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रांची : सफाई के नाम पर नगर निगम में फर्जीवाड़ा

Updated at : 11 Mar 2019 9:44 AM (IST)
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रांची : सफाई के नाम पर नगर निगम में फर्जीवाड़ा

16 ऐसे सफाईकर्मी हैं, जो बिना काम किये हर माह उठा रहे हैं वेतन रांची : शहर के 20 वार्डों की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के नाम पर रांची नगर निगम हर माह 2.50 करोड़ से अधिक की राशि खर्च कर रहा है. निगम के अधिकारियों की मानें, तो उक्त राशि में से करीब […]

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16 ऐसे सफाईकर्मी हैं, जो बिना काम किये हर माह उठा रहे हैं वेतन
रांची : शहर के 20 वार्डों की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के नाम पर रांची नगर निगम हर माह 2.50 करोड़ से अधिक की राशि खर्च कर रहा है.
निगम के अधिकारियों की मानें, तो उक्त राशि में से करीब 70 लाख रुपये कर्मचारियों के वेतन मद में खर्च होते हैं. इधर, निगम के इस दावे पर अब सवाल उठना शुरू हो गया है. ताजा मामला 16 ऐसे सफाई कर्मचारियों से जुड़ा हुआ है, जो निगम में काम नहीं करते हैं, लेकिन सफाई कर्मचारी के नाम पर इनका नाम दर्ज है. हर माह इनकी हाजिरी बनती है और हर माह इन कर्मचारियों को लाखों रुपये वेतन के मद में दिये जाते हैं.
शिकायत के बाद भी नहीं हुई जांच: फर्जी सफाईकर्मियों के नाम पर निगम से हर माह मोटी रकम वेतन के नाम पर निकाले जाने की शिकायत एक माह पहले निगम के वरीय पदाधिकारियों से की गयी थी, लेकिन कोई जांच नहीं हुई है.
जोनल सुपरवाइजर पर है आरोप: फर्जी सफाईकर्मियों के नाम पर हाजिरी बना कर वेतन निकासी करने का आरोपी निगम का वही जोनल सुपरवाइजर है, जो पूर्व में निगम में ट्रैक्टर लगाने के नाम पर ट्रैक्टर मालिकों से पैसे की वसूली करता था. निगम में ट्रैक्टर लगाने के मामले में वसूली करने वाले इस जोनल सुपरवाइजर की शिकायत नगर आयुक्त तक पहुंची, लेकिन इस मामले को दबा दिया गया. इस जोनल सुपरवाइजर को दो सिटी मैनेजरों का वरदहस्त प्राप्त है. इस कारण किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर इस पर कार्रवाई नहीं होती.
बायोमेट्रिक्स सिस्टम है, लेकिन मैनुअल बनती है हाजिरी : फर्जी कर्मचारी केवल हाजिरी बना कर वेतन न उठा पायें, इसके लिए नगर निगम ने 51 बायोमेट्रिक्स सिस्टम लगाया, लेकिन इन मशीनों के खराब होने का हवाला देकर सुपरवाइजर मैनुअल हाजिरी बनाते हैं. इसमें ऐसे लोगों के नाम पर भी हाजिरी बना दी जाती है, जिसका निगम के सफाई कार्यों से कोई वास्ता नहीं है. महीने के अंत में वेतन इनके अकाउंट में आ जाता है. फिर रकम का एक हिस्सा बाद में संबंधित सुपरवाइजर तक पहुंचता है.
ऐसे हो रही है पैसे की बंदरबांट
रांची नगर निगम में कुल 53 वार्ड हैं. इनमें से 33 वार्डों की सफाई फिलहाल आरएमएसडब्ल्यू कंपनी कर रही है. वहीं 20 वार्डों की सफाई रांची नगर निगम खुद कर रहा है. एक ओर जहां 33 वार्डों की सफाई में रांची आरएमएसडब्ल्यू जहां एक माह में सिर्फ 80 लाख रुपये खर्च करती है. वहीं नगर निगम सिर्फ 20 वार्डों की सफाई पर ही एक माह में 2.50 करोड़ से अधिक की राशि खर्च कर रहा है.
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