लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के लिए झारखंड के लोगों को नहीं होना पड़ेगा पैसे का मोहताज : डॉ अंबुज कुमार

Updated at : 20 Apr 2019 9:10 PM (IST)
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लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के लिए झारखंड के लोगों को नहीं होना पड़ेगा पैसे का मोहताज : डॉ अंबुज कुमार

रांची : ‘लेप्रोस्कोपी सर्जरी किसी जटिल बीमारी के ऑपरेशन (शल्य चिकित्सा) को आसान बना देती है, लेकिन निजी क्षेत्र के अस्पतालों में इसके लिए भारी-भरकम फीस वसूली जाती है, जिस कारण आम आदमी इसका लाभ नहीं उठा पाता है. खासकर झारखंड जैसे राज्य के लोगों को जटिल रोगों के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों के […]

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रांची : ‘लेप्रोस्कोपी सर्जरी किसी जटिल बीमारी के ऑपरेशन (शल्य चिकित्सा) को आसान बना देती है, लेकिन निजी क्षेत्र के अस्पतालों में इसके लिए भारी-भरकम फीस वसूली जाती है, जिस कारण आम आदमी इसका लाभ नहीं उठा पाता है. खासकर झारखंड जैसे राज्य के लोगों को जटिल रोगों के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों के भरोसे ही रहना पड़ता है, लेकिन अब यहां के लोगों को इलाज के लिए पैसे का मोहताज नहीं होना पड़ेगा.’ यह कहना है लेप्रोस्कोपिक सर्जन और न्यू लाइफ हॉस्पिटल के डाइरेक्टर डॉ अंबुज कुमार का.

दरअसल, झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड के राजकीयकृत रामनारायण हाई स्कूल से स्कूली शिक्षा और गया कॉलेज गया से 12वीं कक्षा उत्तीण करने के साथ मुंबई से एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले डॉ अंबुज कुमार ने शनिवार को रांची के डोरंडा में न्यू लाइफ हॉस्पिटल एंड एडवांस लेप्रोस्कोपिक एवं स्त्री रोग सेंटर की शुरुआत की है. डॉ अंबुज कुमार बताते है कि मुंबई से एमबीबीएस करने के बाद उन्होंने दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल में तीन साल तक सर्जरी विभाग में अपनी सेवाएं दीं. इसके बाद उन्होंने दिल्ली में ही मैक्स हॉस्पिटल में कंसलटेंट के तौर पर करीब डेढ़ दशक तक अपनी सेवाएं दीं.

उन्होंने कहा कि दिल्ली से रांची आने के बाद मुझे महसूस हुआ कि यहां या तो क्वालिटी सर्जरी की कमी है या फिर उसकी फीस बहुत अधिक है. यह अनुभव होने के बाद मैंने यह अनुभव किया कि यहां एक ऐसा हॉस्पिटल खोला जाए, जिसमें कम फीस में क्वालिटी की सर्जरी की जाए. हम यह चाहते हैं कि हम लोगों को कम बजट में अच्छी से अच्छी सर्जरी की सुविधा दें, ताकि लोगों को दूसरे हॉस्पिटल में न जाना पड़े. उन्होंने कहा कि हमारी यह कोशिश होगी कि यहां के गरीबों को कम बजट में बेहतरीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा सके.

इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि आज की तारीख में आम तौर पर निजी अस्पतालों में सामान्य प्रसव कराने का चलन प्राय: समाप्त हो गया है, लेकिन हमारी यह कोशिश रहेगी कि हम प्रसूतियों का बिना किसी सर्जरी के ही प्रसव कराएं, ताकि बच्चा-जच्चा के साथ उनके परिजनों पर अधिक आर्थिक भार न पड़े. उन्होंने कहा कि इसके लिए हमने स्त्री रोग विशेषज्ञ, लेप्रोस्कोपिक सर्जन आदि की व्यवस्था की है.

उन्होंने बताया कि हमारे अस्पताल में लोगों को पेडिएट्रिक सर्जरी, फिजिशियन केयर, ऑर्थोपेडिक सर्जरी की व्यवस्था की गयी है. उन्होंने कहा कि हम इसे आयुष्मान भारत योजना के तहत लाने का भी प्रयास करेंगे, लेकिन इसके साथ ही किसी मरीज को पैसे के लिए मोहताज नहीं होना पड़ेगा. इस मौके पर डॉ वेद प्रकाश वर्मा, डॉ विनीता कुमारी, हेमन्त कुमार, रमेश अग्रवाल, प्रद्युम्न अग्रवाल आदि समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे.

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