ePaper

एनएच को बंद करने की चेतावनी

23 Apr, 2017 1:11 am
विज्ञापन
एनएच को बंद करने की चेतावनी

आक्रोश. मुआवजा राशि नहीं मिलने से नाराज हैं रैयत डीसी को आवेदन देकर मांगी कर वसूलने की अनुमति 15 दिन में उक्त राशि के भुगतान की मांग की मांडू : मांडू जोड़ाकरम में एनएच 33 अधिग्रहित भूमि का मुआवजा घोटाला एक बार पुनः गरमा गया है. 13 विस्थापित रैयतों ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंप […]

विज्ञापन

आक्रोश. मुआवजा राशि नहीं मिलने से नाराज हैं रैयत

डीसी को आवेदन देकर मांगी कर वसूलने की अनुमति
15 दिन में उक्त राशि के भुगतान की मांग की
मांडू : मांडू जोड़ाकरम में एनएच 33 अधिग्रहित भूमि का मुआवजा घोटाला एक बार पुनः गरमा गया है. 13 विस्थापित रैयतों ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंप कर 15 दिन में उक्त राशि के भुगतान की मांग की है. अधिग्रहित जमीन को वापस करने या उक्त भूमि में वाहनों से मुआवजा के बदले कर लेने की अनुमति मांगी है. ऐसा नहीं होने पर जोड़ाकरम में एनएच को बंद करने की बात कही गयी है. गाैरतलब हो कि13 रैयतों को एनएच 33 चौड़ीकरण की मुआवजा राशि (तीन करोड़ 53 लाख 33 हजार 760) नहीं मिली है. जिला भू अर्जन पदाधिकारी एवं कर्मचारी की मिलीभगत से दूसरे फरजी रैयतों को राशि का भुगतान किया गया है.
रैयतों ने बताया कि 26 सितंबर 2016 को रामगढ़ डीसी की अध्यक्षता में बैठक हुई थी. इसमें डीसी ने मुआवजा भुगतान का निर्देश दिया था. बावजूद अब तक रैयतों को राशि उपलब्ध नहीं करायी गयी है. विस्थापितों ने कहा कि सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाते- लगाते परेशान हो गये हैं. गरीब आदिवासियों को अब तक भूमि मुआवजा का भुगतान नहीं किया गया है.
ये हैं विस्थापित : जोड़ाकरम सड़क चौड़ीकरण में जिन रैयतों की जमीन अधिग्रहित हुई हैं, इनमें खाड़े मांझी, कार्तिक मांझी, बुद्धू मांझी, विश्राम मांझी, कांदो मांझी, अर्जुन मांझी, अनिल मांझी, अर्जुन मांझी, करमा मांझी, संझला मांझी, चुनकू मांझी व ढुनू मांझी शामिल हैं.
दोषियों को बचा रहा है प्रशासन : विस्थापित नेता
विस्थापितों का नेतृत्व कर रहे झामुमो नेता बोधन मांझी ने बताया कि जिला प्रशासन मुआवजा घोटाला में शामिल दोषियों को बचाने में लगा है.
घोटाला में शामिल भू अर्जन कार्यालय के कर्मियों को अन्यत्र तबादला कर कार्य करवा रहा है. रैयत कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं. स्थानीय पुलिस भी चुप है. मांडू थाना में इस प्रकरण में तीन -तीन मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. मामले की जांच जिला पुलिस कप्तान, एसडीपीओ, पुलिस निरीक्षक व थाना प्रभारी कई बार कर चुके हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन

अपने पसंदीदा शहर चुनें

ऐप पर पढ़ें
Page not found - Prabhat Khabar