पारा टीचर हत्या मामला: पूर्व मंत्री एनोस एक्का दोषी करार, 3 जुलाई को हो सकता है सजा का एलान

Updated at : 30 Jun 2018 11:57 AM (IST)
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पारा टीचर हत्या मामला: पूर्व मंत्री एनोस एक्का दोषी करार, 3 जुलाई को हो सकता है सजा का एलान

-सरकारी गवाह बने बारूद गोप को होस्टाइल घोषित कर दिया गया -अपहरण और हत्या के मामले में बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में हैं विधायक एनोस रांची : पारा टीचर मनोज कुमार की हत्या के मामले में कोलेबिरा विधायक और पूर्व मंत्री एनोस एक्का को निचली अदालत ने शनिवार को दोषी करार दिया है. सजा के […]

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-सरकारी गवाह बने बारूद गोप को होस्टाइल घोषित कर दिया गया

-अपहरण और हत्या के मामले में बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में हैं विधायक एनोस

रांची : पारा टीचर मनोज कुमार की हत्या के मामले में कोलेबिरा विधायक और पूर्व मंत्री एनोस एक्का को निचली अदालत ने शनिवार को दोषी करार दिया है. सजा के बिंदु पर सुनवाई की तारीख तीन जुलाई मुकर्रर की गयी है. आपको बता दें कि जज नीरज कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने मामले में सुनवाई पहले ही पूरी कर ली थी. मामले में सरकारी गवाह (एप्रूवर) बारूद गोप को ही होस्टाइल घोषित कर दिया गया था. जबकि इस अभियुक्त को सरकारी गवाह बनाने के मुद्दे पर छिड़ी कानूनी जंग में करीब दो साल तक मामले की सुनवाई नहीं हो सकी थी.

मई के दूसरे सप्ताह ट्रायल कोर्ट पहुंची आदेश की कॉपी

बारूद गोप ने 2016 में सरकारी वकील के माध्यम से इस हत्याकांड में सरकारी गवाह बनने के लिए आवेदन दिया था. अदालत ने उसका आवेदन स्वीकार कर लिया था. अदालत के इस फैसले को एनोस एक्का ने हाइकोर्ट में चुनौती दी थी. जून 2016 में इस याचिका पर हुई सुनवाई की पहली तिथि को सरकार की ओर से कोई वकील हाजिर ही नहीं हुआ. इसके बाद हाइकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को स्टे कर दिया था. बारूद गोप को सरकारी गवाह बनाने के निचली अदालत के फैसले पर सुनवाई पूरी होने के बाद हाइकोर्ट में जनवरी 2017 में फैसला सुरक्षित रख लिया. अदालत ने एक साल बाद 16 जनवरी 2018 को अपना फैसला सुनाते हुए विधायक की याचिका खारिज कर दी. पर इस आदेश की कॉपी मई के दूसरे सप्ताह में ट्रायल कोर्ट पहुंची. इसके बाद मामले में सरकारी गवाह का बयान दर्ज किया गया. हालांकि उसे होस्टाइल घोषित कर दिया गया.

क्या है मामला
26 नवंबर 2014 को सिमडेगा जिले के जताडांड़ प्राथमिक विद्यालय से पारा टीचर मनोज कुमार का अपहरण कर लिया गया था. मामले में विधायक एनोस एक्का के खिलाफ प्राथमिकी ( 58/2014)दर्ज करायी गयी थी. दूसरे दिन सुबह मनोज कुमार की लाश मिलने के बाद यह अपहरण व हत्या के मामले में बदल दिया गया. पुलिस ने पहले से पीएलएफआइ उग्रवादी बारूद गोप का मोबाइल फोन सर्विलांस पर ले रखा था. इस फोन पर हुई बातचीत के आधार पर पुलिस ने जांच के बाद विधायक एनोस एक्का और बारूद गोप के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया. सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुनाने की तिथि तय की. फिलहाल दोनों ही अभियुक्त बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में हैं.

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