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कोल इंडिया ने नयी नीति में किया संशोधन, कोयला कारोबारियों में हर्ष

Updated at : 29 Oct 2025 11:02 PM (IST)
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कोल इंडिया ने नयी नीति में किया संशोधन, कोयला कारोबारियों में हर्ष

कोल इंडिया ने नयी नीति में किया संशोधन, कोयला कारोबारियों में हर्ष

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झारखंड कोल ट्रेडर्स ट्रस्ट कुजू और सीसीएल क्षेत्र के कारोबारियों ने किया था संघर्ष कुजू. सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में कोल इंडिया की ई-आक्शन की नयी नीति के तहत बैंक गारंटी, सैंपलिंग आदि को लेकर झारखंड कोल ट्रेडर्स ट्रस्ट कुजू और सीसीएल क्षेत्र के कारोबारियों के संघर्ष को सकारात्मक परिणाम मिला है. कोल इंडिया ने ई-नीलामी योजना 2022 से संबंधित कुछ संशोधनों की स्वीकृति दे दी है. इससे कोयला कारोबारियों में हर्ष है. कोल इंडिया के मुख्य संशोधनों में वह खरीदार जो सीआइएल ई-नीलामी योजना के अंतर्गत थर्ड पार्टी सैंपलिंग का विकल्प नहीं चुनते हैं, उनके लिए कोल कंपनी द्वारा अनिवार्य सैंपलिंग की शर्त को एक नवंबर से शुरू होने वाली सभी ई-नीलामी के लिए वापस लिया गया है. जो ई-नीलामी 1 नवंबर से पहले आयोजित या अधिसूचित की गयी है, उनके कोयला प्रेषण के लिए अनिवार्य सैंपलिंग प्रावधान को पूर्व सूचना 27 जून 2025 के अनुसार जारी रखा जायेगा. इसके बाद एक अक्तूबर से कोयला प्रेषणों के आधार पर अनिवार्य सैंपलिंग के अंतर्गत आने वाली सभी ई-नीलामी के कार्यक्रमों की गुणवत्ता आश्वासन स्थिति की समीक्षा की जायेगी. संशोधित सीआइएल ई-नीलामी योजना 2022 एक नवंबर से प्रभावी होगी. सीआइएल के इडी एमएंडएल ने उक्त संशोधन संबंधित पत्र कोल इंडिया की सभी अनुषांगिक इकाई के जीएम मार्केटिंग एंड सेल्स को दिया है. 12 अक्तूबर को सांसद को कराया गया था अवगत : उल्लेखनीय हो कि सीआइएल के डायरेक्टर मार्केटिंग सेल्स कोलकाता द्वारा सैंपलिंग, बीजी आदि नयी नीति के विरोध में झारखंड कोल ट्रेडर्स ट्रस्ट, कुजू की मांग को मानने से इंकार के बाद ट्रस्ट अध्यक्ष काशीनाथ महतो के नेतृत्व में सचिव राजेश गुप्ता, धनंजय सिंह, कृष्णदेव तिवारी, मुकेश अगरिया, आलोक पांडेय व संदीप केडिया ने 12 अक्तूबर को गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी को कोयला कारोबारियों की समस्याओं से अवगत कराया गया था. सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने मामले को गंभीरता से लेते व सीआइएल चेयरमैन से उक्त नयी नीति का विरोध करते हुए 13 अक्तूबर को उनके साथ बैठक की थी. चेयरमैन से संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने कोयला सचिव के साथ बैठक कर कोयला कारोबारियों की समस्याओं व इससे उत्पन्न होने वाली बेरोजगारी के परिणाम से अवगत कराया था. इसके बाद सीआइएल ने अपनी नयी नीतियों में संशोधन करते हुए कोयला कारोबारियों व इससे जुड़े व्यवसायों को राहत दी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SAROJ TIWARY

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