हेडलाइन...डीएसआरसी को डियर पार्क बनाने की पेशकश

Published at :07 Dec 2015 10:12 PM (IST)
विज्ञापन
हेडलाइन...डीएसआरसी को डियर पार्क बनाने की पेशकश

हेडलाइन…डीएसआरसी को डियर पार्क बनाने की पेशकशफोटो फाइल 7आर-ए-पूरबडीह गोला के डीएसआरसी का मुख्य गेट, 7आर-बी-बना वाच टावर, 7आर-सी-डीएसआरसी का घेरा.संजय शुक्ला , रामगढ़. वन प्रमंडल पदाधिकारी रामगढ़ द्वारा गोला वन प्रक्षेत्र के डियर सॉफ्ट रिलिज सेंटर (डीएसआरसी) को डियर पार्क के रूप में विकसित करने को लेकर क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, बोकारो को पत्र […]

विज्ञापन

हेडलाइन…डीएसआरसी को डियर पार्क बनाने की पेशकशफोटो फाइल 7आर-ए-पूरबडीह गोला के डीएसआरसी का मुख्य गेट, 7आर-बी-बना वाच टावर, 7आर-सी-डीएसआरसी का घेरा.संजय शुक्ला , रामगढ़. वन प्रमंडल पदाधिकारी रामगढ़ द्वारा गोला वन प्रक्षेत्र के डियर सॉफ्ट रिलिज सेंटर (डीएसआरसी) को डियर पार्क के रूप में विकसित करने को लेकर क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, बोकारो को पत्र दिया गया है. इस पत्र में कहा गया है कि मुख्य वन संरक्षक एवं निदेशक के आदेश पर इस वन क्षेत्र का स्थल निरीक्षण भगवान बिरसा जैविक उद्यान ओरमांझी की टीम द्वारा किया गया है. पूर्व में इस पूरबडीह वन क्षेत्र में डीएसआरसी को विकसित करने की योजना बनायी गयी थी. क्या है डियर सॉफ्ट रिलिज सेंटर डियर सॉफ्ट रिलिज सेंटर में हिरण के छोटे-छोटे बच्चों को रखा जाता है. इसकी अच्छी तरह से देखभाल व विकास के लिए वन क्षेत्र में प्राकृतिक स्वरूप दिया जाता है. ताकि इसमें रखने वाले हिरण के बच्चों का उचित रखरखाव के साथ विकास हो. छोटे हिरण के बच्चे जब बड़े हो जाते हैं, तो उन्हें दूसरे पार्क में भेज दिया जाता है. इसके स्थान पर फिर छोटे डियर को रखा जाता है. इससे हिरण प्रजाति का संवर्द्धन के साथ संरक्षण किया जाता है. डियर सॉफ्ट रिलिज सेंटर को लेकर इस वन क्षेत्र के पूरबडीह में कई संरचना का निर्माण किया गया था. इसके निरीक्षण के लिए मुख्य वन संरक्षक सह निदेशक के निर्देश पर एक टीम ने बीते माह पूरबडीह के डीएसएलएफ क्षेत्र भेजा था. वन क्षेत्र में किये गये हैं कई निर्माण जांच टीम की रिपोर्ट में कहा है कि पूरबडीह पीएफ प्लॉट संख्या-1630 एवं 1691 के कुल रकबा-409.07 एकड़ में फैला है. इसके 18 एकड़ भूभाग में रिलिज सेंटर का निर्माण किया गया है. जो पूरबडीह पीएफ के पूरब, उत्तर व दक्षिण दिशा में सुरक्षित वनों का विस्तार है. इसमें 18 एकड़ क्षेत्रफल का घेरान 4055 फीट सिंगल लाइन में किया गया है. मुख्य गेट में एक टिकट घर का निर्माण किया गया है. वहीं पास में एक डीप बोरिंग की गयी है. इसमें समर सेबुल पंप डाला गया है. पानी स्टोरेज के लिए संप का निर्माण किया गया है, जो ओपन है. निर्धारित क्षेत्र के बीचो-बीच वाच टावर बना है. जहां तक पहुंचने के लिए मोरम सड़क है. सुरक्षा के लिहाज से डीएसएलसी में कई खामियों का है जिर्क जांच टीम ने कहा है कि संरचना एक लाइन घेरा की है. जो जानवर की सुरक्षा के लिहाज से उपयुक्त नहीं है. टिकट घर की आवश्यकता डियर सॉफ्ट रिलिज सेंटर के लिए नहीं, बल्कि सफारी अथवा पार्क के लिए की जा सकती है. साथ ही निर्माण में पानी की व्यवस्था के लिए खुला संप बनाया गया है, जो डियर जैसे वन्य प्राणियों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है. कभी भी उसमें वन प्राणी गिर सकते हैं. वहीं डीएसएलसी में वन्य प्राणियों को सूखा चारा देने के लिए फिडिंग प्लेटफार्म का निर्माण नहीं किया गया है. साथ ही वन्य प्राणियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सा आदि के लिए काराल एवं शेड का अभाव है. डियर रखने के लिए आवश्यक अनुमति का भेजा गया है प्रस्ताव : केके त्रिपाठी डीएफओ रामगढ़ केके त्रिपाठी से पूछे जाने पर बताया कि वन प्रमंडल क्षेत्र रामगढ़ के पूरबडीह गोला में डियर सॉफ्ट रिलिज सेंटर के स्थान पर डियर रखने के लिए आवश्यक अनुमति का प्रस्ताव क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक बोकारो को भेजा गया है. विभाग से अनुमति के बाद यहां डियर पार्क खुलने का मार्ग प्रशस्त होगा. इससे यहां के लोग पार्क में हिरण को देख सकेंगे. यह वन प्रक्षेत्र हिरण के रहने के लिए उपयुक्त है. हिरण रखने के लिए तमाम जानकारियों का एक दस्तावेज भेजा गया है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola