अतिक्रमण हटाओ अभियान. ओरियातू, चिट्टो व निम्मी में कार्रवाई, लोगों में निराशा, दर्जनों घर पर चला बुलडोजर

Updated at : 14 Oct 2017 11:49 AM (IST)
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अतिक्रमण हटाओ अभियान. ओरियातू, चिट्टो व निम्मी में कार्रवाई, लोगों में निराशा, दर्जनों घर पर चला बुलडोजर

भदानीनगर: भदानीनगर ओपी क्षेत्र के ओरियातू, चिट्टो व निम्मी गांव में प्रशासन व रेल प्रबंधन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चला कर दर्जनों घरों को ध्वस्त कर दिया. अतिक्रमण के दायरे में आनेवाले किसी भी चीज को नहीं छोड़ा गया. अतिक्रमण एरिया में आने वाले कुएं, इंदिरा आवास, पेड़ को भी नष्ट कर दिया गया. रेलवे […]

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भदानीनगर: भदानीनगर ओपी क्षेत्र के ओरियातू, चिट्टो व निम्मी गांव में प्रशासन व रेल प्रबंधन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चला कर दर्जनों घरों को ध्वस्त कर दिया. अतिक्रमण के दायरे में आनेवाले किसी भी चीज को नहीं छोड़ा गया. अतिक्रमण एरिया में आने वाले कुएं, इंदिरा आवास, पेड़ को भी नष्ट कर दिया गया. रेलवे द्वारा अधिग्रहित जमीन से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने के लिए शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे बुलडोजर के साथ प्रशासन व रेल अधिकारियों का दल पहुंचा. बुलडोजर देखते हुए ग्रामीणों में हड़कंप मच गया. कुछ ही घंटों की कार्रवाई में गांव की सूरत बदल गयी.


पतरातू सीओ सह दंडाधिकारी अजय तिर्की ने 11 अक्तूबर को गांव पहुंच कर अतिक्रमण की गयी जमीन को खाली करने से संबंधी आदेश चिपकाया था. इसमें ग्रामीणों को खुद से अतिक्रमण हटाने के लिए 48 घंटे की मोहलत दी गयी थी. मोहलत पूरा होते ही अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर गांव पहुंच गया. फिलहाल अतिक्रमण की कार्रवाई से गांव के दर्जनों परिवार बेघर हो गये हैं. अभियान में सीओ अजय तिर्की, इंसपेक्टर कमलेश पासवान, प्रभारी सीआइ मंजु रविदास, राजस्व कर्मचारी सुखदेव कुमार, कल्याण नायक, रेल अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह, मिथिलेश कुमार, मनोज कुमार, वीएन उपाध्याय, अविनाश कुमार समेत भदानीनगर, बरकाकाना, बासल पुलिस शामिल थे.
कई ग्रामीणों के इंदिरा आवास भी तोड़ दिये गये
रेलवे द्वारा कोडरमा-बरकाकाना-रांची रेल लाइन परियोजना के लिए उक्त गांवों में जमीन का अधिग्रहण किया गया था. ग्रामीण प्रकाश टोप्पो, जुगल नायक, फूलेश्वर उरांव, समंची देवी, विमला देवी आदि के अनुसार, जमीन के बदले उन्हें पूरा मुआवजा व पुनर्वास की सुविधा आज नहीं मिली है. अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस चिपकाये जाने के बाद ग्रामीणों ने उपायुक्त से मामले पर हस्तक्षेप करने की गुहार लगायी. जमीन व संपत्ति का मुआवजा समेत पुनर्वास दिलाने का आग्रह करते हुए बताया कि कितनी जमीन अतिक्रमण के दायरे में आ रही है. इसका सीमांकन भी नहीं हुआ है. इसमें हम लोग खुद से अतिक्रमण हटाने का काम नहीं कर पा रहे हैं. ग्रामीणों को उम्मीद थी कि उपायुक्त के स्तर से मामले पर संज्ञान लिया जायेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
दर्जनों ग्रामीण हो गये बेघर
ओरियातू व निम्मी गांव के रत्नी देवी, सुखनी देवी, रवींद्र उरांव, विमला देवी, अनिल उरांव, बुद्धदेव उरांव, विनोद उरांव, जुगल उरांव, दांदो उरांव, बालेश्वर बेदिया, पहलू उरांव, सुनील उरांव, संजय उरांव, अजय उरांव, रामदेव उरांव, किशुन उरांव, बालदेव उरांव, प्रकश टोप्पो, सुखला देवी, सुकरा उरांव, कालेंद्र उरांव, चिट्टो के विक्रम उरांव, चरका उरांव, मंगला भोक्ता, जयपाल भोक्ता के घर तोड़ देने से सभी बेघर हो गये हैं.
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