रांची : 129 कैदी होंगे रिहा, राज्‍य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक में दी गयी मंजूरी

Updated at : 26 Sep 2018 6:51 AM (IST)
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रांची : 129 कैदी होंगे रिहा, राज्‍य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक में दी गयी मंजूरी

रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में हुई राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक में 129 कैदियों को रिहा करने की मंजूरी दी गयी. इसमें दो महिला समेत अनुसूचित जनजाति के 65 और 60 वर्ष से अधिक आयु के 13 कैदी शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी […]

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रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में हुई राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक में 129 कैदियों को रिहा करने की मंजूरी दी गयी. इसमें दो महिला समेत अनुसूचित जनजाति के 65 और 60 वर्ष से अधिक आयु के 13 कैदी शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के आदर्शों के अनुरूप आचरण और शुचिता से नये भारत का निर्माण होगा. मानवता के नाते जेलों में बंद वैसे कैदी जिनका आचरण अच्छा है या उम्र ज्यादा हो गयी है, उन्हें छोड़ा जाये.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेल में शुचिता पूर्ण जीवन जी रहे कैदियों को छोड़ने का आह्वान किया है. जिन कैदियों को छोड़ने पर फैसला हो गया है, उन्हें अच्छा और नया जीवन शुरू करने के लिए प्रेरित करें. उन्हें सुधरने का एक मौका दें. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष पर ऐसे कैदियों को छोड़ने की जरूरत है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के दिन इसका फैसला किया गया है.
सजा की अवधि से ज्यादा समय से बंद कैदियों की सूची तैयार करें : मुख्यमंत्री ने कहा कि जेलों में बंद ज्यादातर लोग गरीब व अशिक्षित हैं, जिन्हें बेल लेने या मुकदमा करने का पूरा ज्ञान नहीं है. झारखंड में आदिवासी, अनुसूचित जाति समाज के लोग अशिक्षा के कारण सजा पूरी होने के बाद भी जेलों में ही बंद हैं. कई तो ऐसे छोटे-छोटे जुर्म में बंद हैं, जिनकी सजा भी नहीं होती है.
सजा होती भी है, तो उसकी कुल अवधि से ज्यादा समय से जेल में बंद हैं. वैसे कैदियों की एक सूची बनाकर एक माह में सौंपे. सरकार अपना वकील देकर उन्हें रिहा करायेगी. आज की बैठक में कुल 137 मामले आये. इसमें पांच को निरस्त व तीन को स्थगित किया गया.
मुख्यमंत्री ने राज्य की जेलों में नियमित रूप से छापेमारी करने और वहां सूचना तंत्र मजबूत करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि संगठित अपराध और अपराधियों पर विशेष नजर रखें. बैठक में गृह विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार बर्णवाल, डीजीपी डीके पांडेय, कारा महानिरीक्षक वीरेंद्र भूषण, सहायक कारा महानिरीक्षक दीपक कुमार विद्यार्थी समेत पर्षद के अन्य मौजूद थे.
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