बिल्डर को 10 खरीदारों को देना होगा दो-दो लाख रुपये जुर्माना

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रांची : झारखंड रियल इस्टेट डेवलपमेंट अथॉरिटी (जेरेरा) ने कचहरी रोड स्थित अनन्या कंस्ट्रक्शन कंपनी पर जुर्माना लगाया है. अनन्या कंस्ट्रक्शन के निदेशक अमित प्रणय कुमार को समय पर फ्लैट नहीं देने के लिए जुर्माना के रूप में सुरेंद्र कुमार उपाध्याय व अन्य नौ खरीदारों में से प्रत्येक को दो-दो लाख रुपये देने का आदेश […]

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रांची : झारखंड रियल इस्टेट डेवलपमेंट अथॉरिटी (जेरेरा) ने कचहरी रोड स्थित अनन्या कंस्ट्रक्शन कंपनी पर जुर्माना लगाया है. अनन्या कंस्ट्रक्शन के निदेशक अमित प्रणय कुमार को समय पर फ्लैट नहीं देने के लिए जुर्माना के रूप में सुरेंद्र कुमार उपाध्याय व अन्य नौ खरीदारों में से प्रत्येक को दो-दो लाख रुपये देने का आदेश दिया गया है. साथ ही तीन महीनों के अंदर फ्लैट का निर्माण पूरा खरीदारों के सुपुर्द करने को भी कहा गया है.
बिल्डर ने अनन्या कंस्ट्रक्शन का जेरेरा में निबंधन भी कराया था. अथॉरिटी ने इस पर नाराजगी प्रकट करते हुए बिल्डर को 14 दिनों के अंदर निबंधन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा है. ऐसा नहीं करने पर प्रतिदिन एक हजार रुपये के हिसाब से पेनाल्टी लगायी जायेगी.
मालूम हो कि अनन्या कंस्ट्रक्शन द्वारा पुंदाग क्षेत्र में मधु एनक्लेव के नाम से बहुमंजिली इमारत का निर्माण कर फ्लैट उपलब्ध कराने के लिए खरीदारों से एकरारनामा किया गया था. निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी बिल्डर ने फ्लैटों का निर्माण पूरा नहीं किया है. खरीदारों ने इसकी शिकायत करते हुए जेरेरा में शिकायत दर्ज करायी थी. गत दो मई को अथाॅरिटी ने मामले में बिल्डर के खिलाफ फैसला सुनाया था.
  • कचहरी रोड स्थित अनन्या कंस्ट्रक्शन ने खरीदारों के साथ हुए एकरारनामा का किया है उल्लंघन
  • जेरेरा ने कंपनी पर लगाया जुर्माना, कहा : तीन माह में फ्लैट का निर्माण पूरा कर खरीदारों को सौंपें
अब तक 70 मामले दर्ज कराये गये : जेरेरा में अब तक कुल 70 मामले दर्ज कराये गये हैं. सभी मामले बिल्डरों द्वारा एकरारनामा की शर्तों का उल्लंघन करने से संबंधित हैं. कई मामलों में बिल्डर ने फ्लैट बना कर समय पर नहीं उपलब्ध कराया है. वहीं, ज्यादातर मामलों में भवन का निर्माण तय शर्तों के अनुरूप नहीं किये जाने की शिकायत है. गठन के सात महीनों में जेरेरा ने एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए आदेश दिया है. शेष मामलों की सुनवाई की प्रक्रिया अभी जारी है.
बिल्डर ने वादा तोड़ा, तो जेरेरा में की जा सकती है शिकायत
जेरेरा का गठन राज्य में रियल इस्टेट के व्यवसाय पर नियंत्रण के लिए किया गया है. बहुमंजिली इमारतों के निर्माण के पूर्व कंस्ट्रक्शन कंपनियों का जेरारा में निबंधन अनिवार्य है. कंस्ट्रक्शन कंपनियों के उपभोक्ता बिल्डरों से संबंधित शिकायतें जेरेरा में दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा रियल इस्टेट का काम करनेवाले लोगों या कंपनियों को भी जेरेरा में अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना है.
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