शहर के कई मोहल्ले में जल संकट

Updated at : 03 Apr 2025 9:06 PM (IST)
विज्ञापन
शहर के कई मोहल्ले में जल संकट

गर्मी के दस्तक देते ही पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर की लाइफ लाइन कोयल नदी सूखने के कगार पर है.

विज्ञापन

मेदिनीनगर. गर्मी के दस्तक देते ही पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर की लाइफ लाइन कोयल नदी सूखने के कगार पर है. इस कारण भू-जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है. इस वजह से शहर के अधिकांश चापानलों से पानी निकलना कम हो गया है. शहर के कई मोहल्ले में जल संकट शुरू हो गया. खास कर ड्राइ जोन के रूप में चिह्नित बैंक कालोनी, बजराहा, निमिया, बैरीया, आबादगंज, कांदू मोहल्ला, मुस्लिम नगर, पहाड़ी मोहल्ला, सुदना के आजाद नगर, पटेल नगर, अघोर आश्रम रोड, पंचवटी नगर में जलस्तर नीचे चले जाने से परेशानी शुरू हो गयी है. जिनके घर में मोटर लगा है, वे लोग भी अब जल संकट का एहसास कर रहे हैं. ज्योति सिंह का कहना है कि पूर्व में एक हजार की टंकी आधे घंटे में भर जाती थी. अब वह डेढ़ से दो घंटे में भरती है. आधा घंटा के बाद पानी निकलना बंद हो जाता है. धनंजय पांडेय, बबलू तिवारी, राधिका देवी का कहना है कि जिस चापानल पर निर्भर है, उन्हें जल संकट का सामना करना पड़ रहा है. जलस्तर नीचे चले जाने का सीधा असर शहर की जलापूर्ति केंद्र पर भी पड़ा है. सभी जलापूर्ति केंद्र पानी की कमी झेल रहे हैं. सुदना व बारालोटा जलापूर्ति केंद्र के कुआं में बालू भरा हुआ है. बारालोटा जलापूर्ति केंद्र से दो दिन के अंतराल पर जलापूर्ति हो रही है. ये दोनों केंद्र तकनीकी खराबी का सामना कर रहे हैं. स्थिति यह है कि बारालोटा जलापूर्ति योजना के भुसही पंप हाउस में लगा एक मोटर पिछले दो साल से खराब है. दाे मोटर पंप सही स्थिति में है, लेकिन पानी के अभाव में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है. इधर सुदना जलापूर्ति केंद्र के पंप हाउस में दो मोटर पंप लगा है. इसमें से एक मोटर पंप जुलाई 2022 में दूसरी बार जल गयी थी. करीब चार माह पहले इसकी मरम्मत करायी गयी है, लेकिन स्टार्टर खराब होने के कारण इसका उपयोग नहीं हो रहा है. इस तरह एक मोटर के सहारे सुदना जलापूर्ति केंद्र चल रहा है. पिछले कई माह से एक दिन के अंतराल पर जलापूर्ति होती थी. कुआं से बालू कुछ निकाला गया. अब करीब 20 मिनट जलापूर्ति होती है. केंद्र का मोटर पंप करीब आधा घंटा चलता है. इसके बाद कुआं सूख जाता है. पूर्व वार्ड पार्षद सुशीला कुमारी ने कुआं की सफाई कराने व तकनीकी खराबी को दूर करने की मांग की है. इधर पूर्व पार्षद विवेकानंद त्रिपाठी ने बारालोटा जलापूर्ति योजना को दुरूस्त कर प्रतिदिन जलापूर्ति की व्यवस्था करने की मांग की, ताकि लोगों को जल संकट से राहत मिले.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SATYAPRAKASH PATHAK

लेखक के बारे में

By SATYAPRAKASH PATHAK

SATYAPRAKASH PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola