50 लाख की लागत से बना भवन बंद, ग्रामीणों को भटकना पड़ रहा अंचल कार्यालय

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50 लाख की लागत से बना भवन बंद, ग्रामीणों को भटकना पड़ रहा अंचल कार्यालय

50 लाख की लागत से बना भवन बंद, ग्रामीणों को भटकना पड़ रहा अंचल कार्यालय

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पाटन ़ सरकार ने आम नागरिकों की सहूलियत के लिए पंचायत स्तर पर तहसील कर्मचारी सह हल्का कर्मचारी आवास भवन का निर्माण कराया था. प्रखंड के सूठा पंचायत में करीब 50 लाख रुपये की लागत से यह भवन एक वर्ष पहले बना, निर्माण पूरा होने के बाद संवेदक ने भवन विभाग को हैंडओवर भी कर दिया. लेकिन हैरानी की बात है कि आज तक इस भवन का ताला नहीं खुला.न तो तहसील कर्मचारी इसमें रहते हैं और न ही ग्रामीणों का कोई काम इस भवन से होता है. पंचायत के लोगों का उद्देश्य था कि हल्का कर्मचारी इस आवास में रहकर ग्रामीणों के कार्यों का सुचारू रूप से निष्पादन करें। इससे राजस्व वसूली में भी तेजी आती. लेकिन कर्मचारियों की मनमानी के कारण यह मकसद पूरा नहीं हो पा रहा है. ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब भवन का उपयोग करना ही नहीं था, तो इसका निर्माण क्यों कराया गया और जब निर्माण हो चुका है, तो एक वर्ष से इसे बंद क्यों रखा गया है. प्रशासनिक उदासीनता के कारण करोड़ों की सरकारी राशि व्यर्थ होती नजर आ रही है. यूरिया खाद नहीं मिलने से किसान परेशान

ऊंटारी रोड. प्रखंड क्षेत्र में यूरिया खाद के किल्लत से क्षेत्र के किसान परेशान है. छह पंचायतों में खाद बीज के आठ दुकानें हैं. उसके अलावा पैक्स भी है . लेकिन कहीं भी एक बोरी यूरिया खाद नहीं है.किसानों ने बताया कि यूरिया खाद नहीं मिल पा रहा है. इससे धान का फसल प्रभावित होगा. कई दुकानों का चक्कर लगाया. लेकिन कहीं भी खाद नहीं मिला. किसानों का कहना है कि उनके दर्द को समझने वाला कोई नहीं है.

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Shailesh Ambashtha

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