आस्था, परंपरा और उल्लास में डूबा पलामू

Updated at : 14 Jan 2026 9:19 PM (IST)
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आस्था, परंपरा और उल्लास में डूबा पलामू

मकर संक्रांति पर नदियों से लेकर पहाड़ों तक लगे मेले

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मकर संक्रांति पर नदियों से लेकर पहाड़ों तक लगे मेले हजारों श्रद्धालुओं ने लगायी आस्था की डुबकी प्रतिनिधि, मेदिनीनगर सनातन धर्मावलंबियों का प्रमुख पर्व मकर संक्रांति बुधवार को जिलेभर में धार्मिक उल्लास और आस्था के साथ मनाया गया. भले ही ज्योतिषीय गणना के अनुसार मकर संक्रांति गुरुवार को मानी जा रही हो, लेकिन वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार 14 जनवरी को ही जिले के विभिन्न हिस्सों में पर्व मनाया गया. इस अवसर पर पलामू के कई क्षेत्रों में मेले का आयोजन हुआ और हजारों श्रद्धालुओं ने नदियों व जलाशयों में स्नान कर पूजा-अर्चना की. श्रद्धालुओं ने कोयल, सोन, अमानत, ओरंगा समेत अन्य नदियों में आस्था की डुबकी लगायी. मंदिरों में पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की गयी. चैनपुर प्रखंड के पूर्वडीहा के समीप कोयल नदी तट पर मेला सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें कई गांवों के श्रद्धालु शामिल हुए. शिव मंदिर में विशेष पूजा हुई, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम में भोजपुरी गायिका नेरा राज ने भक्ति गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. भीम चूल्हा मेला में उमड़ा जनसैलाब मोहम्मदगंज बराज के समीप भीम चूल्हा स्थल पर मकर संक्रांति के अवसर पर मेला लगा. सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने लगे. दोपहर के बाद भीड़ में लगातार इजाफा हुआ और शाम तक हजारों लोग मेले में पहुंचे. भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी. थाना प्रभारी नारायण सोरेन जवानों के साथ मुस्तैद रहे, जबकि बीडीओ रणवीर कुमार भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते दिखे. भीम चूल्हा धार्मिक के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थल है. श्रद्धालुओं ने कोयल नदी तट स्थित शिव मंदिर में जलाभिषेक किया. मेले में खाने-पीने की दुकानें सजी रहीं. लोगों ने बोगदा पहाड़ी व बराज का भ्रमण किया और कई श्रद्धालुओं ने कोयल नदी में बोटिंग का आनंद भी उठाया. भीड़ के कारण मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही, जिसे पुलिस ने बाद में नियंत्रित किया. वृद्धखैरा में पांच दिवसीय मेला शुरू पांडू प्रखंड के वृद्धखैरा स्थित वेणुगोपाल मंदिर परिसर में बुधवार से पांच दिवसीय मकर संक्रांति मेला शुरू हुआ. पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के महंत विष्णुचित स्वामी ने मेले का उद्घाटन किया. उन्होंने बताया कि यह ऐतिहासिक मेला धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां झारखंड के अलावा बिहार व उत्तर प्रदेश से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं. 1956 से लगते आ रहे इस मेले में झूला, मीना बाजार, जादूगर, ब्रेक डांस, ड्रैगन समेत कई मनोरंजन के साधन लगाये गये हैं, जो बच्चों और युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. हुसैनाबाद, छतरपुर और तरहसी में भी उत्सव का माहौल हुसैनाबाद अनुमंडल के देवरी कला और दंगवार गांव के समीप सोन नदी तट पर मेला सह सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ. श्रद्धालुओं ने नदी में स्नान के बाद शिव मंदिर में पूजा की. अखंड कीर्तन के समापन के बाद भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय हो गया. छतरपुर प्रखंड के देवगन धाम, टूइ पहाड़ी और चराई में भी मेले का आयोजन हुआ, जबकि तरहसी प्रखंड के जोगिया दह शिव मंदिर, केदारनाथ मंदिर और शिवालय परिसर में मेला लगा. नौडीहा बाजार प्रखंड के विजयगिरी पहाड़ी, सरइडीह और बिशनपुर पंचायत में भी मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गयी. जिलेभर में मकर संक्रांति पर्व ने आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया.

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Akarsh Aniket

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