एफएसएल रिपोर्ट से सुलझेगी सात मौत की गुत्थी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Aug 2018 2:56 AM
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हत्या से जुड़े साक्ष्य होने के बाद भी पुलिस द्वारा यूडी केस दर्ज करने को लेकर उठने लगे हैं कई सवाल जांच के लिए खून लगा चाकू, रस्सी का टुकड़ा, कुछ बोतल, बचा हुआ खाना, खून के नमूने जब्त दीपक और रूपेश को आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करने के आरोप में क्रिसलय को आरोपी […]
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हत्या से जुड़े साक्ष्य होने के बाद भी पुलिस द्वारा यूडी केस दर्ज करने को लेकर उठने लगे हैं कई सवाल
जांच के लिए खून लगा चाकू, रस्सी का टुकड़ा, कुछ बोतल, बचा हुआ खाना, खून के नमूने जब्त
दीपक और रूपेश को आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करने के आरोप में क्रिसलय को आरोपी बना सकती है पुलिस
रांची : दीपक झा और रूपेश ने किस तरह परिवार के पांच सदस्यों की हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली, इस रहस्य की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने कमरे से कई सामानों को जब्त कर जांच के लिए एफएसएल भेज दिया है. जांच के लिए खून लगा चाकू, रस्सी का टुकड़ा, कुछ बोतल, बचा हुआ खाना, खून के नमूने सहित अन्य सामान भेजे गये हैं.
पुलिस के अनुसार अगर दोनों बच्चों को जहर देकर मारा गया है, तो उन्हें खाने में जहर मिला कर दिया गया होगा या किसी दूसरे माध्यम से. बोतल में जहर था या कुछ और इसकी पुष्टि एफएसएल रिपोर्ट के बाद होगी. इसके अलावा गायत्री देवी को अगर चाकू से मारा गया, तो चाकू में लगा खून उनका होना चाहिए. इसकी भी पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद होगी. मिली जानकारी के अनुसार सच्चिदानंद के गले में भी रस्सी का टुकड़ा बंधा हुआ था. इसलिए आशंका है कि उनकी हत्या गला घोंट कर की गयी होगी. पुलिस को अनुसंधान के दौरान सच्चिदानंद के बारे में एक और जानकारी मिली है कि जब वह राजस्थान के कोटा में रेलवे में पदस्थापित थे तब स्थानीय थाना में उनके खिलाफ 2009 में रेलवे में नाैकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज हुआ था.
दूसरी तरफ, पुलिस ने घटना स्थल से रूपेश का जो सुसाइड नोट बरामद किया है, उसमें उसने घटना के लिए क्रिसलय मिश्रा को जिम्मेदार ठहराया है. इसलिए पुलिस उसे केस में दोनों को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोपी बना सकती है. क्योंकि पुलिस की जांच में दोनों भाइयों द्वारा अपने परिवार के सदस्यों की हत्या करने के बाद आत्महत्या की ही बात सामने आयी है. वहीं घटना को लेकर मकान मालिक की शिकायत पर यूडी केस दर्ज करने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.
सवाल यह है कि जब पुलिस के पास हत्या से संबंधित तथ्य थे, तब पुलिस ने अपने बयान में केस दर्ज क्यों नहीं किया. केस में हत्या से संबंधित धारा क्यों नहीं लगायी. हालांकि केस दर्ज करने के बाद केस के अनुसंधानक खुद कांके थाना प्रभारी बने हैं. केस में पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस हत्या सहित अन्य धाराओं को जोड़ सकती है.
रांची : सच्चिदानंद सहित उनके परिवार के सात सदस्यों के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव को रिम्स में सुरक्षित रख दिया है. सोमवार की देर रात ही मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया था, लेकिन मंगलवार की सुबह तक शव लेने के लिए कोई नहीं आया. पुलिस के अनुसार उनकी बेटी संध्या भी न तो शव लेने आयी और न ही देखने आयी. हालांकि, जानकारी मिलने के मंगलवार की शाम सच्चिदानंद के भाई केएन झा ने रांची पुलिस से संपर्क कर शव सौंपने का अनुरोध किया है. केएन झा ने बताया कि सच्चिदानंद उनके अपने भाई हैं. लेकिन वह वर्तमान में अपने परिवार के साथ दिल्ली के मोदी नगर में रहते हैं.
उन्हें घटना की जानकारी न्यूज और गांव वालों के जरिये फोन से मिली. उन्होंने रांची पुलिस के अधिकारियों के साथ ही कांके थाना प्रभारी से बात की. श्री झा ने बताया कि वह दिल्ली से ट्रेन से रांची के लिए निकल चुके हैं. बुधवार को रांची पहुंच सकते हैं. इसके बाद शव हासिल कर अंतिम संस्कार रांची में ही करने का निर्णय लिया है.
सुसाइड नोट में नाम आने के बाद क्रिसलय को दो दिनों की रिमांड पर लिया गया
रांची : लोअर बाजार पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजे गये क्रिसलय मिश्रा को पूछताछ के लिए दो दिनों के लिए रिमांड पर लिया है. रिमांड पर लेकर लोअर बाजार की पुलिस मंगलवार की रात थाना पहुंची. पुलिस उससे दीपक झा और रूपेश झा के संबंध में पूछताछ करेगी.
गौरतलब है कि क्रिसलय मिश्रा पर लोअर बाजार थाना में 27 जुलाई को केस दर्ज किया गया था. इसके बाद पुलिस ने उसे पश्चिम बंगाल के पार्क स्ट्रीट थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था और 29 जुलाई को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था. उस पर फर्नीचर बेचने के नाम पर फर्जी रसीद ग्राहकों को देकर रुपये गबन करने का आरोप है. क्रिसलय का नाम दोबारा उस समय सामने आया जब कांके पुलिस ने सोमवार को सच्चिदानंद के पुत्र दीपक और रूपेश के पास से अलग-अलग सुसाइड नोट बरामद किया था. जिसमें रूपेश झा से जहां घटना के लिए क्रिसलय को जिम्मेदार ठहराया था.
वहीं दूसरी ओर दीपक झा ने धोखाधड़ी के आरोप में उसे बेवजह फंसाने का आरोप लगाया था. पुलिस के अनुसार दीपक से क्रिसलय की अंतिम मुलाकात लोअर बाजार थाना के हाजत में हुई थी. तब क्रिसलय ने दीपक पर धोखाधड़ी का आरोप लगा कर मालिक के सामने उसे बदनाम कर दिया था. जिसके कारण दुकान के मालिक ने दीपक को चार तमाचा भी मारा था. पुलिस के अनुसार क्रिसलय मिश्रा से दोनों भाइयों के सुसाइड नोट में आये तथ्यों के बारे में पूछताछ की जायेगी.
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