रांची : गांवों में अब पेवर ब्लॉक की बनेंगी सड़कें, मुखिया भी होंगे सशक्त : सीएम

Updated at : 13 Feb 2019 8:28 AM (IST)
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रांची : गांवों में अब पेवर ब्लॉक की बनेंगी सड़कें, मुखिया भी होंगे सशक्त : सीएम

एक दिवसीय सम्मेलन सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में जमा हुए राज्य भर के मुखिया, पंचायती राज विभाग ने किया था आयोजन रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि गांवों के लिए तीन नयी योजनाएं शुरू की जायेंगी. इसके तहत अब कंक्रीट की सड़क की जगह पेवर ब्लॉक की सड़कें बनेंगी. इससे सड़क सुंदर दिखेगी. कीचड़ […]

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एक दिवसीय सम्मेलन सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में जमा हुए राज्य भर के मुखिया, पंचायती राज विभाग ने किया था आयोजन
रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि गांवों के लिए तीन नयी योजनाएं शुरू की जायेंगी. इसके तहत अब कंक्रीट की सड़क की जगह पेवर ब्लॉक की सड़कें बनेंगी. इससे सड़क सुंदर दिखेगी. कीचड़ भी नहीं होगा. पानी भी रिचार्ज होगा.
दूसरी योजना के तहत गांवों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी. एक साल के अंदर में गांव-गांव तक पानी पहुंचाया जायेगा. गांवों की सड़कों पर स्ट्रीट लाइट एलइडी लगेंगे. गांव रोशन होगा. यानी गांव वालों को भी शहर की तरह सुविधा मिलेगी. उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारियों से कहा कि 15 दिनों में काम शुरू करा दें.
मुखिया का अधिकार होगा कि वे 14वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग कर यह काम करायें. मुख्यमंत्री मंगलवार को धुर्वा गोल चक्कर के पास स्थित जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में राज्य भर के मुखिया के लिए आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में बोल रहे थे. कार्यक्रम का आयोजन पंचायती राज विभाग ने किया था.
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि उनके जीवन का ध्येय गांव-गांव का विकास है. विकास की गंगा हर गांव तक बहे, हर घर में विकास पहुंचे, गांवों में विकास की गंगा बहे, यह मुखिया के बिना संभव नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मुखिया विकास में उनका साथ दें. उन्होंने कहा कि हम शासक नहीं हैं. शासक अंग्रेज हुआ करते थे. हम सेवक हैं और सेवक की भूमिका में ही जनप्रतिनिधियों को रहना चाहिए.
यह न भूलें कि हमें जनता ने चुना है. कोई अच्छा काम किया था हमने और यह सौभाग्य की बात है कि हम जनप्रतिनिधि हैं. सारे मुखिया को कहा कि हम कुछ जनता के लिए कर सकते हैं. यह बड़ी बात है. जनता ने आपको ही क्यों चुना है, यह सोचें. इसलिए जनता की इच्छा पर खरा उतरें, ताकि कीर्तिमान का झंडा फहरा सकें. जनता वर्षों तक अापका नाम ले. आप मुखिया से एमएलए, एमपी, मंत्री और फिर मंत्री बनें.
ये अधिकारी भी मौजूद थे कार्यक्रम में : मौके पर कृषि सचिव पूजा सिंघल ने सारे मुखिया को पीएम सम्मान निधि योजना व मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना से अवगत कराया. पंचायती राज सचिव प्रवीण टोप्पो ने अतिथियों का स्वागत किया.
कार्यक्रम में पेटरवार के मुखिया अजय सिंह, रामगढ़ की मुखिया देवंती देवी, दुंदुनगिया, धनबाद के मुखिया विकास महतो ने भी अपने विचार रखे. इस अवसर पर ग्रामीण विकास के प्रधान सचिव अविनाश कुमार, मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी सहित विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य अफसर व मुखिया मौजूद थे.
सीएम ने और जो कहा
आदिवासी विकास समिति व ग्राम विकास समिति के गठन का उद्देश्य केवल विकास है.
सामंजस्य से उपलब्धि मिलेगी, टकराहट से नहीं.
मुखिया के अधिकार में कटौती नहीं होगी, उन्हें पूरा सम्मान मिलेगा.
मुखिया पंचायत स्वयं सेवकों का सहयोग लें.
24 में से 19 जिले पिछड़े हैं, जो दाग है. उनका विकास करना है.
गांव, गरीब, आदिवासी, दलित, शोषित के जीवन में बदलाव जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी व जनता के सहयोग से लाना है.
बचे हुए एक लाख घरों तक मार्च 2019 तक बिजली पहुंच जायेगी. 10 हजार घर और 247 गांव जो दुर्गम स्थान में बसे हैं, वहां सोलर लाइट पहुंचेगी.
पीएम किसान योजना व सीएम कृषि आशीर्वाद योजना से 22 लाख किसानों को लाभ मिलेगा.
एक सप्ताह में राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष बनायेंगे.
मुखिया को और शक्ति मिलेगी, अच्छा काम करनेवाले सम्मानित होंगे.
अनजाने में हुई गलती एक बार माफ करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बातें मुखिया संघ की ओर से आयी है कि अनजाने में गलती पर कई मुखिया पर कार्रवाई हो गयी है. उनके वित्तीय अधिकार जब्त हुए हैं और निलंबित किया गया है. मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि एक बार अनजाने में हुई गलती को माफ करें, लेकिन मामला गंभीर है, तो विधि सम्मत कार्रवाई होगी. मुखिया संघ की मांगों पर उन्होंने कहा कि संघ सात मुखिया की टीम बनायें और विभागीय सचिव के साथ बैठक कर 15 दिनों में सारे मामलों का निबटारा करें.
सबसे अधिक दायित्व मुखिया की : नीलकंठ
ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि विकास के कार्य में सबसे अधिक दायित्व मुखिया की है. मुखिया के ही माध्यम से योजनाएं धरातल पर उतरती हैं. झारखंड में 95 फीसदी गांव हैं.
मुखिया संघ की मांगों पर उन्होंने सहमति जताते हुए मनरेगा के कार्यों में पांच लाख तक की योजनाअों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति देने का अधिकार मुखिया को देने की बात कही. पंचायतों में खर्च के लिए राशि की व्यवस्था करने का भी आश्वासन दिया. मुखिया भवन के लिए जमीन उपलब्ध कराने पर विचार करने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि काम करते हैं, तो समस्याएं आती हैं. त्रुटियां होती हैं. इसका निराकरण होगा. हर पंचायत के एक गांव का विकास होगा.
मुखिया सांसद-विधायक की तरह, गरिमा बनी रहे : विकास आयुक्त
विकास आयुक्त डॉ डीके तिवारी ने कहा कि मुखिया सांसद व विधायक की तरह हैं. उनकी गरिमा बनाये रखनी है. उन्होंने कहा कि मुखिया के मामलों पर सरकार गंभीर है. मुखिया को शक्तिशाली बनाना है.
उनकी समस्या सुलझानी है. मुखिया को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने पहल की है. सरकार आपको और शक्ति देगी, ताकि विकास और हो सके. विकास आयुक्त ने सरकार द्वारा पंचायतों के लिए बनायी गयी तीन नयी योजनाएं पेवर ब्लॉक की सड़क, पेयजल योजना व सड़कों पर स्ट्रीट लाइट से सारे मुखिया को अवगत कराया.
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