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..फूलवाटांडड़ टोला जाने के लिए जोगी झरना नाला में पुल की है लंबे समय से मांग

Updated at : 12 May 2025 4:47 PM (IST)
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..फूलवाटांडड़ टोला जाने के लिए जोगी झरना नाला में पुल की है लंबे समय से मांग

रामगढ़ नगर परिषद् का गठन वर्ष 2018 में हुआ था. इसमें 32 वार्ड है. इसके बाद से नगर परिषद का कार्यकाल शुरू हो गया.

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फोटो फाइल 12आर-1- फूलजोगी झरना का अधूरा पहुंच पथ. फोटो फाइल 12आर-2-बेकार जलमीनार, फोटो फाइल 12आर-3- बेकार चापानल, फोटो फाइल 12आर-4- बबलू बेदिया, फोटो फाइल 12आर-5- मुटरा बेदिया, फोटो फाइल 12आर-6- मो सद्दाम हुसैन, फोटो फाइल 12आर-7- अधुरा आंगनबाडी, फोटो फाइल 12आर-8- वार्ड पार्षद इंद्रदेव राम, रामगढ़ नगर परिषद् का गठन वर्ष 2018 में हुआ था. इसमें 32 वार्ड है. इसके बाद से नगर परिषद का कार्यकाल शुरू हो गया. सभी वार्डो में विकास के कार्य हुए. परिषद् का पहला कार्यकाल 2023 में समाप्त हो गया. इसके बाद से पिछले दो वर्ष से नगर परिषद् का चुनाव नहीं हुआ है. वर्तमान में रामगढ़ कार्यपालक पदाधिकारी की देख-रेख में नगर परिषद् में विकास का कार्य किया जा रहा है. नगर परिषद् रामगढ़ में रामगढ़, मांडू व पतरातु प्रखंड के क्षेत्रो को शामिल किया गया है. प्रभात खबर नगर परिषद् के वार्डो की समस्याओं को प्रकाशित कर रहा है. प्रस्तुत है वार्ड दस की रिपोर्ट. प्रतिनिधि, रामगढ़ रामगढ़ नगर परिषद वार्ड दस का सीमाना मनुवा उपर टोला बरगद पेड़ से शुरू होकर पूर्व पंचायत भवन होते हुए रेलवे लाईन तक जाता है. वहीं पंचायत भवन से लेकर कैला टुंगरी मुस्लिम टोला तक फैला हुआ है. इस वार्ड में आदिवासी टोला, मुस्लिम टोला, नीचे टोला मनुवा, दामाद टोला, उत्तर फूलसराय, शिव मंदिर टोला, पारटांड, ओहदार टोला, नीम टोला, नया मस्जिद टोला, दादानगर टोला, भोक्ता स्थान टोला, ढ़ब्बा टोला, फुलवा टांड टोला, उपार टोला शामिल हैं. इस वार्ड में लगभग 3400 मतदाता हैं, इनमें बेदिया, अंसारी, कसाई, करमाली, मुंडा, तेली जाति के लोग रहते हैं. इसमें बेदिया जाति की बहुतायत है. यहां के लोगों का मुख्यत: जीविकोपार्जन मजदूरी व आंशिक कृषि पर आधारित है. इस वार्ड की समस्याएं इस वार्ड में रहनेवाले लोंगों का पीने के लिए पानी की निर्भरता चापानल व डाड़ी पर है. इस वार्ड में ग्रामीण जलापूर्ति योजना नहीं पहुंची है. गांव से फूलवाटांड़ जाने के लिए पहुंच पथ नहीं है. फूलवाटांड में लगभग 70 घर हैं. यहां जोगी झरना पर एक पुलिया बनाने को लेकर ग्रामीणों की लंबे समय से मांग है. बरसात के दिनों में फूलवाटांड़ जाने में लोगों को काफी परेशानी होती है. खेती की निर्भरता वर्षा पर है. फूलसराय के सरकारी तालाब पर पूरा फूलसराय व आधा मनुवा की आबादी निर्भर है. इस तालाब में लोग कपड़ा धोने के साथ स्नान भी करते हैं. वार्ड में फूलसरायडीह, फूलवाटांड, काेयला टुंगरी, सुरजाही टांड में जलमीनार लगाया गया है. इसमें फूलवाटांड़ सुरजाही टांड़ की जलमीनार खराब है. पूरे वार्ड की साफ-सफाई की जिम्मेवारी तीन सफाईकर्मी पर निर्भर है. एक उप स्वास्थ्य केंद्र है. वार्ड में ढबुआ, फूलसरायडीह व पारटांड में तीन आंगनबाड़ी केंद्र है. फूलसरायडीह का आंगनबाड़ी केंद्र निजी भवन में संचालित होता है. यहां पिछले कई वर्ष से सरकारी आंगनबाडी केंद्र निर्माण का कार्य अधूरा है. वार्ड के विभिन्न टोला में जाने वाली सड़के टूटी-फूटी व जर्जर है. राजकीय उमवि में कक्षा एक व दो एक साथ व छठा से आठवां वर्ग के बच्चे एक साथ एक ही कमरे में बैठते हैं. क्या कहते हैं वार्ड के लोग वार्ड निवासी मुटरा बेदिया ने कहा कि गांव में पीने की पानी की कमी है. डाड़ी से पानी लाया जाता है. वार्ड के लोग साल में एक बार धान की खेती करते हैं. इसके बाद खेती के लिए सिंचाई के लिए पानी व्यवस्था नहीं है. वार्ड में बनाया गया सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र व शौचालय ज्यादातर समय बंद रहता है. बबलु कुमार बेदिया ने कहा कि सड़क टूटा-फूटा है. जलमीनार की कमी है. चार में दो जलमीनार से पानी मिल रहा है. स्ट्रीट लाईट की कमी है. कई स्थानों पर रात में अंधेरा रहता है. मो सद्दाम हुसैन ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व फूलसराय रेलवे क्रोसिंग से कब्रिस्तान के आगे तक सड़क बनाया गया है. जिसमें जगह-जगह काफी गड्ढे बन गये है. नहाने व कपड़ा धोने के लिए फुलसराय सरकार तालाब पर लोगों की निर्भरता है. क्या कहते हैं निवर्तमान वार्ड पार्षद इंद्रदेव राम ने कहा कि वार्ड के तालाब का सुंदरीकरण किया गया है. इसमें जिम व व्यायाम की मशीनें लगायी गयी है. रेलवे से एनओसी कर ओवरब्रिज का काम शुरू कराया गया है. जो इस वार्ड के लोगों की लंबे समय से मांग थी. रेलवे लाइन से पुराना स्वास्थ्य केंद्र तक मुख्य सड़क बनवायी गयी. इसके अलावा अनेक विकास के कार्य किये गये. वार्ड में जल नल योजना नहीं पहुंची है. कहा कि फूलवाटांड़ जाने के लिए जोगी झरना नाला में पुल बनाना जरूरी है. इसके लिये कई बार बोर्ड की बैठक में रखा गया. लेकिन यह पुल नहीं बन पाया है. यह पुल फूलवाटांड के लोगों के जरूरी है. बरसात में काफी परेशानी होती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIKASH NATH

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By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

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