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Lok Sabha Election : झारखंड में आधा से ज्यादा प्रत्याशी NOTA से हारे

Updated at : 17 Apr 2019 4:43 PM (IST)
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Lok Sabha Election : झारखंड में आधा से ज्यादा प्रत्याशी NOTA से हारे

रांची : झारखंड में आधा से ज्यादा प्रत्याशी NOTA (None Of The Above) से हार गये थे. वर्ष 2014 के आम चुनावों में झारखंड की कुल 14 लोकसभा सीट पर 240 प्रत्याशी मैदान में थे. इनमें से 137 को नोटा से भी कम मत मिले. नोटा से हारने वाले 137 उम्मीदवारों में 67 निर्दलीय प्रत्याशी […]

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रांची : झारखंड में आधा से ज्यादा प्रत्याशी NOTA (None Of The Above) से हार गये थे. वर्ष 2014 के आम चुनावों में झारखंड की कुल 14 लोकसभा सीट पर 240 प्रत्याशी मैदान में थे. इनमें से 137 को नोटा से भी कम मत मिले. नोटा से हारने वाले 137 उम्मीदवारों में 67 निर्दलीय प्रत्याशी थे. पिछले लोकसभा चुनाव में झारखंड में सबसे ज्यादा 31 उम्मीदवार धनबाद से चुनाव लड़ रहे थे, तो सबसे कम 9 प्रत्याशियों ने लोहरदगा में किस्मत आजमाया. धनबाद के बाद रांची में सबसे ज्यादा 28 प्रत्याशी थे. धनबाद के 31 में से 21 उम्मीदवार नोटा से हारे, तो रांची में 20 प्रत्याशियों को नोटा ने हरा दिया.

सबसे ज्यादा नोटा सिंहभूम संसदीय सीट पर मतदाताओं ने दबाया. यहां के 12 में से 8 प्रत्याशी नोटा से हार गये. संख्या के लिहाज से देखें, तो धनबाद में नोटा ने सबसे ज्यादा 21 मतदाताओं को पराजित किया. एक और आंकड़े को देखें, तो जमशेदपुर में 80 फीसदी प्रत्याशी नोटा से कम वोट पा सके. यहां 15 में से 12 नेता NOTA को न हरा सके. इनमें 5 निर्दलीय प्रत्याशी थे. बाकी उम्मीदवार आमरा बांगाली, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय देशज पार्टी, झारखंड पार्टी (नरेन), बहुजन समाज पार्टी, सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) और समाजवादी पार्टी से थे.

हालांकि, सबसे ज्यादा नोटा सिंहभूम के मतदाताओं ने दबाया. इस संसदीय सीट पर 7,95,286 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. इनमें से 27,037 वोटर्स ने किसी नेता को अपने मत के लायक नहीं माना और उन्होंने NOTA दबाया. सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत मनोहरपुर विधानसभा के मतदाताओं में सबसे ज्यादा 4,953 और चक्रधरपुर के वोटरों में से 3,443 ने नोटा दबाया.

नोटा दबाने के मामले में गिरिडीह के वोटर सबसे पीछे रहे. यानी सबसे कम वोट गिरिडीह में रद्द हुए. इस संसदीय सीट पर 9,69,997 लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. इसमें से सिर्फ 4,879 लोगों ने नोटा दबाया. बेरमो में सबसे ज्यादा 1,067 वोटर्स ने, तो डुमरी में सबसे कम 710 वोटर्स ने नोटा दबाया. गिरिडीह में कुल 17 प्रत्याशी मैदान में थे, जिसमें 6 नोटा से हारे. इसमें दो निर्दलीय थे. बाकी प्रत्याशी झारखंड दिशोम पार्टी, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, समाजवादी पार्टी और सोशलिस्ट पार्टी (लोहिया) के टिकट पर चुनाव लड़े थे.

राजमहल और गोड्डा में आजसू के उम्मीदवारों को नोटा से कम मत मिले, तो आम आदमी पार्टी को दुमका, गोड्डा, जमशेदपुर और खूंटी में ऐसी परिस्थितियों को सामना करना पड़ा. मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवारों को राजमहल, दुमका, रांची, खूंटी और लोहरदगा में नोटा से कम वोट मिले, तो तृणमूल कांग्रेस को दुमका में. भाकपा माले के प्रत्याशी दुमका, गोड्डा, रांची, लोहरदगा और पलामू में नोटा से पार नहीं पा सके.

कुल उम्मीदवार : 240

नोटा से हारे : 137

निर्दलीय : 67

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