बड़गाईं कांड : पार्षद की प्राथमिकी का विरोध, हंगामा

Published at :05 Jun 2017 6:49 AM (IST)
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बड़गाईं कांड : पार्षद की प्राथमिकी का विरोध, हंगामा

हुसना आरा ने बड़गाईं बस्ती के 50 नामजद पर प्राथमिकी दर्ज करायी थी रांची : वार्ड पार्षद हुसना आरा द्वारा बड़गाईं बस्ती के 50 नामजद और 200 अज्ञात पर सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का विरोध किया गया. आक्रोशित लोग रविवार की सुबह सड़क पर उतर कर हंगामा करने लगे. जब पुलिस ने उन्हें […]

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हुसना आरा ने बड़गाईं बस्ती के 50 नामजद पर प्राथमिकी दर्ज करायी थी
रांची : वार्ड पार्षद हुसना आरा द्वारा बड़गाईं बस्ती के 50 नामजद और 200 अज्ञात पर सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का विरोध किया गया. आक्रोशित लोग रविवार की सुबह सड़क पर उतर कर हंगामा करने लगे. जब पुलिस ने उन्हें शांत कराने का प्रयास किया, तब वे कहने लगे कि हुसना आरा ने गलत आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी है. हमने सदर थाने में जो प्राथमिकी दर्ज करायी है, पुलिस उन लोगों पर कार्रवाई कर नहीं कर रही है. अगर हुसना आरा द्वारा दर्ज करायी गयी प्राथमिकी सही है, तो हम गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं. हमें गिरफ्तार कर ले चलें.
आक्रोशित लोगों से पुलिस की नोक-झोंक करीब एक घंटे तक होती रही. पुलिस ने यह आश्वासन दिया कि प्राथमिकी में जिन लोगों का नाम शामिल है, पहले उनकी संलिप्तता पर जांच की जायेगी, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी. बारातियों पर जिन लोगों ने हमला किया है, जिनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है, पुलिस उनकी संलिप्तता पर जांच कर कार्रवाई कर रही है. पुलिस को कार्रवाई के लिए समय चाहिए. अगर पुलिस आप लोगों को समझाने में ही लगी रहेगी, तब पुलिस का काम कैसे होगा. पुलिस पर विश्वास रखिए.
इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और लोग अपने घर की ओर निकल गये. उल्लेखनीय है कि बड़गाईं घटना को लेकर सदर थाने में चार प्राथमिकी दर्ज है. एक प्राथमिकी बारातियों पर हमला को लेकर रामधन साहू की शिकायत पर, दूसरी प्राथमिकी वार्ड पार्षद हुसना आरा की शिकायत पर दर्ज है. तीसरी प्राथमिकी सदर थाना के पुलिस पदाधिकारी बीके सिंह की शिकायत पर दर्ज है. प्राथमिकी में दोनों गुट के पांच-पांच लोगों पर नामजद और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. चौथी प्राथमिकी एक कार में तोड़-फोड़ को लेकर दर्ज है.
पुलिस करती रही इलाके में गश्ती : बड़गाईं इलाके में रविवार की सुबह से लेकर रात तक पुलिस गश्ती करती रही. सदर डीएसपी और कोतवाली डीएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारी इलाके में शांति बनाये रखने के लिए कैंप करते रहे. पुलिस के जवान भी इलाके की विभिन्न गलियों और मुहल्लों में घूम-घूम कर स्थिति का जायजा लेते रहे. इलाके में स्थानीय लोगों से वार्ता कर पुलिस दोनों गुट के बीच शांति बनाये रखने का प्रयास कर रही थी. पुलिस लोगों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखने का काम कर रही है, ताकि कोई दूसरी घटना न हो.
बंद रही बड़गाईं की अधिकांश दुकानें : शुक्रवार की रात बड़गाई में बारातियों पर हमला के बाद बड़गाई की अधिकांश दुकानें बंद कर दी गयी थीं. बड़गाईं की अधिकांश दुकानें रविवार को भी बंद रही. स्थानीय लोगों ने कहा कि अभी पुलिस कैंप कर रही है, इसलिए थोड़ी राहत है. स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद ही लोग राहत की सांस लेंगे.
रांची : बड़गाईं में बारातियों पर जानलेवा हमला करने की घटना में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार पांच लोगों को रविवार को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया. जिन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, उनमें फिरोज आलम, मुजिबुल रहमान, शाहिद, मो अमान और इम्तेयाज अंसारी का नाम शामिल है. सभी बड़गाईं बस्ती के रहनेवाले हैं. पुलिस ने शनिवार को छापेमारी कर सभी को हिरासत में लिया था. बारातियों पर हमला की घटना में शामिल अन्य लोग, जिनका नाम प्राथमिकी में शामिल है, पुलिस उनकी संलिप्तता के संबंध में साक्ष्य एकत्रित कर रही है.
इसके अलावा घटना में शामिल कुछ लोग बस्ती छोड़ कर कहीं दूसरे स्थान पर चले गये हैं, जिनके बारे में भी पुलिस जानकारी एकत्र कर रही है. जेल भेजे गये पांचों आरोपियों ने पूछताछ में घटना में अपनी संलिप्तता की बात से इनकार किया है. इलाके में शांति-व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस ने 100 से अधिक लोगों पर 107 के तहत कार्रवाई की है. इस कार्रवाई के तहत लोगों को शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए बांड भरना होगा. किसी ने शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया, तब पुलिस उसके खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई करेगी.
पुलिस अधिकारियों ने किया फ्लैग मार्च
रांची. बड़गाईं में रविवार की शाम पुलिस अधिकारियों ने फ्लैग मार्च किया. फ्लैग मार्च सदर डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में किया गया. इसमें कोतवाली डीएसपी भोला प्रसाद, बड़गाईं सीओ, सदर थाना प्रभारी दयानंद कुमार के अलावा करीब 100 जवान शामिल थे.
रांची पुलिस के प्रवक्ता सदर डीएसपी ने बताया कि फ्लैग मार्च के दौरान शांति बनाये रखने की अपील की गयी है. लोगों से किसी अफवाह पर ध्यान नहीं देने का अनुरोध किया गया है. इलाके के प्रबुद्ध लोगों से बातचीत कर पूरे मामले को शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है. जब तक इलाके में पूरी तरह शांति स्थापित नहीं हो जाती, तब तक फोर्स की तैनाती बनी रहेगी.
सीसीटीवी की निगरानी में रहेंगे लोग
रांची : बड़गाईं के लोग अब सीसीटीवी की निगरानी में रहेंगे. लोगों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने रविवार की रात से सीसीटीवी लगाने का काम शुरू कर दिया है. बड़गाईं चौक से लेकर नीचे बड़गाईं मसजिद के बीच आठ सीसीटीवी लगाये जा रहे हैं.
इसके पीछे पुलिस अधिकारियों का यह उद्देश्य है कि इलाके में अगर कोई अापराधिक घटना हो, तब उसमें संलिप्त अपराधियों की पहचान हो सके. इसके अलावा अगर कोई दूसरी घटना हो, तब भी सीसीटीवी का फुटेज निकाल कर घटना के बारे में अधिक से अधिक जानकारी हासिल की जा सके. इसके अलावा इलाके में विधि-व्यवस्था की समस्या से निबटने के लिए पुलिस अधिकारी वहां एक टीओपी खोलने पर विचार कर रहे हैं.
रांची : बड़गाईं घटना टाली जा सकती थी़ यदि समय पर इसकी जानकारी पुलिस को दे दी जाती़ 30 मई को फेसबुक पर किये गये आपत्तिजनक पोस्ट के बाद ही शादी के दिन हमले की तैयारी हो गयी थी़ इसकी जानकारी एक गुट के पांच-छह लोगों को थी कि दूसरा गुट शादी के दिन हंगामा करेगा या हमला कर सकता है़
लोगों का कहना है कि थाना प्रभारी को बताने में कोई दिक्कत थी, तो एसएसपी अथवा सिटी एसपी को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी. ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना टाली जा सके़ जानकारी होती, तो पहले एहतियात के तौर पर वहां पुलिस की तैनाती कर दी जाती़ उसके बाद घटना टल जाती़
गौरतलब है कि 30 मई को प्रताप साहू ने दूसरे गुट की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाला पोस्ट फेस बुक पर डाल दिया था़ बाद में यह पोस्ट वायरल हो गया था, दूसरे गुट के कुछ लोगों के पास भी यह पोस्ट पहुंचा था़ उसके बाद दूसरे गुट के लोग काफी अाक्राेशित हुए थे़ उनलोगों ने पहले थाना घेरा था, उसके बाद बड़गाईं चौक को जाम कर दिया था़ काफी हंगामा हुआ था़ दंगा की स्थिति उस दिन भी उत्पन्न हो गयी थी, लेकिन पुलिस व बड़गाईं के दोनों गुट के बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों की सूझबूझ से मामला शांत हुआ था़ पुलिस ने प्रताप साहू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था़ 30 मई की रात भी बड़गाईं में पुलिस फोर्स की तैनाती की गयी थी़ इधर दो जून को हुई घटना के बाद रविवार को भी बड़गाईं में स्थिति तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण में है़
बड़गाईं घटना के घायल को जबरन डिस्चार्ज किया
रांची. बड़गाईं घटना में घायल सबिता देवी को रिम्स के न्यूरो वार्ड से जबरन डिस्चार्ज कर दिया गया़ महिला को पांच टांके लगे हैं. रविवार को मरीज के परिजन को बुला कर उनसे जबरन डिस्चार्ज स्लिप पर साइन करवा लिया गया़ जब परिजनों ने कहा कि महिला अभी पूरी तरह से ठीक नहीं हुई है, तो डॉक्टरों ने कहा कि रिम्स को धर्मशाला समझ लिये हो क्या़ कांके विधायक प्रतिनिधि प्रकाश कुमार सिन्हा ने डॉक्टराें की इस प्रकार के रवैये की निंदा की है़ उन्होंने कहा कि डॉक्टर प्रशासन के एजेंट का काम कर रहा है़
बड़गाईं मामले की उच्चस्तरीय जांच हो : एस अली
रांची. ऑल मुसलिम यूथ ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष एस अली ने सरकार से बड़गाईं मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है़ उन्होंने कहा कि वर्षों से साथ रहने वाले दो गुट एक-दूसरे के दुश्मन कैसे हो गये, इसकी भी जांच हो. उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद लक्ष्मण गिलुवा के बयान की निंदा करते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग से उन्हें सांसद के पद से निलंबित करने की भी मांग की है़
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