आंदोलन को और तेज करेंगे पारा शिक्षक, 25 से मंत्री व भाजपा विधायक-सांसद का घरेंगे आवास
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :22 Nov 2018 7:23 AM (IST)
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एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने लिया निर्णय, मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी लड़ाई पारा शिक्षक आज से बीआरसी के समक्ष दो दिनों तक देंगे धरना पलामू प्रमंडल के शिक्षक आज परिवार के साथ गिरफ्तारी देंगे पारा शिक्षकों ने कहा, टेट पास अभ्यर्थियों को विद्यालयों में नहीं करने देंगे योगदान रांची : राज्य के […]
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एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने लिया निर्णय, मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी लड़ाई
पारा शिक्षक आज से बीआरसी के समक्ष दो दिनों तक देंगे धरना
पलामू प्रमंडल के शिक्षक आज परिवार के साथ गिरफ्तारी देंगे
पारा शिक्षकों ने कहा, टेट पास अभ्यर्थियों को विद्यालयों में नहीं करने देंगे योगदान
रांची : राज्य के हड़ताली पारा शिक्षकों ने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है. पारा शिक्षक अपनी मांगों को लेकर 25 नवंबर से राज्य के सत्तापक्ष के विधायक, सांसद व मंत्री के आवास का अनिश्चितकालीन घेराव करेंगे. संबंधित विधानसभा क्षेत्र के पारा शिक्षक अपने-अपने विधायक व मंत्री के आवास का घेराव करेंगे. मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
पलामू प्रमंडल को छोड़कर अन्य प्रमंडलों के पारा शिक्षक 22 से 24 नवंबर तक बीआरसी के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेंगे. पलामू प्रमंडल के शिक्षक 22 नवंबर को अपने-अपने थाना क्षेत्र में परिवार के साथ गिरफ्तारी देंगे और जेल भेजने की मांग करेंगे. एकीकृत पारा शिक्षक संघ के संजय दुबे ने बताया कि सरकार पारा शिक्षकों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है.
उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षक पात्रता परीक्षा सफल अभ्यर्थी पारा शिक्षकों की जगह विद्यालय में योगदान नहीं देंगे. सरकारी शिक्षक पहले ही पारा शिक्षकों की जगह विद्यालय में प्रतिनियुक्ति का विरोध कर रह रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर किसी विद्यालय में शिक्षक पात्रता परीक्षा सफल अभ्यर्थी योगदान देते हैं, तो पारा शिक्षक उनका विरोध करेंगे. शिक्षक पात्रता परीक्षा सफल अभ्यर्थियों को पारा शिक्षक विद्यालयों में योगदान नहीं देने देंगे.
विद्यालयों में ठप है पठन-पाठन
एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा का कहना है कि राज्य के शत-प्रतिशत पारा शिक्षक हड़ताल पर हैं. पारा शिक्षकों की हड़ताल से विद्यालयों में पठन-पाठन ठप है. राज्य के हजारों विद्यालयों का ताला नहीं खुल रहा है. वैसे विद्यालय जो पूरी तरह से पारा शिक्षकों के भरोसे हैं, उन विद्यालय में पठन-पाठन पूरी तरह ठप है.
रांची : सेना के जवान न केवल देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा का दायित्व निभाते हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर सामाजिक सरोकार में भी दायित्व निभाते हैं.
इसका नजारा बुधवार को सेक्टर दो स्थित मिडिल स्कूल जगन्नाथपुर में देखने को मिला. पारा शिक्षकों के बेमियादी हड़ताल पर चले जाने से बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ रहा है. ऐसे में सीआरपीएफ 133वीं वाहिनी के जवान (ये नक्सल विरोधी अभियान के लिए हैं) ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए मिडिल स्कूल जगन्नाथपुर में बच्चों को पढ़ाया. 133वीं वाहिनी के अधिकारी व जवान वाहिनी के कमांडेंट संजय कुमार सिंह की अगुवाई में सरकारी ड्यूटी से अतिरिक्त समय निकाल कर उक्त स्कूल में गये़
स्थायीकरण व वेतनमान में कोई बाधा नहीं : मोर्चा
रांची : एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने कहा है कि पारा शिक्षकों के स्थायीकरण व वेतनमान देने में कोई बाधा नहीं है. पारा शिक्षकों की मांगों को लेकर गठित कमेटी ने सरकार को गलत जानकारी दी है. मोर्चा के संजय दुबे ने कहा कि पारा शिक्षक सरकारी शिक्षक के समान वेतन व सरकारीकरण की मांग नहीं कर रहे हैं. वे बिहार व छत्तीसगढ़ की तर्ज पर 5200 से 20 हजार वेतनमान देने की मांग कर रहे हैं.
इसके अलावा पारा शिक्षक स्थायीकरण के नाम पर 60 वर्ष तक की सेवा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं. मोर्चा का कहना है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा सफल पारा शिक्षकों को सरकारी शिक्षक के रूप में नियुक्त किया जाये. उन्होंने कहा कि पारा शिक्षक अपना पक्ष सरकार के समक्ष रखने को तैयार हैं.
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