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मन की प्रवृत्तियों पर नियंत्रण रखना ही उत्तम संयम धर्म : निवेश शास्त्री

Updated at : 02 Sep 2025 11:16 PM (IST)
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मन की प्रवृत्तियों पर नियंत्रण रखना ही उत्तम संयम धर्म : निवेश शास्त्री

मन की प्रवृत्तियों पर नियंत्रण रखना ही उत्तम संयम धर्म : निवेश शास्त्री

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रामगढ़. दशलक्षण महापर्व के छठे दिन रामगढ़ के दोनों जिनालयों में उत्तम संयम धर्म की पूजा विधि-विधान से की गयी. उत्तम संयम धर्म को लेकर पंडित निवेश शास्त्री ने बताया कि संयम का अर्थ है आत्म नियंत्रण. पांच इंद्रियो एवं मन की प्रवृत्तियों पर अंकुश रखकर उनकी अनर्गल प्रवृत्तियों पर नियंत्रण रखना उत्तम संयम धर्म है. उन्होंने कहा कि गुरु और शिष्य के बीच दंड का भी एक रिस्ता होना चाहिए. उत्तम संयम धर्म के अवसर पर जलाभिषेक का सौभाग्य राजेंद्र, राजेश चूड़ीवाल परिवार, भागचंद लुहाड़िया परिवार, मनोरमा देवी, अजय पाटनी परिवार, शांतिलाल, राकेश पांड्या परिवार, अशोक, अमित परिवार, इंद्रमणि देवी चूड़ीवाल परिवार को प्राप्त हुआ. शांतिधारा का सौभाग्य राजेंद्र, राजेश चूड़ीवाल परिवार, इंद्रमणि देवी चूड़ीवाल परिवार को प्राप्त हुआ. रांची रोड जिनालय में अभिषेक एवं शांतिधारा का सौभाग्य माणिक चंद परिवार को प्राप्त हुआ. संयम धर्म की जानकारी देते हुए जैन समाज के सचिव योगेश सेठी ने बताया कि मायारूपी संसार में मन को स्थिर रखने के लिए कामनाओं पर नियंत्रण जरूरी है. इंद्रियों पर सही नियंत्रण संयम धर्म है. योगेश सेठी व श्रवण जैन ने कहा कि दशलक्षण माह पर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म की पूजा होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SAROJ TIWARY

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