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गिरिडीह : भूख से मौत की जांच के लिए डुमरी गयी टीम, झेलना पड़ा आक्रोश, ग्रामीणों ने कहा, जांच टीम ने भेजी गलत रिपोर्ट

Updated at : 07 Jun 2018 7:36 AM (IST)
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गिरिडीह : भूख से मौत की जांच के लिए डुमरी गयी टीम, झेलना पड़ा आक्रोश, ग्रामीणों ने कहा, जांच टीम ने भेजी गलत रिपोर्ट

डुमरी (गिरिडीह) : गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड के मंगरगढ़ी में पिछले दिनों सावित्री देवी की मौत के कारणों की दोबारा जांच करने पहुंचे अधिकारियों को बुधवार काे काफी फजीहत झेलनी पड़ी. अपर समाहर्ता अशोक कुमार शाह के नेतृत्व में जांच को पहुंचे प्रभारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी योगेंद्र प्रसाद आैर डुमरी बीडीओ राहुल देव को […]

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डुमरी (गिरिडीह) : गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड के मंगरगढ़ी में पिछले दिनों सावित्री देवी की मौत के कारणों की दोबारा जांच करने पहुंचे अधिकारियों को बुधवार काे काफी फजीहत झेलनी पड़ी.
अपर समाहर्ता अशोक कुमार शाह के नेतृत्व में जांच को पहुंचे प्रभारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी योगेंद्र प्रसाद आैर डुमरी बीडीओ राहुल देव को ग्रामीणों का आक्रोश भी झेलना पड़ा. ग्रामीणों ने जांच टीम के वाहनों को न सिर्फ रोका, बल्कि आधे घंटे तक हंगामा किया. नोंक-झोंक भी होती रही. ग्रामीणाें ने माैत के कारणाें की अपर समाहर्ता श्री शाह द्वारा की गयी जांच आैर डीसी काे साैंपी गयी उस रिपोर्ट को खारिज किया.
ग्रामीणों का कहना था कि सच्चाई से अलग हट कर जांच रिपोर्ट भेजी गयी है. सावित्री की मौत भूख से हुई है, जबकि अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में बीमारी से मरने की बात कही है. बाद में अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया और कहा कि जो ग्रामीण व परिजन बतायेंगे, वही बात लिखी जायेगी.
धीरे-धीरे बढ़ा आक्रोश : डीसी मनोज कुमार के आदेश पर बुधवार सुबह लगभग 10 बजे अपर समाहर्ता श्री शाह व प्रभारी डीएसओ योगेंद्र के साथ पदाधिकारियों की टीम मंगरगढ़ी पहुंची थी. पदाधिकारी मृतका सावित्री देवी के पुत्र क्रमश: हीरालाल महतो व हुलास महतो का बयान ले रहे थे.
इसके बाद एक कागज पर बयान लिखा गया और दोनों पुत्रों को हस्ताक्षर करने को कहा गया. दोनों पुत्र पहले हस्ताक्षर करने को तैयार नहीं थे. बाद में अधिकारियों ने समझाया और दोनों का हस्ताक्षर भी ले लिया. इसके बाद अधिकारी जैसे ही अपने सरकारी वाहन में बैठ जाने लगे ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया.
ग्रामीणों ने अधिकारियों से कहा कि आप लोग अपने मन से बयान तैयार कर रहे हैं . वहीं मृतका के परिजनों पर दबाव डाल कर परिजनाें का हस्ताक्षर लिया गया है. ग्रामीणों व परिजनों के विरोध को देखते हुए अधिकारियों ने पुन: लोगों का फर्द बयान दर्ज किया.
छह माह से वेतन नहीं : मृतक सावित्री देवी के बड़े पुत्र हीरालाल ने कहा कि वे जिस ट्रांसमिशन लाइन में काम करते हैं, वहां पर उन्हें छह माह से मानदेय नहीं मिला है. मानदेय नहीं मिलने के कारण वह पैसा नहीं भेज पा रहा था और इसकी जानकारी सोमवार को अधिकारियों को दी गयी थी.
इसके बावजूद रिपोर्ट में कहा गया कि उसे मानदेय मिल रहा था, जो पूरी तरह से गलत है. वहीं मृतका की छोटी बहू ने अधिकारियों के समक्ष कहा कि घर में अनाज नहीं था. घर का चूल्हा बुझा हुआ था. अधिकारियों ने उसका बयान नहीं लिया. इस दौरान परिजनों व ग्रामीणों ने कहा कि सावित्री देवी को किसी प्रकार की बीमारी नहीं थी और उसकी मौत अनाज नहीं मिलने के कारण भूख से हुई है.
मैंने यह नहीं कहा था
वहीं मृतका के देवर भोलाराम ने कहा कि मैंने जांच कमेटी को कहा भी नहीं था कि सावित्री को उसने 10 दिनों तक खिलाया है, जबकि जांच रिपोर्ट में उनके हवाले से कमेटी ने इस बात का उल्लेख कर दिया है. उसने कहा कि उसका आंगन भी अलग है, जबकि जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि हम दोनों का आंगन एक ही है.
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