टाटा रोड पर झारखंड हाइकोर्ट ने जतायी नाराजगी, कहा, जांच के नाम पर सीबीआइ ने अब तक खानापूर्ति की
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Mar 2019 7:15 AM
रांची : झारखंड हाइकोर्ट में गुरुवार को रांची-जमशेदपुर राजमार्ग (एनएच-33) की दयनीय स्थिति व फोरलेनिंग कार्य में गड़बड़ी को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. जस्टिस अपरेश कुमार सिंह व जस्टिस अनिल कुमार चाैधरी की खंडपीठ ने सुनवाई के दाैरान सीबीआइ द्वारा प्रस्तुत जांच की स्टेटस रिपोर्ट पर नाराजगी जतायी. खंडपीठ […]
रांची : झारखंड हाइकोर्ट में गुरुवार को रांची-जमशेदपुर राजमार्ग (एनएच-33) की दयनीय स्थिति व फोरलेनिंग कार्य में गड़बड़ी को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. जस्टिस अपरेश कुमार सिंह व जस्टिस अनिल कुमार चाैधरी की खंडपीठ ने सुनवाई के दाैरान सीबीआइ द्वारा प्रस्तुत जांच की स्टेटस रिपोर्ट पर नाराजगी जतायी. खंडपीठ ने कहा कि जांच के नाम पर अब तक सीबीआइ ने मात्र खानापूर्ति की है.
लगभग आठ माह की जांच के दाैरान सिर्फ एनएच के फोरलेनिंग का कार्य करनेवाली ठेका कंपनी के खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज की गयी है, जो सीबीआइ की निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़ा करता है. बैंक के अधिकारियों की भूमिका पर अब तक जांच शुरू नहीं होने से प्रतीत होता है कि जांच में किसी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है.
सीबीआइ की आर्थिक अपराध शाखा जांच करे
खंडपीठ ने कहा कि यह मामला आर्थिक अपराध से जुड़ा हुआ है. सीबीआइ की आर्थिक अपराध शाखा की ओर से इसकी जांच की जानी चाहिए. शपथ पत्र देखने से पता चलता है कि सीबीआइ की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने प्राथमिकी दर्ज की है. क्या सीबीआइ के पास आर्थिक अपराधों की जांच के लिए कोई शाखा नहीं है? यदि आर्थिक अपराध शाखा नहीं है, तो इसकी जानकारी कोर्ट को क्यों नहीं दी गयी?
खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में भारत सरकार की एसएफएआइओ की जांच रिपोर्ट पर सीबीआइ ने प्राथमिकी दर्ज की है. ऐसा लगता है कि गंभीरता से सीबीआइ ने मामले की प्रारंभिक जांच नहीं की है. यदि मामले की सही जांच की गयी होती, तो सिर्फ संवेदक कंपनी के खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती. बैंक के अधिकारियों की भूमिका भी सामने आती. यह सीबीआइ की दुर्भावना भी दर्शाता है.
28 दिनों में कार्यादेश निर्गत कर दिया जायेगा
इससे पूर्व नेशनल हाइवे अॉथोरिटी अॉफ इंडिया (एनएचएआइ) की ओर से खंडपीठ को बताया गया कि एनएच-33 के सभी चरणों का टेंडर निकाल दिया गया है. 28 दिनों में कार्यादेश निर्गत कर दिया जायेगा. फोरलेनिंग सड़क बन जाने के बाद टोल टैक्स की वसूली की जिम्मेदारी संवेदक को नहीं दी जायेगी. एनएचएआइ अपनी एजेंसी से टोल टैक्स वसूल करेगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










