रांची : गुरुजी के त्याग को समझें सीएम रघुवर दास
Updated at : 22 Jun 2018 5:39 AM (IST)
विज्ञापन

रांची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने गुरुवार काे कहा : घोर कलयुग आ गया. मुख्यमंत्री रघुवर दास अब गुरुजी को ज्ञान दे रहे हैं. आंदोलन की आग को चुनौती दी जा रही है. गरीबों के मसीहा को चुनौती दी जा रही हैं. गुरुजी के बारे में कुछ कहने से […]
विज्ञापन
रांची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने गुरुवार काे कहा : घोर कलयुग आ गया. मुख्यमंत्री रघुवर दास अब गुरुजी को ज्ञान दे रहे हैं.
आंदोलन की आग को चुनौती दी जा रही है. गरीबों के मसीहा को चुनौती दी जा रही हैं. गुरुजी के बारे में कुछ कहने से पहले मुख्यमंत्री, उनके (गुरुजी के) त्याग काे समझें. श्री सोरेन गुरुवार को अपने आवास पर संवाददाताआें से बातचीत कर रहे थे.
उन्हाेंने कहा कि सीएनटी-एसपीटी कानून सख्त था, इसलिए मूलवासियों व आदिवासियों की जमीन नहीं लूटी जा सकी. अब भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन कर मूलवासियों व आदिवासियों की जमीन लूट की तैयारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल पर बहस की चुनौती को झामुमो स्वीकार कर रहा है. सरकार व भाजपा बहस के लिए स्थान व तिथि बताये.
श्री साेरेन ने कहा कि राज्य में जब कोई आदिवासी-मूलवासी जमीन खरीदता है, तो उसे मुख्यमंत्री जमीन लूट कहते हैं. वहीं पूंजीपतियों को सरकारी जमीन लुटा कर उसे विकास कहा जा रहा है. उन्हाेंने सरकार से सवाल करते हुए कहा : जब देश स्वतंत्र हुआ था, तो कितनी जमीन सीएनटी एवं एसपीटी एक्ट के अंदर थी. आज कितनी जमीन बची है? जो जमीन गायब हुई है, वह कहां गयी? अगर वह जमीन मूलवासियों एवं आदिवासियों को वापस की जायेगी, तो बड़े उद्योगपतियों के महलें ढह जायेगी.
उन्हाेंने कहा कि कंबल घोटाले की अारोपी खुलेआम घूम रही है. धमकी दे रही है कि यदि उसे छुअा गया, तो बड़े लोगों को बेनकाब कर देंगी. सरकार इस पर चुप्पी साधे हुई है. इस मामले की सीबीआइ जांच क्यों नहीं करायी जा रही है? उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग विभाग एवं खान विभाग का सीएजी से स्पेशल ऑडिट कराये.
उन्हाेंने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त है.. स्वास्थ व्यवस्था ध्वस्त है, आैर मुख्यमंत्री कहते हैं.. अगली बार काेई मरा, ताे मुकदमा हाेगा. 32 लाेग मरे रिम्स में, क्या वे इंसान नहीं थे? मांग के बाद भ दाेषियाें पर मुकदमा नहीं हुआ.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




