ePaper

ऐतिहासिक किला अमानत नदी में समाने की कगार पर

Updated at : 15 Jun 2025 9:17 PM (IST)
विज्ञापन
ऐतिहासिक किला अमानत नदी में समाने की कगार पर

पलामू के अंतिम रक्सैल वंश के राजा मानसिंह के ऐतिहासिक किले का स्थल अमानत नदी के कटाव के कारण धीरे-धीरे अपना अस्तित्व को खो रहा है.

विज्ञापन

मेदिनीनगर. पलामू के अंतिम रक्सैल वंश के राजा मानसिंह के ऐतिहासिक किले का स्थल अमानत नदी के कटाव के कारण धीरे-धीरे अपना अस्तित्व को खो रहा है. यह स्थल, जिसे मानगढ़ के नाम से जाना जाता है, हर साल नदी की बाढ़ की चपेट में आ रहा है, जिससे यहां की ऐतिहासिक विरासत खतरे में है. स्थानीय ग्रामीणों और इतिहासकारों का मानना है कि इस धरोहर को बचाने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और राजा मानसिंह का शासन

इतिहासकारों के अनुसार, रक्सैल राजपूत वंश के शासक 14वीं शताब्दी में मध्य प्रदेश के सरगुजा क्षेत्र से पलामू आये थे और लगभग 200 वर्षों तक यहां शासन किया. उन्होंने देवगन को अपनी राजधानी बनाया था. इसी वंश के अंतिम शासक राजा मानसिंह ने तरहसी में अपनी राजधानी स्थापित की थी. यह माना जाता है कि चेरो वंश के संस्थापक भगवंत राय (1613-1630 ई) ने धोखे से मानसिंह को अपदस्थ कर सत्ता पर कब्जा कर लिया था. मानगढ़ नामक स्थल पर मिट्टी के खपड़े के अनगिनत टुकड़े आज भी मिलते हैं, जो यहां किसी प्राचीन संरचना के होने का प्रमाण देते हैं. 1643 ई में चेरो सेना और मुगल शासक के बिहार प्रांत के सेनापति जबरदस्त खां के बीच मानगढ़ के मैदान में भीषण युद्ध हुआ था, जिसमें चेरो सेना की हार हुई थी.

किले के अवशेष और बाढ़ का कहर

तरहसी में किसी महल के अवशेष अभी भी पाए जाते हैं. पुराने ग्रामीण बताते हैं कि 1977 की बाढ़ से पहले यहां एक बहुत बड़ा मैदान हुआ करता था, जहां जिला स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिताएं भी आयोजित होती थीं. लेकिन 1977 की विनाशकारी बाढ़ ने मानगढ़ स्थल के बड़े हिस्से को बहा दिया. कटाव वाले क्षेत्रों से धातु से निर्मित बर्तनों के जमीन में छिपे होने के निशान और ईंट व ईंट के टुकड़ों के अवशेष भी मिले हैं, जो यहां किसी प्राचीन बस्ती या किले के होने की पुष्टि करते हैं.

दानवीर और शक्तिशाली राजा थे मानसिंह

89 वर्षीय ग्रामीण बागेश्वर पांडेय, राजमुनी प्रसाद, लखन साव, भोला प्रसाद, रऊफ मियां सहित कई बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने बचपन में नदी स्नान के दौरान मिट्टी के बर्तनों के कई अवशेष देखे हैं. उनके दादाजी अपने पूर्वजों से सुनते थे कि यहां मानसिंह नामक एक राजा का किला या गढ़ हुआ करता था, जिसे अंग्रेजों और उनसे पूर्व के राजाओं ने लूटा और क्षतिग्रस्त कर दिया था. ग्रामीणों के अनुसार, राजा मानसिंह एक धार्मिक प्रवृत्ति के तपस्वी और दानवीर राजा थे, जिनके पास अपार धन था और वे अपनी शक्ति के बल पर लोगों को मनचाहा धन दान दिया करते थे. जिस स्थल पर वे पूजा-पाठ करते थे, वह स्थान आज गोदामी पोखर के नाम से जाना जाता है, जहां वर्तमान में सीओ और बीडीओ का आवास बना हुआ है. राजा मानसिंह जिस देवता को मानते थे, वे आज भी मंनगढ़िया बाबा के नाम से प्रसिद्ध हैं, जहां विभिन्न अवसरों पर वार्षिक पूजा-अर्चना की जाती है. कई ग्रामीणों का मानना है कि इस देव स्थल में इतनी शक्ति है कि बाढ़ के दौरान भी यदि कोई व्यक्ति नदी पार करने के क्रम में बीच में फंस जाए, तो जब तक वह पार नहीं कर जाता, पानी स्थिर हो जाता है.

धरोहर बचाने की तत्काल आवश्यकता

पलामू के इस ऐतिहासिक तरहसी किला स्थल मानगढ़ की भूमि को बचाने की तत्काल आवश्यकता है. प्रतिवर्ष अमानत नदी की बाढ़ से हो रहे कटाव के कारण यह स्थल धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है. वर्ष 2007-2008 में झारखंड में मधु कोड़ा के मुख्यमंत्री काल में जल छाजन विभाग द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से पत्थर और लोहे की जाल लगायी गयी थी, लेकिन वह कारगर साबित नहीं हुई और बाढ़ में बह गई. स्थिति इतनी गंभीर है कि विज्ञान भवन और किसान भवन, जो सरकार द्वारा बनवाए गए हैं, वे भी अमानत नदी के कटाव के कारण मुहाने पर आ गए हैं और इस वर्ष की बाढ़ में उनके बह जाने का खतरा है. यदि इस ऐतिहासिक स्थल और आसपास के क्षेत्रों को बचाने के लिए ठोस और प्रभावी उपाय नहीं किए गए, तो यह बहुमूल्य धरोहर पूरी तरह से अमानत नदी में समा जायेगी, जिससे पलामू का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अध्याय हमेशा के लिए मिट जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ANUJ SINGH

लेखक के बारे में

By ANUJ SINGH

ANUJ SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola