ा 37.30
पू.सिंहभूम 36.00
गढ़वा 34.60
लातेहार 33.68
खूंटी 32.96
पलामू 32.41
हजारीबाग 30.20
बोकारो 18.40
धनबाद 17.72
झारखंड 50.84
(आंकड़े फीसदी में)
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