रांची अटल स्मृति वेंडर मार्केट : 417 फुटपाथ दुकानदारों को मिला स्थायी आसरा, दुकानदारों ने कहा…….
Author Prabhat khabar digital desk
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20 साल बाद साकार हुआ सपना, लॉटरी के जरिये हुआ दुकानों का आवंटन रांची : जयपाल सिंह स्टेडियम के दक्षिणी छोर पर बने अटल स्मृति वेंडर मार्केट में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. गुरुवार को यहां लॉटरी के जरिये कुल 417 फुटपाथ दुकानदारों को दुकानें आवंटित की गयीं. इनमें कचहरी चौक […]
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20 साल बाद साकार हुआ सपना, लॉटरी के जरिये हुआ दुकानों का आवंटन
रांची : जयपाल सिंह स्टेडियम के दक्षिणी छोर पर बने अटल स्मृति वेंडर मार्केट में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. गुरुवार को यहां लॉटरी के जरिये कुल 417 फुटपाथ दुकानदारों को दुकानें आवंटित की गयीं. इनमें कचहरी चौक से लेकर अलबर्ट एक्का चौक तक के फुटपाथ दुकानदार शामिल हैं. हालांकि, जिन्हें वेंडर मार्केट में दुकानें नहीं मिलीं, उन्होंने रांची नगर निगम द्वारा आयोजित लॉटरी प्रक्रिया का विरोध भी किया.
इधर, रांची नगर निगम द्वारा तैयार चिह्नित फुटपाथ दुकानदारों की सूची में जिनका नाम शामिल था, वे सुबह से ही वेंडर मार्केट में जमे हुए थे. लॉटरी निकालने की प्रक्रिया दिन के 11 बजे शुरू हुई, जो देर रात तक जारी रही. इस दौरान अत्यधिक भीड़ होने की वजह से कई बार दुकानदार आपस में ही उलझ गये. प्राप्त जानकारी के अनुसार कुल 417 दुकानों में से 301 लोगों को सिंगल दुकानें, 104 दुकानें टू इन वन और 12 दुकानें थ्री इन वन ऑनर को आवंटित की गयीं. साथ ही दुकानदारों को निर्देश दिया जा रहा था कि जिन लोगों को गुरुवार रात तक दुकानें आवंटित कर दी गयी हैं, वे शुक्रवार से वेंडर मार्केट में निश्चित स्थान पर अपनी दुकानें लगाना शुरू कर दें.
सब्जी व मांस-मछली बेचने वालों को पहले बसाया जाये
लॉटरी प्रक्रिया के बीच में ही टाउन वेंडिंग कमेटी के सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया. कमेटी के सदस्य नागेंद्र पांडेय ने कहा कि मार्केट में केवल कपड़ा, कंबल, जूता, बैग सहित सूखा आइटम बेचनेवालों को दुकानें दी जा रही हैं. जबकि मांस, मछली व सब्जी बेचने वालों को एक भी दुकान नहीं मिली हैं. उन्होंने सब्जी और मांस-मछली बेचनेवालों को जयपाल सिंह स्टेडियम के किनारे बसाने की मांग उठायी.
वेंडर मार्केट के बाहर ही कई दुकानदार धरने पर बैठ गये
लॉटरी के विरोध में कई दुकानदार मार्केट के बाहर धरने पर बैठ गये. उनका कहना था कि वे भी पिछले 20 वर्षों से सड़क किनारे दुकान लगा रहे हैं. पर, नगर निगम की सूची में उनका नाम नहीं है. उन्होंने टाउन वेंडिंग कमेटी के सदस्यों पर मनमानी का आरोप लगाया. कहा कि जिस दुकानदार से पैसे मिले, उसका नाम सूची में डाल दिया गया है. हम गरीब हैं, पैसे नहीं दे सके. इसलिए हमारा नाम सूची से बाहर कर दिया गया है.
स्थायी ठिकाना पाकर फुटपाथ दुकानदारों के चहरे खिले
22 साल से कचहरी चौक के समीप सड़क किनारे दुकान लगा रहा था. अतिक्रमण अभियान के नाम पर रूह कांप जाती थी. कभी इधर, तो कभी उधर दुकान लगाते थे. स्थायी ठिकाना पाकर बहुत खुशी हो रही है.
विनय कुमार पंडित
25 वर्षों से कचहरी रोड में सड़क किनारे भूंजा की दुकान लगाता था. गर्मी, जाड़ा या बरसात हर मौसम में हमें परेशानी होती थी. अब एक स्थायी ठिकाना मिला है. अब यहीं पर अच्छे तरीके से दुकान लगायेंगे.
श्रीनिवास साह
30 वर्षों से कचहरी कमिश्नर ऑफिस के बाहर में दुकान लगाता आ रहा है. सर्दी, गर्मी और बरसात में सड़क किनारे दुकानदारी करना काफी कठिन होता था. अब दुकान मिल गयी है, तो बेहतर तरीके से व्यवसाय करेंगे.
रमेश कुमार निर्झर
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