रांची : रिम्स को प्रतिदिन 100 यूनिट से ज्यादा खून की जरूरत होती है. जबकि, अक्सर यहां का स्टॉक 50 यूनिट से कम ही रहता है. ऐसे में मरीजों और उनके परिजन को खून के लिए भटकना पड़ता है. जो लोग खून का मांगपत्र लेकर आते हैं, उनसे उसी ग्रुप का खून डोनेट करने को कहा जाता है.
खून की कमी का सबसे बड़ा कारण पैरवी के कारण मुफ्त खून मुहैया कराना भी है. ब्लड बैंक कर्मचारियों की मानें, तो प्रतिदिन 30 से 35 यूनिट खून मुफ्त में देना पड़ता है. ब्लड बैंक द्वारा थैलेसीमिया, सिकल सेल एनिमिया और हीमोफिलिया के मरीजों को मुफ्त खून मुहैया कराना पड़ता है. इन मरीजों में अधिकांश मरीजों को पैक्ड सेल देना पड़ता है,
लेकिन होल ब्लड नहीं होने के कारण पैक्ड सेल भी नहीं बन पाता है. रिम्स ब्लड बैंक के इंचार्ज डॉ एके श्रीवास्तव कहते हैं कि रिम्स ब्लड बैंक का स्टॉक बढ़ाने के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है.
रक्तदान के प्रति जागरूक नहीं लोग, पर जरूरत पड़ते ही पैरवी लेकर आ जाते हैं
