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सेवानिवृत्त लोगों ने कहा, सामाजिक कार्यों व भागीदारी से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है

Updated at : 19 Sep 2025 9:43 PM (IST)
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सेवानिवृत्त लोगों ने कहा, सामाजिक कार्यों व भागीदारी से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है

सेवानिवृत्त लोगों ने कहा, सामाजिक कार्यों व भागीदारी से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है

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सेकेंड इंनिग प्रतिनिधि, जीतेंद्र प्रसाद, हुसैनाबाद कहा जाता है कि खाली मन शैतान का. ऐसी स्थिति में नकारात्मक विचार हावी होने लगते हैं. जिसका सीधे तौर पर स्वास्थ्य या किसी भी मायने में हानिकारक प्रभाव पड़ता है.सर्व विदित है की मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है. यदि उन्हें समाज से अलग-थलग कर दिया जाये, तो वह कुंठाओं से ग्रसित हो जाता है. ऐसी स्थिति न आये, इससे बेहतर है सामाजिक गतिविधियों को जीवन में शामिल कर लिया जाये. सामाजिक कार्यों में भागीदारी से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है. जो हर दृष्टिकोण से लाभकारी है. यह कहना है विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त कर्मियों का. उनका मानना है कि व्यक्तिगत जीवन के साथ -साथ हम सबका समाज के प्रति भी जवाबदेही है. इस दायित्व के निर्वहन के बाद अलग सुख की अनुभूति होती है.क्या करते व सोचते हैं सेवानिवृत्त के बाद सेकेंड इनिंग की शुरुआत करने वाले कर्मी. प्रस्तुत है कुछ अंश विनोद प्रसाद 31 जुलाई 2021 को मध्य विद्यालय बुधुआ से सेवानिवृत्त हैं. पड़ोस या अन्य जगहों के विद्यार्थियों को मार्गदर्शन करते हैं. या किसी विद्यालय परिवार की समस्या समाधान के लिए खड़े होते हैं. वह कहते हैं कि बच्चे या कोई शिक्षक बंधु जब किसी तरह का मार्गदर्शन के लिए आते हैं, तो बहुत अच्छा लगता है. अपनी उपयोगिता को बल मिलती है. आगे भी यह जारी रहेगा.उन्होंने कहा कि एक टीम के साथ योगाभ्यास करते है. जिसकी एक कारवां बनती जा रही है. जो फिटनेस के लिए जरूरी है. श्रीराम सिंह हुसैनाबाद शहर के राजकीयकृत मध्य विद्यालय से 31 जुलाई 2013 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं. पर्यावरण संतुलन को अपना मिशन बना चुके हैं. अबतक हजारों पौधे लगा चुके.साथ ही लोगों को इसके प्रति जागरूक करने में जुटे हैं. इसके अलावा स्वास्थ्य के प्रति भी लोगों जागरूक कर रहें हैं. एक मंच के माध्यम से एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध करायी है. शैक्षणिक गतिविधियों में भी भागीदारी जारी है. उनका कहना है कि सामाजिक कार्यों से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है. जिससे शारीरिक व मानसिक मजबूती मिलती है. सामाजिक कार्य जीवन में ठोस बदलाव का मंच प्रदान करता है. साथ ही सामाजिक व्यवस्थाओं और नीतियों की गहरी समझ भी प्रदान करता है.यह कहना है बड़ेपुर मवि विद्यालय से 31मार्च 2025 को सेवानिवृत्त हुए शिक्षक शकील अहमद का.सक्रियता जीवन का एक खूबसूरत पार्ट है.वह बच्चों या अन्य लोगों को मोबाइल के सदुपयोग के लिए प्रेरित करते हैं. उनका कहना है कि जीवन पर्यंत समाज को सकारात्मक कार्यो के लिए प्रेरित करते रहेंगे. सभी देशवासियों में राष्ट्र प्रेम व समाज के प्रति जवाबदेह जरूरी है. खासकर युवाओं में अति आवश्यक है. इसी सोच के तहत युवाओं को जागृत करने का प्रयास जारी है. यह कहना है जल सेना से सितंबर 2008 में सेवानिवृत्त सब-लेफ्टिनेंट प्रेमतोष प्रसाद का. कारगिल युद्ध व ऑपरेशन पवन में सक्रिय भूमिका निभा चुके प्रेमतोष प्रसाद कहते हैं कि सेवानिवृति के बाद युवाओं में राष्ट्र के प्रति कर्तब्य,पेंशनर समाज व वीर नारियों की समस्या समाधान के लिए कार्य जारी है. अपनी मंच परिषद के माध्यम से आगे भी उक्त कार्य जारी रहेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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