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आयुष्मान भारत योजना : सरकारी या निजी अस्पताल का चयन लाभुक की मर्जी पर, जानिए कैसे और किन्‍हें मिलेगा लाभ

Updated at : 23 Sep 2018 6:44 AM (IST)
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आयुष्मान भारत योजना : सरकारी या निजी अस्पताल का चयन लाभुक की मर्जी पर, जानिए कैसे और किन्‍हें मिलेगा लाभ

अब पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त आज झारखंड के लिए गौरव का दिन है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘आयुष्मान भारत’ की शुरुआत झारखंड की राजधानी से करने जा रहे हैं. ‘आयुष्मान भारत’ का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है. इसके तहत लाल और […]

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अब पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त
आज झारखंड के लिए गौरव का दिन है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘आयुष्मान भारत’ की शुरुआत झारखंड की राजधानी से करने जा रहे हैं. ‘आयुष्मान भारत’ का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है. इसके तहत लाल और पीला कार्डधारी परिवार एम्स समेत देश के किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती होकर पांच लाख रुपये तक का इलाज करा सकेंगे. उनका पूरा इलाज कैशलेस होगा. देश के 10.74 करोड़ बीपीएल परिवारों (झारखंड में 54 लाख बीपीएल परिवारों) को इस योजना का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा. ‘आयुष्मान भारत’ योजना की लांचिंग को लेकर प्रस्तुत है प्रभात खबर की यह विशेष प्रस्तुति.
रांची : स्वास्थ्य बीमा की सबसे बड़ी योजना आयुष्मान भारत की शुरुआत 23 सितंबर से हो रही है. झारखंड से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों शुरू हो रही इस योजना का लाभ झारखंड के उन 57 लाख परिवारों को मिलेगा, जो परिवार खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम से जुड़े हैं तथा जिनके पास राशन कार्ड है. इसके साथ अाधार नंबर भी जरूरी होगा. यानी राशन कार्ड से ही अनुदानित दर पर अनाज तथा नि:शुल्क स्वास्थ्य बीमा का लाभ लिया जा सकता है. यदि किसी कारण से राशन कार्ड न हो, तो वोटर आइडी कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस भी मान्य होंगे.
पांच लाख रुपये के इस स्वास्थ्य बीमा के लिए लाभुक परिवार को कोई प्रीमियम नहीं देना है. यह योजना पूरी तरह कैशलेस यानी नि:शुल्क है. इसमें इलाज के साथ-साथ दवा तथा रहने-खाने का खर्च भी शामिल है. इसका लाभ 1350 तरह की पूर्व निर्धारित बीमारियों के लिए तभी मिलेगा, जब मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़े. लाभुक परिवार अपने किसी बीमार सदस्य के इलाज के लिए किसी भी सूचीबद्ध सरकारी या निजी अस्पताल में जाने को स्वतंत्र है. योजना शुरू होने से पहले सरकार अस्पतालों को न्यूनतम स्वास्थ्य सुविधाओं के आधार पर सूचीबद्ध कर रही है. अब तक राज्य के 206 सरकारी अस्पतालों को सूचीबद्ध कर लिया गया है. वहीं कुल 365 निजी अस्पतालों के आवेदन सूचीबद्ध होने के लिए प्रक्रियाधीन हैं. हालांकि लाभुक परिवार दूसरे राज्यों के सूचीबद्ध अस्पताल में भी अपना इलाज करा सकता है. योजना के संबंध में किसी तरह की शिकायत टॉल फ्री नंबर 14555 पर दर्ज करायी जा सकती है.
कैसे मिलेगा लाभ : लाभुक परिवार को सूचीबद्ध अस्पताल जाना होगा, जिसकी सूची सरकार सार्वजनिक करेगी. वहीं इस योजना से संबद्ध अस्पतालों को आयुष्मान भारत का बोर्ड भी लगाना है. वहीं सभी सूचीबद्ध अस्पतालों में आयुष्मान भारत के लाभुकों के लिए अलग काउंटर (कियोस्क) होगा. वहां लाभुकों की सहायता के लिए एक आयुष्मान मित्र भी होगा. इस काउंटर से लाभुक परिवार को हर सहायता मिलेगी.
कैसे अस्पताल सूचीबद्ध होंगे : जिनके पास कम से कम 10 बेड की सुविधा हो. इसके अलावा डिस्पेंसरी, ब्लड बैंक व एंबुलेंस की अपनी या किसी अन्य से लिंक व्यवस्था हो. इसके अलावा जिन बीमारियों के इलाज के लिए सूचीबद्ध होना है, उसके विशेषज्ञ चिकित्सक भी होने चाहिए.
गड़बड़ी कैसे रुकेगी : योजना से संबद्ध अस्पतालों को मरीज, इसकी बीमारी तथा इसके खर्च का पूरा ब्योरा अॉनलाइन भरना है. सूत्रों के अनुसार, यह ऐसी व्यवस्था है, जिसमें यदि अस्पतालों ने फर्जीवाड़ा किया, तो उन्हें बचना मुश्किल होगा. अॉनलाइन दिये गये ब्योरे अपने आप में सबूत होंगे, जिनके आधार पर अस्पताल को काली सूची में डालने सहित अन्य कार्रवाई होगी.
दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा संबंधी तथ्य
झारखंड के कुल 68 लाख परिवारों में से 57 लाख परिवार इसयोजना से जुड़ गये हैं. आयुष्मान भारत का लाभ राशन कार्ड, सरकार द्वारा जारी कोई अन्य पहचान पत्र (वोटर आइडी, ड्राइवंग लाइसेंस या अन्य) तथा प्रधानमंत्री के संदेश कार्ड के जरिये लिया जा सकता है. लाभुकों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाअों के लिए एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ेगा. मरीज को चिकित्सक की सेवा, दवा, कोई भी जांच तथा भोजन की सुविधाएं नि:शुल्क मिलेगी. योजना के तहत इलाजके लिए अधिकतम तय राशि पांच लाख रुपये है. योजना का लाभतभी मिलेगा, जब मरीज को अस्पताल में भर्ती करना पड़े. कुछ जन्मजात बाहरी रोग, कॉस्मेटिक सर्जरी, टीकाकरण, प्रजनन संबंधी उपचार व कुछ अन्य बीमारियों को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है. लाभुक परिवार अपन किसी पारिवारिक सदस्य के इलाज के लिए राज्य या राज्य के बाहर किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल का चयनकर सकता है. किसी लाभुक परिवार में जन्म लेने वाला कोई भी बच्चा अपने आप इस योजना से जुड़ जायेगा. लाभुक परिवार के सदस्यों की कोई उम्र सीमा या अधिकतम संख्या नहीं है. ज्यादा जानकारी के लिए टॉल फ्री नंबर 14555 पर या जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति के पास दर्ज करायी जा सकती है.
आयुष्मान भारत में सूचीबद्ध होने के लिए 603 अस्पतालों का आवेदन आया
रांची : आयुष्मान भारत योजना के तहत झारखंड में सूचीबद्ध होने के लिए कुल 603 अस्पतालों ने आवेदन दिया है. इसमें 217 सरकारी और 386 निजी अस्पताल हैं. सरकार द्वारा इनमें 296 अस्पतालोंकी मंजूरी दी गयी है. बाकी के आवेदनों की जांच की प्रक्रिया चल रही है. इनमें 144 सिंगल स्पेशियालिटी और 112 मल्टीपल स्पेशियालिटी अस्पताल हैं. इन अस्पतालों
में कुल 6546 बेड उपलब्ध हैं. झारखंड के 57 लाख परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत बीमित किया जा रहा है. इनका पांच लाख रुपये तक का इलाज इन अस्पतालों में होगा.
जिला सरकारी निजी कुल
बोकारो 12 29 41
देवघर 9 22 31
धनबाद 10 28 38
दुमका 10 6 16
गिरिडीह 12 21 33
गोड्डा 7 9 16
जामताड़ा 5 3 8
पाकुड़ 7 5 12
रामगढ़ 5 32 37
साहेबगंज 6 4 10
पूर्वी सिंहभूम 11 17 28
गढ़वा 9 14 23
खूंटी 6 4 10
लोहरदगा 5 10 15
पलामू 11 29 40
रांची 19 53 72
सरायकेला 8 11 19
चतरा 7 7 14
गुमला 12 12 24
हजारीबाग 10 25 35
कोडरमा 7 27 34
लातेहार 7 10 17
सिमडेगा 7 1 8
प. सिंहभूम 15 7 22
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