रांची : बैंक जाकर मोबाइल से लेते थे चेक का फोटो, फिर तैयार करते थे जाली चेक
Updated at : 17 Feb 2019 10:02 AM (IST)
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आलोक ने पूछताछ में पुलिस से कहा : वह किसी भी व्यक्ति का फर्जी हस्ताक्षर कर सकता है पुलिस को विश्वास नहीं हुआ, तो उसने पदाधिकारी का ही हस्ताक्षर करके दिखा दिया रांची : लालपुर पुलिस ने जाली चेक के जरिये 37,90,300 रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार गिरोह के सरगना साकेत सिन्हा […]
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आलोक ने पूछताछ में पुलिस से कहा : वह किसी भी व्यक्ति का फर्जी हस्ताक्षर कर सकता है
पुलिस को विश्वास नहीं हुआ, तो उसने पदाधिकारी का ही हस्ताक्षर करके दिखा दिया
रांची : लालपुर पुलिस ने जाली चेक के जरिये 37,90,300 रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार गिरोह के सरगना साकेत सिन्हा के अलावा आलोक कुमार सोरेन, संदीप पन्ना उर्फ सैंडी और मो अकबर को शनिवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. जेल भेजने से पहले पुलिस अधिकारियों ने साकेत और आलोक से काफी देर तक पूछताछ की.
दोनों ने पुलिस को बताया कि उनका काम बैंक जाकर वैसे लोगों के बारे में रेकी करना था, जो अपना चेक क्लियर कराने बैंक पहुंचते थे. इसके बाद आलोक मोबाइल से हस्ताक्षर किया हुआ चेक का फोटो ले लेता था. जब चेक साकेत को मिलता था, तब वह संबंधित बैंक का दूसरा चेक जुगाड़ करता था. इसके बाद वह संबंधित चेक से खाताधारक का नाम, पता और एकाउंट नंबर मिटा देता था और पहले चेक का खाता नंबर, नाम और पता चेक में प्रिंटर के जरिये डाल देता था.
चेक में संबंधित खाताधारी के फर्जी हस्ताक्षर करने का कामआलोक करता था. आलोक ने यह भी बताया कि वह किसी भी व्यक्ति का फर्जी हस्ताक्षर कर सकता है. पुलिस को उसकी इस बात पर विश्वास नहीं हुआ. तब उसने पूछताछ करनेवाले एक पुलिस अधिकारी का हस्ताक्षर करके दिखा दिया. वहीं दूसरी ओर गिरोह में शामिल संदीप वैसे युवक की तलाश करता था, जो कमीशन लेकर अपने एकाउंट में चेक क्लियर कराने के लिए तैयार हो जाये.
उल्लेखनीय है कि 13 फरवरी को लालपुर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया लालपुर शाखा में खाता धारक मो अकबर अली ने अपने खाते में ज्ञान इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर निर्गत 37,90,300 रुपये का चेक क्लियर कराने के लिए जमा किया था. उक्त चेक की राशि उसके खाते में ट्रांसफर की जा चुकी थी. इसके बाद लाजपत नगर दिल्ली से बैंक अधिकारियों को सूचना मिली कि उक्त चेक फर्जी है.
सूचना मिलने पर एसएसपी अनीश गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लिया. उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए मो अकबर अली के खाते से ट्रांजेक्शन पर रोक लगा दिया. खाताधारक मो अकबर अली को बाद में केवाइसी जांच के लिए बैंक में फोन कर बुलाया गया. इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया. पूछताछ में उसने पुलिस को ठगी में शामिल अन्य लोगों का नाम बताया. इसके बाद पुलिस ने शुक्रवार को छापेमारी कर सभी को गिरफ्तार कर लिया.
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