झारखंड-बिहार के नक्सलियों तक हथियार पहुंचानेवाले गिरोह का सरगना है नगा नेता कैप्टन आखान सांगथम

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रांची : झारखंड-बिहार में नक्सलियों और उग्रवादियों तक अत्याधुनिक हथियार पहुंचाने वाले गिरोह का सरगना नागालैंड का नगा नेता आखान सांगथम है. वह एनएससीएन आइएम नामक उग्रवादी संगठन का कैप्टन भी है. इस बात का खुलासा नागालैंड से हथियार तस्करी के आरोप में गिरफ्तार सूरज ने पूर्णिया पुलिस की पूछताछ में किया है. मूल रूप […]

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रांची : झारखंड-बिहार में नक्सलियों और उग्रवादियों तक अत्याधुनिक हथियार पहुंचाने वाले गिरोह का सरगना नागालैंड का नगा नेता आखान सांगथम है. वह एनएससीएन आइएम नामक उग्रवादी संगठन का कैप्टन भी है. इस बात का खुलासा नागालैंड से हथियार तस्करी के आरोप में गिरफ्तार सूरज ने पूर्णिया पुलिस की पूछताछ में किया है.
मूल रूप से यूपी का रहनेवाला सूरज कुमार नागालैंड के दीमापुर में सिंह एंड सिंह फर्नीचर फैक्ट्री में काम करता था. उस कंपनी में मुकेश सिंह और संतोष सिंह सामान खरीदने के आये थे. इसके बाद मुकेश सिंह ने सूरज को काम दिलाने के लिए दानापुर (पटना) बुलाया. पटना आने से पहले मुकेश सिंह और संतोष ने नागालैंड में सूरज की मुलाकात आखान सांगथम से करायी थी. दोनों के कहने पर सूरज भी हथियार सप्लाई करने के लिए पेशे में उतर आया.
नागालैंड से हथियार तस्करी करनेवाले लोग हथियार को लकड़ी और गोली को बच्चा कोड वर्ड के नाम से पुकारते हैं.बड़ी मात्रा में हथियारों की खेप पहुंचा चुका है सूरज : पूर्व में नागालैंड से सूरज, मुकेश सिंह के घर चार एके- 47 राइफल और बड़ी मात्रा में गोली पहुंचा चुका है. मुकेश और संतोष के साथ आरा का मंटू सिंह और विपुल भी काम करता है. सूरज के बयान के अनुसार नगा लोग बर्मा के मणिपुर रखरूल के रास्ते से शक्तिमान गाड़ी से हथियार लाते हैं. नागालैंड से बर्मा आने-जाने में एक बार में तीन से चार दिन लगते हैं.
एक बार में तीन से चार हथियार ही लाया जाता है. एक हथियार की कीमत बर्मा में साढ़े तीन से चार लाख रुपये होती है. नागालैंड के हांगकांग मार्केट में रहने वाले बिहार निवासी राजू उर्फ लालू के माध्यम से संतोष और मुकेश, आखान सांगथम को हवाला के जरिये रुपये का भुगतान करते हैं. सूरज के अनुसार अाखान की पहुंच नागालैंड के बड़े- बड़े पदाधिकारियों और आर्मी के लाेगों से है. कभी-कभी चर्च रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा एवं सर्कुलर रोड स्थित एक्सिस बैंक के आखान के एकाउंट में भी मुकेश और संतोष द्वारा रुपये जमा कराये गये हैं.
अब तक 35 से 40 एके-47 भेजा जा चुका है पटना
मुकेश सिंह और संतोष की पहचान एनएससीएन आइएम के टाउन कमांडर पगला नामक व्यक्ति से भी है. उसके साथ ही मिल कर हथियार तस्करी गिरोह से जुड़े लोग 35 से 40 एके- 47 और 45 हजार कारतूस पटना ला चुके हैं.
सूरज के पहले नागालैंड से हथियार लाने का काम बिहार निवासी दो भाई नारायण और दीपनारायण करते थे. राजू का भी संबंध आइएम के टाउन कमांडर पगला और कैप्टन आखान सांगथम से है. उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व सूरज के बयान के आधार पर ही नक्सलियों तक बुलेटप्रूफ जैकेट और अत्याधुनिक हथियार आपूर्ति करनेवाले गिरोह के मुकेश सिंह, त्रिपुरारी सिंह और मुकेश गुप्ता को गिरफ्तार कर चुकी है.
पूर्णिया पुलिस ने मुकेश को अरगोड़ा से और त्रिपुरारी को नेतरहाट से झारखंड पुलिस को गिरफ्तार किया था. दोनों ने भी नागालैंड से झारखंड के नक्सलियों और उग्रवादियों को हथियार सप्लाई करने की जानकारी पूछताछ के दौरान पुलिस को दी थी. पूर्व में सूरज ने भी मुकेश सिंह का नाम पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया था.
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