श्री अग्रसेन स्कूल में सजा ‘ताल और तमाशा 2.0’ का मंच, अभिनय और सिनेमा से रूबरू हुए विद्यार्थी

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‘ताल और तमाशा 2.0’ कार्यक्रम | Prabhat Khabar Network

श्री अग्रसेन स्कूल भुरकुंडा में ताल और तमाशा 2.0 का आयोजन हुआ. विद्यार्थियों ने अभिनय, रंगमंच और सिनेमा की बारीकियों को सीखा और देशभक्ति नाटकों का आनंद लिया.

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रामगढ़: इंटरैक्ट क्लब ऑफ श्री अग्रसेन स्कूल भुरकुंडा और झारखंड फिल्म एंड थियेटर एकाडमी, रांची के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को श्री अग्रसेन स्कूल में ‘ताल और तमाशा 2.0’ का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को रंगमंच, सिनेमा और संवाद के जरिए अभिनय एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति की विभिन्न विधाओं से परिचित कराया गया.

देशभक्ति नाटक से हुआ उद्घाटन

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद सदस्य राजाराम प्रजापति, झारखंड फिल्म एंड थियेटर एकाडमी के निदेशक राजीव सिन्हा, स्कूल के निदेशक प्रवीण राजगढ़िया और प्राचार्य विवेक प्रधान ने संयुक्त रूप से किया. उद्घाटन सत्र में देशभक्ति पर आधारित हिंदी नाटक ‘वंदे मातरम–आजादी से स्वाभिमान तक’ का मंचन किया गया. नाटक ने पूरे माहौल को देशभक्ति के भाव से भर दिया.

रंगमंच से संवेदनशीलता और कल्पनाशक्ति का विकास

मुख्य अतिथि राजाराम प्रजापति ने कहा कि रंगमंच जीवन को अलग नजरिए से देखने की कला सिखाता है. विद्यार्थी जब किसी किरदार को निभाता है, तो वह केवल अभिनय नहीं करता, बल्कि उस पात्र की भावनाओं और परिस्थितियों को समझने का प्रयास करता है. इससे संवेदनशीलता और कल्पनाशक्ति का विकास होता है. ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का अवसर देते हैं.

नाटक और अभिनय की बारीकियों से होंगे रूबरू

कार्यक्रम के अन्य सत्रों में ‘सिपाही और कविता’, ‘गरीबदास का शून्य’ और ‘ईदगाह’ सहित अन्य नाटकों का मंचन किया जाएगा. साथ ही अभिनय कार्यशाला के तहत थिएटर वर्कशॉप और लाइव थिएटर प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों को अभिनय की बारीकियों से परिचित कराया जाएगा.

संवाद, आवाज और भाव-भंगिमा का कराया जाएगा अभ्यास

कार्यशाला में मंच अभिनय की बुनियादी जानकारी, मंच पर शरीर की भाषा, संवाद अदायगी, आवाज के उतार-चढ़ाव और भावों की अभिव्यक्ति जैसे विषयों पर व्यावहारिक गतिविधियां करायी जाएंगी. वॉइस और एक्सप्रेशन एक्सरसाइज के माध्यम से प्रतिभागियों को आवाज और चेहरे के भावों पर नियंत्रण का अभ्यास भी कराया जाएगा. ये भी पढ़ें- कांके डैम खतरे के निशान के करीब, कभी भी खुल सकता है रूक्का का रेडियल गेट


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डॉ. सलाउद्दीन

लेखक के बारे में

By डॉ. सलाउद्दीन

डॉ. सलाउद्दीन पिछले 30 वर्षों से प्रभात खबर के साथ निष्पक्ष, जनसरोकार और जमीनी पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं। उन्होंने रांची विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्त की तथा विनोबा भावे विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि हासिल की। उनकी उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए झारखंड सरकार की पत्रकारिता फैलोशिप से सम्मानित किया गया।

प्रभात खबर के 40 वर्ष पूरे होने पर प्रकाशित स्मारिका में जनसरोकार आधारित पत्रकारिता करने वाले चुनिंदा पत्रकारों में उन्हें विशेष स्थान मिला। झारखंड राज्य गठन के बाद प्रथम मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह की विशेष कवरेज, हजारीबाग में महिलाओं के शराबबंदी आंदोलन, दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा की रिपोर्टिंग तथा झारखंड स्थापना दिवस विशेषांक में लगातार दो वर्षों तक सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार पर शोधपरक रिपोर्टिंग उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं।

राजनीति और सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों में उनकी विशेष रुचि रही है। अपने पत्रकारिता जीवन में उन्होंने अनेक केंद्रीय नेताओं, सामाजिक आंदोलनकारियों, राष्ट्रीय खिलाड़ियों और फिल्मी हस्तियों के साक्षात्कार लिए हैं तथा महत्वपूर्ण समाचारों का व्यापक संकलन किया है। प्रभात खबर में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने बड़ी संख्या में युवा पत्रकारों का मार्गदर्शन किया। उनके मार्गदर्शन में तैयार कई पत्रकार आज देश के विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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