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झाड़ियां ही पहचान हैं पतरातू रेलवे कॉलोनी की, शर्मसार होते हैं लोग

Updated at : 01 Dec 2025 11:19 PM (IST)
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झाड़ियां ही पहचान हैं पतरातू रेलवे कॉलोनी की, शर्मसार होते हैं लोग

झाड़ियां ही पहचान हैं पतरातू रेलवे कॉलोनी की, शर्मसार होते हैं लोग

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:::जगह-जगह खराब हो गयी है स्ट्रीट लाइट, सड़क पर बहते रहता है गंदा पानी अजय तिवारी, पतरातू पतरातू रेलवे कॉलोनी की बदहाली के कारण यहां के रेल कर्मचारियों को काफी परेशानी हो रही है. कॉलोनी के लोगों ने बताया कि वर्षों से रखरखाव और मरम्मत का काम नहीं हुआ है. इसके कारण आवास की स्थिति जर्जर हो गयी है. यहां की नालियां टूट गयी हैं. कॉलोनी की गलियों में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग गयी है. जगह-जगह स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी है. नाली टूट जाने से सड़क पर गंदा पानी बहते रहता है. कई जगह सेप्टिक टैंक से जुड़ा पाइप भी टूट गया है. इसके कारण गंदगी नालियों में बह रही है. इससे स्वच्छता व स्वास्थ्य पर संकट खड़ा हो गया है. कॉलोनी के लोगों ने बताया कि यहां की समस्याओं की जानकारी ट्विटर के माध्यम से हाजीपुर महाप्रबंधक को दी गयी है, लेकिन अब तक इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है. मुख्य रास्ते के संबंध में भी रेल मंत्री को ट्वीट कर जानकारी दी गयी थी. इसके बाद सड़क मरम्मत का काम शुरू हो गया है, लेकिन कार्य की गुणवत्ता खराब है. कॉलोनी में बच्चों के लिए बना पार्क बंद है. इससे बच्चों को खेलकूद में परेशानी हो रही है. रेलवे रिजर्वेशन क्लब में भी खेलकूद की सुविधाओं की कमी है. अधिकारियों ने कई बार इसका निरीक्षण किया है, लेकिन स्थिति में अब तक सुधार नहीं हुई है. अधूरा है तालाब का काम : आरबीएनएल ने ऑफिसर्स कॉलोनी के पास तालाब कार्य को भी अधूरा छोड़ दिया है. केवल मिट्टी काट कर बड़ा गड्ढा बना दिया गया है. लोगों ने प्रबंधन से कॉलोनियों की स्थिति सुधारने की मांग की है. कॉलोनी में जल समस्या भी गंभीर होती जा रही है. मोटर पंप पुराने होने के कारण हमेशा ब्रेकडाउन होते रहता है. इससे जलापूर्ति प्रभावित होती रहती है. ऐसी स्थिति में लोगों को वैकल्पिक जलस्रोतों पर निर्भर होना पड़ता है. लोगों का कहना है कि समस्याओं के कारण उनकी दैनिक जिंदगी कठिन बन गयी है. रेलवे प्रबंधन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है. जल्द ही कदम उठाये जायेंगे : एइएन : रेलवे के एइएन राकेश कुमार ने बताया कि अधिकांश आवास काफी पुराने हो चुके हैं. इनमें से कई को जर्जर घोषित कर दिया गया है. कई जर्जर आवासों को तोड़ दिया गया है. कुछ को खाली करने का नोटिस जारी किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस संबंध में आवश्यक कदम उठाये जायेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SAROJ TIWARY

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