ePaper

चितरपुर के बुनियादी विद्यालय में सरस्वती वाहिनी माता समिति के चुनाव पर हंगामा

Updated at : 09 Sep 2025 11:38 PM (IST)
विज्ञापन
चितरपुर के बुनियादी विद्यालय में सरस्वती वाहिनी माता समिति के चुनाव पर हंगामा

चितरपुर के बुनियादी विद्यालय में सरस्वती वाहिनी माता समिति के चुनाव पर हंगामा

विज्ञापन

:::आपसी विरोध और भ्रम की स्थिति के कारण नहीं हो पाया माता समिति का गठन चितरपुर. चितरपुर स्थित राजकीय बुनियादी विद्यालय में मंगलवार को विद्यालय प्रबंधन समिति एवं सरस्वती वाहिनी माता समिति के गठन के लिए ग्रामीणों की बैठक हुई. बैठक में चितरपुर उत्तरी पंचायत की मुखिया मंजू देवी, पर्यवेक्षक सीआरपी हीरू प्रजापति व सहित ओहदार उपस्थित थे. बैठक में विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन किया गया. इसमें अध्यक्ष सविता देवी एवं उपाध्यक्ष जागेश्वर राम को चुना गया. राधा कुमारी, सविता कुमारी, उषा देवी, लक्ष्मी देवी, नमिता देवी, संजय केवट, उत्तम कुमार, पंचम कुमार, बसंती देवी और शिवानी देवी को समिति का सदस्य बनाया गया. समिति गठन के समय ग्रामीणों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही, लेकिन बैठक के दौरान सरस्वती वाहिनी माता समिति के गठन को लेकर विवाद हो गया. हंगामे की वजह से माता समिति का चुनाव स्थगित करना पड़ा. पर्यवेक्षकों ने बताया कि विभागीय आदेश के तहत दोनों विद्यालय प्रबंधन समिति का पुनर्गठन करना था. इसके बाद चयनित महिला सदस्यों में ही संयोजिका और उप संयोजिका का चयन करना था. आपसी विरोध और भ्रम की स्थिति के कारण सरस्वती वाहिनी माता समिति का गठन नहीं हो पाया. पर्यवेक्षकों ने बताया कि चितरपुर प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों में कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रबंधन और माता समिति का गठन हुआ है. यहां विवाद के कारण माता समिति का गठन नहीं हो पा रहा है. पूर्व संयोजिका अनीता देवी ने कहा कि झारखंड शिक्षा परियोजना विभाग के पत्र के अनुसार इस समिति का चुनाव होना ही नहीं है. सरस्वती वाहिनी माता समिति का गठन नहीं करने पर प्रबंधन समिति का भी होगा विरोध : करमा चौधरी : रसोइया संयोजिका संघ के जिलाध्यक्ष करमा चौधरी ने भी सरकार के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि यदि चुनाव कराना है, तो पूरे राज्य में कराया जाये, केवल रामगढ़ जिले में नहीं. उन्होंने कहा कि इसी कारण संघ के सदस्य यहां विरोध कर रहे हैं. उधर, प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष विकास रजक ने चेतावनी दी कि यदि सरस्वती वाहिनी माता समिति का गठन नहीं किया गया, तो प्रबंधन समिति का भी विरोध किया जायेगा. वहीं, बसंती कुमारी ने सवाल उठाया कि जब 14 जुलाई 2025 को उन्हें प्रबंधन समिति का अध्यक्ष चुना जा चुका है, तो दोबारा चुनाव कराना उनकी समझ से परे है. अंततः प्रबंधन समिति का गठन तो हो गया, लेकिन सरस्वती वाहिनी माता समिति को लेकर विवाद ने बैठक का माहौल गरमा दिया. बैठक की अध्यक्षता सत्यवती देवी ने की. बैठक में प्रधानाध्यापक चंद्रदेव साव, विकास रजक, पंचम कुमार, बसंती कुमारी मौजूद थे. क्या है सरस्वती वाहिनी माता समिति के नियम : सरस्वती वाहिनी माता समिति विद्यालय प्रबंधन समिति की ही उप समिति है. प्रबंधन समिति की महिला सदस्य ही सरस्वती वाहिनी माता समिति की संयोजिका, उप संयोजिका एवं सदस्य होती हैं. प्राथमिक शिक्षा निदेशालय स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के राज्य के प्रभारी सचिव उमाशंकर सिंह के हस्ताक्षर से निर्गत पत्र के अनुसार विद्यालय प्रबंधन समिति की महिला सदस्यों से ही संयोजिका का चुनाव करना है. गौरतलब हो कि विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य वही बन सकते हैं, जिनके बच्चे विद्यालय में अध्ययनरत हो.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SAROJ TIWARY

लेखक के बारे में

By SAROJ TIWARY

SAROJ TIWARY is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola