रांची : 250 बेड का हो जायेगा सदर अस्पताल, सुविधाएं भी बढ़ेंगी

Updated at : 09 Jul 2018 8:38 AM (IST)
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रांची : 250 बेड का हो जायेगा सदर अस्पताल, सुविधाएं भी बढ़ेंगी

स्वास्थ्य सचिव ने किया निरीक्षण, सिविल सर्जन को दिया निर्देश रांची : स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे करीब ढाई घंटे तक सदर अस्पताल में रहीं. इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन थियेटर, शिशु रोग विभाग, प्रसूति एंव स्त्री रोग विभाग, नेत्र विभाग और किचेन का मुआयना किया. श्रीमती खरे ने सिविल सर्जन और डॉक्टरों से […]

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स्वास्थ्य सचिव ने किया निरीक्षण, सिविल सर्जन को दिया निर्देश
रांची : स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे करीब ढाई घंटे तक सदर अस्पताल में रहीं. इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन थियेटर, शिशु रोग विभाग, प्रसूति एंव स्त्री रोग विभाग, नेत्र विभाग और किचेन का मुआयना किया. श्रीमती खरे ने सिविल सर्जन और डॉक्टरों से पूछा कि मरीजों को होल ब्लड क्यों चढ़ाया जाता है? अाजकल ब्लड कॉम्पोनेंट का प्रयोग हो रहा है. इससे एक यूनिट खून से कई मरीजों को जीवन दिया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि मरीज की आवश्यकता के हिसाब से ब्लड कॉम्पोनेंट की मांग की जाये, जिसे रिम्स ब्लड बैंक से उपलब्ध कराया जायेगा. उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक के लाइसेंस में यह एक शर्त हो कि यहां ब्लड कॉम्पोनेंट ही एकत्र हो. डाॅक्टरों को स्पष्ट निर्देश भी रहे.
महिला वार्ड में परिवार नियोजन की दी जाये जानकारी : निधि खरे ने कहा कि दो से अधिक बच्चों का ट्रेंड ज्यादा देखने को मिल रहा है. महिला वार्ड में एक सलाहकार नियुक्त किया जाये जो महिलाओं को परिवार नियोजन की जानकारी दें. वह बतायें कि ज्यादा बच्चा होने से कितनी परेशानी बढ़ जाती है.
साल भर हो मोतियाबिंद का ऑपरेशन
नेत्र विभाग के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने निर्देश दिया कि साल भर यहां मोतियाबिंद का ऑपरेशन होना चाहिए. सदर अस्पताल में भी कार्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जायेगा. सिविल सर्जन डॉ शिवशंकर हरिजन ने कहा कि सदर अस्पताल की व्यवस्था शीघ्र बेहतर होगी. 250 बेड को शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी जायेगी. ब्लड कंपोनेंट की व्यवस्था करने के लिए रिम्स ब्लड बैंक से आग्रह किया जायेगा. एमओयू भी किया जायेगा.
अगले सप्ताह शुरू होगा डे-केयर सेंटर
निधि खरे ने कहा कि शीघ्र ही सदर अस्पताल में भी थैलेसिमिया सेंटर खोला जायेगा. डे-केयर की सुविधा होने से थैलेसिमिया के मरीजों को ब्लड ट्रांसफ्यूजन के लिए परेशानी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि यह शिकायत मिलती है कि ब्लड ट्रांसफ्जून के लिए मरीजों को चार से पांच दिन तक इंतजार करना पड़ता है. उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक सदर अस्पताल में डे-केयर का संचालन शुरू हो जायेगा.
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