Ramgarh: नगर परिषद वार्ड-1 तिलैया की हकीकत, मैट्रिक की पढ़ाई के लिए बाहर जाने को मजबूर सैकड़ों छात्र

रामगढ़ का वार्ड नंबर 1 तिलैया है बेहाल
Ramgarh: रामगढ़ के तिलैया वार्ड की कहानी अजीब है. वहां बच्चों को मैट्रिक तक की पढ़ाई के लिए सरकारी स्कूल भी नहीं है. गांव में समस्याओं का अंबार है. कई लोग राजनीति गोटियां भी सेंकने में लगे हैं.
धनेश्वर प्रसाद/प्रदीप यादव
Ramgarh: रामगढ़ नगर परिषद का गठन साल 2015 में किया गया था, जिसे रामगढ़, मांडू और बड़कागांव तीन विधानसभा क्षेत्रों को काटकर बनाया गया. साल 2018 में पहली बार नगर परिषद चुनाव हुए, जिसके बाद निर्वाचित वार्ड पार्षदों द्वारा कई विकास कार्य कराए गए. बावजूद इसके आज भी कई बुनियादी समस्याएं ऐसी हैं, जिनका समाधान नहीं हो सका है और इसका मलाल स्थानीय लोगों में साफ नजर आता है. बता दें कि नगर परिषद क्षेत्र में कुल 32 वार्ड हैं. जहां जिला प्रशासन द्वारा नगर परिषद चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है.
बरसात में आवागमन पूरी तरह बाधित
वार्ड-1 तिलैया में बेदिया, कोयरी, कुर्मी, मुंडा, संथाल, सिंह, ब्राह्मण सहित अन्य समुदायों को मिलाकर लगभग 7500 की आबादी निवास करती है, जबकि मतदाताओं की संख्या 3440 है. जिसमें 1743 पुरुष और महिला मतदाता 1697 हैं. प्रभात खबर की टीम ने जमीनी हकीकत जानने के लिए स्थानीय लोगों से बातचीत की, जहां कई समस्याएं सामने आईं. ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में उच्च विद्यालय की व्यवस्था नहीं है. सरकारी विद्यालय मौजूद तो है, लेकिन अब तक उसका अपग्रेड नहीं हो सका है. इसके कारण बच्चों को मैट्रिक तक की पढ़ाई के लिए बाहर जाना पड़ता है, जिससे अभिभावकों में नाराजगी है. इसके अलावा चौरा झरना नाला पर अब तक पुल का निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे बरसात के दिनों में आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है. वहीं सांडी एनएच-33 से राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय तिलैया तक जाने वाली मुख्य सड़क की हालत बेहद दयनीय बताई गई. कचरा उठाव व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है. मेन पावर की कमी के कारण नियमित साफ-सफाई नहीं हो पा रही है. लोगों का कहना है कि जब तक बुनियादी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं होतीं, तब तक होल्डिंग टैक्स पर रोक लगनी चाहिए.
पूर्व वार्ड पार्षद का दावा
पूर्व वार्ड पार्षद मंजू देवी ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में तिलैया, धनहारा, अंबाटांड़, बेहराटांड़ सहित अन्य स्थानों पर सड़कों का निर्माण कराया गया है. इसके अलावा लगभग 500 स्ट्रीट लाइट लगवाए गए हैं. पीने के पानी की व्यवस्था के साथ वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन समेत अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाया गया है.
स्थानीय लोगों ने क्या कहा
स्थानीय निवासी प्रीति कुमारी ने बताया कि क्षेत्र में पानी की सप्लाई बंद है. जिनके पास निजी व्यवस्था है, वे किसी तरह काम चला लेते हैं, लेकिन जिनके पास कोई व्यवस्था नहीं है, उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर सभी को सुलभ तरीके से पानी मिलना बेहद जरूरी है.
प्रयाग बेदिया ने कहा कि सरकारी विद्यालय मौजूद है, लेकिन उसका अपग्रेड नहीं होना सबसे बड़ी समस्या है. यदि विद्यालय को अपग्रेड कर दिया जाए, तो बच्चे आसानी से मैट्रिक तक की पढ़ाई पूरी कर सकते हैं.
रामवतार महतो ने नगर परिषद क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, शराब पर पूर्ण प्रतिबंध, सब्जी मंडियों में किसानों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लेने, किसानों को लोन उपलब्ध कराने और आधार केंद्र खोलने की मांग की. उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्रों के माध्यम से जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र सरल तरीके से निर्गत किए जा सकते हैं.
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By AmleshNandan Sinha
अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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