लीड) मौत से सहमा कोड़ी गांव

Published at :08 Dec 2015 9:00 PM (IST)
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लीड)  मौत से सहमा कोड़ी गांव

लीड) मौत से सहमा कोड़ी गांव फ्लैग-हावड़ा-भोपाल एक्सप्रेस की चपेट में आकर बोलेरो सवार 14 लोग मारे गये थे8बीएचयू-2-मृतक भीम, 3-भारती, 4-सरयू ठाकुर, 5-मंजु देवी, 6-मून देवी, 7-लोलेश्वर ठाकुर, 8-आरती, 9-जीवन उर्फ राजू (सभी हादसे के शिकार लोगों की फाइल फोटो).8बीएचयू-10-गुमशुम बैठे परिवार के प्रमुख विगल ठाकुर, 11-जीवन उर्फ राजू की गमजदा पत्नी, 12-विलाप करते […]

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लीड) मौत से सहमा कोड़ी गांव फ्लैग-हावड़ा-भोपाल एक्सप्रेस की चपेट में आकर बोलेरो सवार 14 लोग मारे गये थे8बीएचयू-2-मृतक भीम, 3-भारती, 4-सरयू ठाकुर, 5-मंजु देवी, 6-मून देवी, 7-लोलेश्वर ठाकुर, 8-आरती, 9-जीवन उर्फ राजू (सभी हादसे के शिकार लोगों की फाइल फोटो).8बीएचयू-10-गुमशुम बैठे परिवार के प्रमुख विगल ठाकुर, 11-जीवन उर्फ राजू की गमजदा पत्नी, 12-विलाप करते राजू के परिजन, 13-विलाप करते सरयू ठाकुर के परिजन, 14-जीवन उर्फ राजू का घर, 15-सरयू ठाकुर का घर, 16-बसंती देवी, जिनके यहां सभी मुंडन संस्कार में गये थे, 17-सहयोग राशि जुटाते ग्रामीण, 18-ग्रामीणों के साथ बैठक करते अधिकारी, 19-बोलेरो के मलवे को देखते पहुंचे लोग, 25-घर पर जुटे ग्रामीण, 26-घर के बाहर जुटे शोकाकुल लोग, 27-शवों के दाह संस्कार के लिए लकड़ी जुटाते ग्रामीण.भदानीनगर. सोमवार देर शाम भुरकुंडा रेलवे स्टेशन के समीप हावड़ा-भोपाल (13025) एक्सप्रेस की चपेट में आकर मारे गये बोलेरो (जेएच08बी-9235) सवार सभी 14 लोगों की मौत से पूरा क्षेत्र दहल गया. घटना की खबर जिसे भी मिली, वह स्टेशन की ओर दौड़ पड़ा. घटनास्थल पर जुटे सभी लोग गम में थे. सभी लोग इस घटना को अपने-अपने तरीके से देख रहे थे. रेलवे ट्रैक पर लोगों के जूते-चप्पल, कपड़े आदि बिखरे हुए थे. खून के बिखरे धब्बे व मांस के लोथड़े देख कर लोग स्तब्ध थे. मारे गये सभी लोग एक परिवार के थे : घटना में मारे गये बोलेरो सवार लोग पतरातू प्रखंड की सांकी पंचायत अंतर्गत कोड़ी गांव के थे. एक व्यक्ति अरमादाग में रहता था, वह भी इसी परिवार का सदस्य था. सभी लोग एक ही परिवार के थे. मृतकों में रुक्मिणी देवी (55), सरयू ठाकुर (33), लोलेश्वर ठाकुर (27), सविता देवी (25), मंजु देवी (30), मून देवी (23), आरती कुमारी (12), भारती कुमारी (9), आदर्श कुमार (6), अनिकेत उर्फ बाबू (3)आर्यन कुमार (5), प्रीयंशु कुमार (2), मुस्कान कुमारी (6) व गाड़ी चालक सह मालिक राजू ठाकुर (26) शामिल हैं. मृतक सरयू व लोलेश्वर सगे भाई थे. जबकि सविता बहन थी. तीनों विगल ठाकुर के संतान थे. सरयू ठाकुर समेत इनकी पत्नी मंजु देवी, बेटा आदर्श व बाबू, बेटी आरती व भारती घटना के शिकार हुए. लोलेश्वर समेत इनकी पत्नी मून देवी, बेटा आर्यन व प्रियंशु मारे गये. सविता देवी की पुत्री मुस्कान कुमारी की भी मौत हो गयी. सरयू, लोलेश्वर व सविता विगल ठाकुर के संतान थे. जबकि रुक्मिणी देवी विगल की पत्नी थी. चालक राजू उर्फ जीवन शंकर ठाकुर का पुत्र था. सभी संयुक्त परिवार थे.कौन लोग बचे हैं परिवार में : घटना के बाद अब परिवार में विगल ठाकुर, हेमलाल ठाकुर, पत्नी चिंता देवी, पुत्री डॉली व खुशी व पुत्र लक्की बचे हैं. जबकि विगल ठाकुर के भाई स्व शंकर ठाकुर के पुत्र जीवन उर्फ राजू (हादसे के शिकार) के परिवार में राजू की पत्नी व भाई अजय ही बचे हैं. इस हादसे से लगभग एक पूरा वंश ही समाप्त हो गया है. मुंडन संस्कार से लौट रहे थे सभी : बताया गया कि रविवार को सभी मारंगमरचा (चितरपुर) मुंडन संस्कार में भाग लेने के लिए रिश्तेदार सुबोध ठाकुर व बसंती देवी के यहां गये थे. रविवार रात सभी ने यहीं पर गुजारी थी. सोमवार को अपने अन्य रिश्तेदारों से मुलाकात के बाद सभी अपने गांव कोड़ी लौट रहे थे. इसी दौरान रात लगभग 9.15 बजे उक्त लोग घटना के शिकार हो गये. देखते ही देखते क्षण भर में एक हंसता-खेलता परिवार काल के गर्भ में समा गया.थम नहीं रहे थे परिजनों के आंसू : घटना से स्तब्ध लोग मंगलवार सुबह कोड़ी गांव में विगल ठाकुर के घर पर जुटे. सभी ने अन्य परिजनों को ढांढ़स बंधाया. लेकिन परिजनों के आंसू थम नहीं रहे थे. घटना में अपने पुत्र सरयू, लोलेश्वर, पुत्री सविता देवी व पत्नी रुक्मिणी देवी समेत अन्य परिजनों को खो चुके विगल ठाकुर गुमशुम बैठे थे. परिजनों के साथ-साथ गांव-समाज भी गम में डूबा था.ग्रामीणों ने की आर्थिक मदद : 14 लोगों की मौत का गम झेल रहे परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे ग्रामीणों ने आपस में आर्थिक मदद भी जुटायी. अनाज भी दिया. मौके पर मुखिया कोमिला देवी, मनोज राम, कृष्णा सिंह, महेश ठाकुर, रामफल बेदिया, प्रदीप साहू, अर्जुन बेदिया, सुनील सोनी, हरिलाल बेदिया, संतोष साव, इमरान अंसारी, कयुमुद्दीन, हीरा गोप, सरयू मुंडा, सन्नी कुशवाहा, बालेश्वर बेदिया, कृष्णा बेदिया, धनंजय सिंह, नरेश बड़ाइक, रामवृक्ष करमाली, विजेंद्र मुंडा, बीरबल बेदिया, टिंकू बेदिया, देवलाल मुंडा आदि जुटे थे.जुटा अधिकारियों का दल : मंगलवार सुबह कोड़ी गांव में अधिकारियों का दल भी पहुंचा. दल में डीएसपी, बीडीओ, सीओ समेत अन्य थानों के प्रभारी शामिल थे. अधिकारियों ने परिजनों से मुलाकात की. कहा कि घटना दुखदायी है. मौके पर ग्रामीणों के साथ भी बैठक की. ग्रामीणों ने अधिकारियों से उक्त घटना स्थल पर रेलवे फाटक निर्माण कराने की मांग प्रमुखता से उठायी. सरकारी सुविधा देने की भी मांग की. मुआवजा के तौर पर प्रत्येक परिजन को पांच-पांच लाख रुपये देने की भी मांग रखी गयी. मांगों से संबंधित ग्रामीणों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा. इधर, दोपहर बाद भी कई अधिकारियों के आगमन की सूचनाएं मिल रही थी.

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