रांची : पहाड़ी मंदिर में अब तक हुए खर्च का ऑडिट जरूरी

Updated at : 30 Sep 2018 8:51 AM (IST)
विज्ञापन
रांची : पहाड़ी मंदिर में अब तक हुए खर्च का ऑडिट जरूरी

रांची : पहाड़ी मंदिर कुछ माह से सुर्खियों में है. चाहे दानपेटियों के 2़ 5 लाख रुपये से ज्यादा के नोट बर्बाद होने का मामला हो या फिर अन्य. उपायुक्त पहाड़ी मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष हैं और एसडीओ सचिव हैं. इसके बावजूद पहाड़ी मंदिर की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इससे शहर […]

विज्ञापन
रांची : पहाड़ी मंदिर कुछ माह से सुर्खियों में है. चाहे दानपेटियों के 2़ 5 लाख रुपये से ज्यादा के नोट बर्बाद होने का मामला हो या फिर अन्य. उपायुक्त पहाड़ी मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष हैं और एसडीओ सचिव हैं. इसके बावजूद पहाड़ी मंदिर की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इससे शहर के स्थानीय विधायक सह नगर विकास मंत्री सीपी सिंह भी आहत हैं. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि पहाड़ी पर झंडा लगाने में कितना खर्च हुआ और व्यवस्था के नाम पर कितने खर्च किये गये हैं, इसका ऑडिट जरूरी है. पहाड़ी मंदिर बजे, इसका विकास हाे, यह प्रभात खबर भी चाहता है. प्रभात खबर ने इस मुद्दे पर नगर विकास मंत्री सीपी सिंह से बातचीत की. आइये जानते हैं उन्होंने क्या कहा.
व्यवस्था देखना कमेटी का काम है
मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि पहाड़ी मंदिर में कमेटी बनी हुई है. कमेटी में डीसी व एसडीओ शामिल हैं. पहाड़ी मंदिर का कैसे विकास हो, यह देखना कमेटी का काम है. कमेटी में कोई भी रहे, मंदिर की व्यवस्था को दुरुस्त रखना कमेटी का काम है. यह आम नागरिक की जिम्मेदारी नहीं है. भक्त दान देते हैं. उस राशि का सदुपयोग कैसे हो, यह भी सुनिश्चित हो.
दान की राशि का सड़ जाना दुखद: भक्तों द्वारा दान दिये गये नोटों का सड़ जाना दुखद है. पैसों को रखने का कोई इंतजाम था या नहीं. दान पेटी थी, तो पैसे कैसे सड़ गये. तीन-चार माह में पैसों का सड़ जाना आश्चर्यजनक है. श्रद्धालुओं के पैसे का अनादर किया जाना अच्छी बात नहीं है. इस पर ध्यान देने की जरूरत है.
झंडा लगाने के पहले मिट्टी की जांच हुई क्या : मंत्री श्री सिंह ने कहा कि झंडा लगाने से पहले पहाड़ी मंदिर की मिट्टी जांच हुई थी क्या? अगर जांच हुई, तो क्या जांच पदाधिकारियों ने नहीं बताया था कि पहाड़ी मंदिर की मिट्टी कैसी है. झंडा लगाने से पहाड़ी मंदिर का ढांचा प्रभावित हुआ. इसका उदाहरण आज देखने को मिल रहा है. बरसात में भू-स्खलन भी हुआ. काम शुरू करने से पहले पहाड़ी में कितना दबाव आयेगा, इसकी समीक्षा होनी चाहिए थी. पहाड़ी मंदिर से सबकी आस्था जुड़ी है. इसे पर्यटकों के लिए विकसित करना चाहिए. श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देना समिति का काम है.
कमेटी में राजनीति नहीं होनी चाहिए: मंत्री श्री सिंह ने कहा कि पहाड़ी मंदिर की कमेटी में कौन रहे और कौन नहीं रहे, यह मैं नहीं जानता. कमेटी के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. चूंकि, यह धर्म का मामला है. पुजारियों व कर्मियों को वेतन समय पर मिले. पूजन सामग्री की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola