रांची : रोज भरते हैं 1.50 लाख जुर्माना फिर भी तोड़ रहे हैं ट्रैफिक रूल

Updated at : 27 Aug 2018 7:36 AM (IST)
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रांची : रोज भरते हैं 1.50 लाख जुर्माना  फिर भी तोड़ रहे हैं ट्रैफिक रूल

सड़क सुरक्षा व ट्रैफिक रूल का पालन नहीं कर लगाते हैं मौत को गले रांची : राजधानी और आस-पास के इलाके में दुर्घटना की सबसे बड़ी वजह सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर वाहन चलाना और ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करना है. हैरत की बात तो यह है कि लोग जुर्माना भरने के लिए […]

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सड़क सुरक्षा व ट्रैफिक रूल का पालन नहीं कर लगाते हैं मौत को गले
रांची : राजधानी और आस-पास के इलाके में दुर्घटना की सबसे बड़ी वजह सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर वाहन चलाना और ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करना है. हैरत की बात तो यह है कि लोग जुर्माना भरने के लिए तैयार हो जाते हैं और भरते भी हैं, लेकिन ट्रैफिक नियम का पालन करने को तैयार नहीं होते हैं.
सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा तैयार आंकड़े बताते हैं कि राजधानी रांची और आस-पास के इलाके में पिछले सात महीने अर्थात जनवरी से लेकर जुलाई माह के बीच 329 दुर्घटनाएं हुईं. जिसमें 213 लोगों की अकाल मौत हो चुकी है. वहीं इन घटनाओं में 208 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 45 लोग मामूली रूप से जख्मी हुए. गौरतलब है कि राजधानी में ट्रैफिक पुलिस ट्रैफिक नियम का पालन नहीं कर वाहन चलानेवालों से प्रति माह करीब 60 लाख रुपये जुर्माना वसूलती है.
अर्थात प्रतिदिन करीब दो लाख रुपये जुर्माना की वसूली होती है. इनमें 1.50 लाख रुपये जुर्माना भरने वाले वैसे लोग होते हैं, जिनके पास या तो ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होता या ट्रिपल राइड या बिना हेलमेट या बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाते हैं.
लोगों को जान की परवाह नहीं : आंकड़ों से यह भी स्पष्ट है कि लोग पकड़े जाने के बाद जुर्माना भरने के लिए तैयार हैं, लेकिन अपनी जान बचाने के लिए ट्रैफिक नियम और सुरक्षा नियम का पालन करने को तैयार नहीं हैं.
विभाग के आंकड़ों के अनुसार हाल के दिनों में शराब पीकर वाहन चलानेवालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. जुलाई माह में शराब पीकर वाहन चलाने वाले चार लोग पकड़े गये थे. जबकि जून माह में कोई नहीं पकड़ा गया था. वहीं दूसरी ओर मई और अप्रैल माह में अभियान के दौरान सिर्फ दो-दाे लोग पकड़े गये थे.
सात माह में 40 प्राथमिकी
तैयार आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जुलाई माह के बीच राजधानी और आस-पास के थाना क्षेत्रों में दुर्घटना से संबंधित 40 प्राथमिकी दर्ज की गयी. जिसमें सबसे अधिक नौ प्राथमिकी नामकुम थाना में दर्ज की गयी.
वहीं दूसरी ओर सदर थाना में छह प्राथमिकी और, धुर्वा थाना में चार प्राथमिकी और रातू थाना में तीन प्राथमिकी दर्ज की गयी. दुर्घटना को लेकर दर्ज प्राथमिकी से भी स्पष्ट है कि सबसे अधिक दुर्घटनाएं उक्त थाना क्षेत्रों में होती है. आंकड़ों के अनुसार बरियातू, गोंदा, सिकिदिरी और तमाड़ थाना क्षेत्र के इलाके दुर्घटना को लेकर संवेदनशील हैं.
सड़क दुर्घटना में मौत और घायल का आंकड़ा
माह दुर्घटना मौत गंभीर मामूली
जनवरी 60 37 40 14
फरवरी 46 27 41 02
मार्च 34 15 17 02
अप्रैल 46 32 23 06
मई 52 34 31 07
जून 51 41 33 06
जुलाई 40 27 23 08
कुल 329 213 208 45
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