रांची : सदर थाना क्षेत्र के डुमरदगा स्थित बाल सुधार गृह (रिमांड होम) से चार बाल बंदियों के भागने के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आयी है.
लापरवाही बरतने के आरोप में एसएसपी कुलदीप द्विवेदी ने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. जिन्हें निलंबित किया गया है उनमें सिपाही जयपाल मिंज, हवलदार ऐनुल अली और बिंदु कुमार शामिल हैं.
इससे संबंधित आदेश एसएसपी ने मंगलवार को जारी कर दिया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार चार बाल बंदियों के भागने के मामले में सदर डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव को जांच की जिम्मेवारी सौंपी गयी थी.
उन्होंने जांच के दौरान पाया कि बाल सुधार गृह की सुरक्षा में एक-चार का सशस्त्र बल है. वहीं दूसरी ओर कोर्ट ड्यूटी के लिए चार साधारण बल (दो महिला और दो पुरुष) हैं. सुरक्षा के लिए दो पोस्ट हैं. एक मुख्य द्वार और दूसरा वाच टावर. वाच टावर में सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक प्रत्येक दो घंटे पर एक पुलिसकर्मी तैनात रहता है.
जांच के दौरान हवलदार ऐनुल अली ने बताया कि सिपाही जयपाल सिंह शनिवार की सुबह बिना अवकाश या अनुमति के अनुपस्थित था. लेकिन हवलदार ने इस बात की सूचना न ही सदर थाना प्रभारी और न ही सदर डीएसपी को दी.
इधर, हवलदार द्वारा तैयार की गयी ड्यूटी रजिस्टर देखने पर सदर डीएसपी ने पाया कि एक मार्च को ड्यूटी पर जयपाल सिंह के अनुपस्थित रहने के बावजूद भी उसे ड्यूटी में दिखाया गया है. एक अप्रैल को गार्ड ड्यूटी के रूप में बिंदु कुमार की ड्यूटी दो से चार बजे के बीच थी.
बाल सुधार गृह के गृहपति विजय कुमार ने सदर डीएसपी को जांच के दौरान बताया कि शाम करीब 6.30 बजे बाल बंदियों की गिनती के दौरान उन्हें पता चला कि चार बाल कैदी नहीं हैं. उन्होंने यह भी बताया कि बॉलीबाल नेट का सहारा लेकर चार बाल बंदी बाल सुधार गृह से भाग गये हैं. तब उन्होंने 7.15 बजे इस बात की सूचना सदर थाना प्रभारी को दी. सदर डीएसपी ने अपनी जांच में तीनों पुलिसकर्मियों को दोषी बताया था.
उल्लेखनीय है कि एक अप्रैल की रात सदर थाना में चारों बाल कैदियों के भागने को लेकर प्राथमिकी दर्ज हुई थी. भागने वाले दो बाल कैदी रांची, एक पलामू और एक खूंटी का है. चारों भागने के बाद अपने घर तो नहीं चले गये, पुलिस इस बिंदु पर जानकारी एकत्र कर रही है.
