रांची : बिहार में नीतीश कुमार के साथ महागंठबंधन टूटने के बाद लालू प्रसाद यादव आज रांची में खूब बरसे. उन्होंने नीतीश कुमार को मतलबपरस्त और धोखेबाज बताया. चारा घोटाला मामले में विशेष सीबीआइ कोर्ट में पेशी के बाद लौटे लालू ने क्या-क्या कहा, आप भी पढ़ियेः
12.31 बजे : हमने जिन कुछ मीडिया को अच्छा समझा था, उन्होंने सुपाड़ी ले रखी थी. देखिए, कैसे अमेरिका का मीडिया ट्रंप के खिलाफ लड़ रहा है, यहां मीडिया ऑपोजीशन से लड़ रहा है. अमित शाह सुपर एडीटर है. वह तय करता है कि कैसे समाचार छपेंगे और मीडिया मालिकों से कहता है और वही बात मालिक संपादकों को. रिपोर्टरों की कोई गलती नहीं है.
#WATCH RJD Chief Lalu Prasad Yadav addresses the media https://t.co/cULdlzObG8
— ANI (@ANI) July 27, 2017
12.30 बजे : कई बार. नीतीश कुमार कई बार मोदी से लंच पर मिला. जो कुछ भी हुआ, सब फिक्स था.
12.28 बजे : नकली छवि बना कर नीतीश खुद को पीएम मटेरियल बताते थे. चाहता तो मैं नीतीश को सीएम नहीं बनाता, सिर्फ 71 विधायक थे. ये मैच फिक्स था. मैंने कोई तकलीफ नीतीश को नहीं दिया है. हम बोले शंकर भगवान की तरह जाओ, राज करो, पर ये तो भस्मासुर निकला.
12.25 बजे : नीतीश कुमार बोलते थे कि मैं मिट्टी में मिल जाऊंगा लेकिन बीजेपी से हाथ नहीं मिलाऊंगा. मैंने उनके माथे पर तिलक लगाया, कहा कि जाओ राज्य पर शासन करो. मेरे दिल में कोई लालच नहीं था. यदि ऐसा होता, तो मैं उसे मुख्यमंत्री क्यों मनोनीत करता.
12.21 बजे : नीतीश कुमार बहुत बड़ा मतलबपरस्त है. मोदी-शाह को बिहार से उखाड़ फेंकने के लिए जनता ने भाजपा के खिलाफ जनादेश दिया था. उन्होंने कहा था कि मैं बीफ खाता हूं.
12.18 बजे : पिछले 15-20 सालों से मैं अदालतों में मुकदमे लड़ रहा हूं. मुझे जल्दबाजी में सजा दे दी गयी. नीतीश कुमार और भाजपा ने मिल कर साजिश रची थी.
12.13 बजे : नरेंद्र मोदी ने अच्छे दिन, नौकरी का झांसा दिया, ढोंग रचा.
12.12 बजे : बिहार बहुत जागरूक प्रदेश है, आज गांव-गांव के लोग नाराज हैं. बड़े अफसोस की बात है कि आज हमारे बीच कोई गांधी नहीं है, जो देश को एकजुट कर सके. अमित शाह और मोदी के गोडसे-आरएसएस खानदान ने उन्हें मार डाला.