रांची : तय समय सीमा में हो नक्शा पास, नहीं तो दंडात्मक कार्रवाई करें : सीपी सिंह
Updated at : 16 Dec 2018 10:19 AM (IST)
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रांची : नगर विकास व आवास विभाग के मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि नक्शा पास करने का समय तय हो और तय समय सीमा के अंदर ही नक्शा पास किया जाये. कोई भी व्यक्ति रिटायर होने के बाद मकान बनाना चाहता है, तो उसे यह ज्ञात हो कि उसका नक्शा कितने दिनों में बनेगा. […]
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रांची : नगर विकास व आवास विभाग के मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि नक्शा पास करने का समय तय हो और तय समय सीमा के अंदर ही नक्शा पास किया जाये. कोई भी व्यक्ति रिटायर होने के बाद मकान बनाना चाहता है, तो उसे यह ज्ञात हो कि उसका नक्शा कितने दिनों में बनेगा. लोगों को इसके लिए परेशान न होना पड़े, यह विचार करने की जरूरत है. मंत्री ने कहा कि तय समय में नक्शा पास न होने पर संबंधित अफसरों पर दंडात्मक कार्रवाई करें. मंत्री शनिवार को प्रोजेक्ट भवन सचिवालय में रेरा-अचल संपत्ति में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व का एक नया युग विषय पर आयोजित क्षेत्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे.
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि रेरा (रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) कानून महत्वपूर्ण है. कानून बनाने के पीछे नीयत यह होती है कि इसका लाभ लोगों को मिले, लेकिन कभी-कभी लोगों को नुकसान हो जाता है.
कानून अधिकारी बनाते हैं, हम तो केवल उस पर साइन करते हैं. मंत्री ने कहा कि अपार्टमेंट का नक्शा पास होने पर कम से कम निकाय कार्यालय के सामने डिस्पले कर दिया जाये, ताकि सबको पता चले कि नक्शा कितने तल्ले का बना है. ऐसे में आमलोगों को ठगा नहीं जा सकेगा. उन्होंने कहा कि खरीदारों का कोई संगठन नहीं होता. वे दौड़ते रह जाते हैं. ऐसे में उनका प्लेटफॉर्म हो, जिसके माध्यम से वे अपनी बातें रखें.
मंत्री ने कहा कि कुछ लेकर काम करने की मानसिकता से अफसरों को उबरना होगा. विधि सम्मत है, तो तत्काल काम करें. नहीं तो मना कर दें. उन्होंने कहा कि अॉक्यूपेंसी सर्टिफिकेट देने की प्रक्रिया को सरल करें. कार्यक्रम का आयोजन आवास और शहरी मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से किया गया था. अचल संपत्ति नियामक प्राधिकरण झारखंड के अफसर मौके पर मौजूद थे. इसमें 12 राज्यों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
अब नक्शा 30 दिनों में पास होगा : केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि रेरा लागू होने से अब नक्शा 30 दिनों में पास होगा. पहले नक्शा पास करने के क्षेत्र में किसी तरह का अनुशासन नहीं था.
अब आठ फ्लैट से ज्यादा का होने पर बिना रेरा में रजिस्ट्रेशन कराये कोई बेच नहीं सकता है. रेरा में सारा कुछ घोषित करना होगा. खरीदार जितना जगह लेंगे, उतना ही पैसा देना होगा. बिल्डरों को अपार्टमेंट बनाने के लिए 70 फीसदी पैसा रखना होगा. खरीदारों की भी जिम्मेदारी तय रहेगी. उन्हें समय से पैसा देना होगा. अब शुरुआत से ही सारा कुछ ठीक रहेगा. यानी रियल इस्टेट बिजनेस ईमानदारी से चलेगा. सबकी जिम्मेदारी तय होगी, अन्यथा जेल भी जाना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि रेरा कानून के आने के बाद रियल एस्टेट इंडस्ट्री का भी प्रमोशन हुआ है और हमारे यहां भी कई ऐसे मामले आये हैं, जिसमें खरीदारों को न्याय मिला है.
कार्यशाला में ये हुए शामिल : केंद्र सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार अनुपम मिश्रा, राज्य सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के विशेष सचिव बीपीएल दास, डायरेक्टरेट ऑफ म्यूनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन के निदेशक आशीष सिंहमार, स्टेट अरबन डेवलपमेंट एजेंसी के निदेशक अमित कुमार, स्टेट चीफ टाउन प्लानर गजानंद राम, नगर विकास एवं आवास विभाग के कई संयुक्त सचिव, उपसचिव ,उपनिदेशक, जुडको के पदाधिकारी, रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन लिमिटेड के पदाधिकारी और 12 राज्यों से आये नगर विकास एवं आवास विभाग के पदाधिकारी मौजूद रहे. कार्यशाला में द कंफेडरेशन अॉफ रियल इस्टेट डेवलपमेंट अॉथोरिटी अॉफ इंडिया(क्रेडाइ) व बैंक के प्रतिनिधि भी शामिल हुए.
अलग-अलग सत्रों में हुई कार्यशाला : मौके पर प्रोटेक्शन अॉफ होम बायर इंटरेस्ट्स एंड एजेंट्स रिस्पांसिबिलिटी विषय पर रेरा महाराष्ट्र के चेयरमैन गौतम चटर्जी की अध्यक्षता में प्रतिनिधियों ने अपनी बातें रखीं. इसमें कीर्ति व्यास, स्वरूप महापात्रा, अभय उपाध्याय, गजेंद्र अग्रवाल, जयशील दास, संदीप अग्रवाल, विमलेंगू प्रधान, महेश सोमानी ने अपनी बातें रखी. उन्होंने रेरा के बारे में विस्तार से जानकार दी. खरीदारों की सुरक्षा पर बातें हुईं. फिर अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों ने डेवलपर्स के सहयोग के लिए बेहतर पारदर्शिता की जरूरत पर अपनी बातें रखीं. इसमें नरेंद्र कुमार, मनोज कुमार त्रिपाठी, कुमुद झा, कौशल कुमार सिंह, आनंद सिंघानिया, नितिन रंजन नंदा व मनीष जैन ने अपनी बातें रखीं. अन्य सत्रों में भी बिल्डर्स व अन्य ने अपनी बातें रखीं.
भ्रष्टाचार का खात्मा होगा
सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि रेरा का काम ट्रिब्यूनल करेगा. उन्होंने कहा कि देश भर में शहरी क्षेत्र में आवास खरीदने के इच्छुक लोग अक्सर निर्माण कंपनियों और एजेंट के द्वारा ठगी के शिकार होते थे. मॉनिटरिंग की कोई एजेंसी नहीं होने के कारण अच्छे बिल्डर और अच्छी कंपनियां भी शर्म से सहमी रहती थी. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र से भ्रष्टाचार का खात्मा होगा.
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