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पानी रोककर स्थायी भंडारण व्यवस्था बनायी, भू-जल स्तर पर सकारात्मक असर

Updated at : 30 Nov 2025 9:22 PM (IST)
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पानी रोककर स्थायी भंडारण व्यवस्था बनायी, भू-जल स्तर पर सकारात्मक असर

इंजीनियर की सकारात्मक सोंच से पलामू व गढ़वा के कई गांवों की बदली तसवीर

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इंजीनियर की सकारात्मक सोंच से पलामू व गढ़वा के कई गांवों की बदली तसवीर

कुंदन कुमार, मोहम्मदगंज

उत्तर कोयल परियोजना के भीम बराज में कार्यरत इंजीनियर विनीत प्रकाश ने ऐसा काम कर दिखाया है, जो पिछले 34 वर्षों में किसी भी इंजीनियर ने नहीं किया था. उनके नवाचारपूर्ण प्रयासों ने पलामू और गढ़वा जिले के कई गांवों की तस्वीर बदल दी है. दरअसल, मोहम्मदगंज स्थित भीम बराज के अपस्ट्रीम से पानी हर वर्ष रबी और खरीफ फसल के मौसम में आवश्यकता अनुसार छोड़ा जाता था. फसल कटने के बाद बराज का बचा हुआ पानी परंपरा के अनुसार कोयल नदी में बहा दिया जाता था. यह पानी जनहित में उपयोग हो सकता था, लेकिन वर्षों तक इस दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं हुआ. इंजीनियर विनीत प्रकाश को यह स्थिति उचित नहीं लगी. उन्होंने सोचा कि यदि इस पानी को स्थायी रूप से रोका जाये तो इसका बहुउद्देशीय उपयोग किया जा सकता है. वर्ष 2022 से उन्होंने अपने प्रयासों से बराज के सभी फाटकों को बंद रख स्थायी जल भंडारण की व्यवस्था लागू कर दी. इसके बाद से पिछले तीन वर्षों में लेफ्ट और राइट कैनाल से जुड़े गांवों को लगातार लाभ मिल रहा है. बराज के अपस्ट्रीम में दो मीटर पानी हमेशा स्टोर रहता है. जलस्तर स्थिर रखने के लिए एक फाटक को नियंत्रित रूप से थोड़ा खोला जाता है. आज यह जमा पानी सिंचाई, पेयजल, मत्स्य पालन, पशुपालन और पर्यटन जैसे कई क्षेत्रों में लाभ दे रहा है.

पानी रोकने से मिले बड़े फायदे

– भूजल स्तर में सुधार : गर्मी में ड्राई जोन बनने वाले पलामू व गढ़वा जिले के कई गांवों में अब भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. इससे हैंडपंप, कुओं और जलापूर्ति प्रणालियों में पानी की उपलब्धता बढ़ी है.

– किसानों को मिल रही राहत: भूमिगत स्रोतों से सिंचाई करने वाले किसानों को स्थायी रूप से पानी मिलने लगा है, जिससे रबी और खरीफ दोनों फसलों की सिंचाई सुगम हो गई है.

– मत्स्य पालन को मिला बढ़ावा: बराज में जमा पानी से भजनिया गांव के दो दर्जन से अधिक मछुआरों को रोजगार मिला है. यह स्थायी जलाशय उनके लिए आजीविका का महत्वपूर्ण साधन बन गया है.- पर्यटन व प्राकृतिक सौंदर्य में बढ़ोतरी : भीम चूल्हा पर्यटन स्थल की खूबसूरती में भी वृद्धि हुई है. जमा पानी में बोटिंग शुरू कराने की तैयारी पर्यटन विभाग कर रहा है. प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा भी इस क्षेत्र की खूबसूरती बढ़ा रहा है.

-पशुओं को मिला रहा हरा भरा चारा: पानी जमा रहने से आसपास की जमीन नम और हरी रहती है, जिससे पशुओं के लिए हराभरा चारा मिल रहा है. इससे उन दिनों में भी राहत मिली है जब चारा संकट के कारण किसान बिहार से महंगा चारा खरीदने को मजबूर होते थे.

नौकरी में रहते हुए जनहित में काम करना मेरा लक्ष्य: विनीत प्रकाश

भीम बराज के कार्यपालक अभियंता विनीत प्रकाश ने कहा कि उनका उद्देश्य सदैव जनहित में काम करना रहा है. उन्होंने बताया कि पदस्थापन के शुरुआती दिनों से ही उनके मन में इलाके के विकास की इच्छा थी. 2022 से हमने किसानों की खेती के बाद दो मीटर पानी को स्थिर रूप से बराज में रखने की व्यवस्था लागू की. मौका मिलते ही इस सोच को क्रियान्वित किया और आज इसका लाभ हजारों ग्रामीणों को मिल रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

लेखक के बारे में

By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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