पलामू: संवेदक के फर्जी हस्ताक्षर के आरोप में डीजीएम, कार्यपालक व सहायक अभियंता पर प्राथमिकी दर्ज

पलामू में महिला संवेदक के फर्जी हस्ताक्षर और लेटर पैड का उपयोग करने के आरोप में बिजली विभाग के डीजीएम समेत तीन अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शिवेंद्र कुमार की रिपोर्ट
पलामू के बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों पर महिला संवेदक मिनाक्षी सिंह के द्वारा फरर्जी लेटर बनाकर हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया है. इस मामले में भुक्तभोगी संवेदक महिला ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी. एसपी के निर्देश पर थाना प्रभारी ने मामले की जांच कराया था. जिसमें आरोप सही पाया गया. जिसके बाद डिप्टी जेनरल मैनेजर सह अधीक्षण अभियंता संतोष कुमार सिन्हा, कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार व सहायक अभियंता विकास कुमार पर प्राथमिकी दर्ज किया गया.
भुक्तभोगी महिला संवेदक ने बताया जाता है कि वित्तिय वर्ष 2025-26 में 32 जगहों पर बिजली तार पोल एवं मरम्मती का कार्य किया था. उक्त कार्य के लिए 17 प्राक्कलन के साथ आवंटन का पत्र दिया गया था. आरोप है कि विभाग के डिप्टी जेनरल मैनेजर सह अधीक्षक अभियंता संतोष कुमार सिन्हा, कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार व सहायक अभियंता विकास कुमार के द्वारा बदले की भावना से हस्तलिखित आवेदन को षड्यंत्र कर फरजी तरीके से बदल दिया गया. भुक्तभोगी महिला संवेदक 25 मई को एसपी के नाम से आवेदन दिया था. इस मामले में डीएसपी सदर को जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया था. डीएसपी के निर्देश पर शहर थाना के एसआइ बालकृष्ण को इसकी जांच की थी. जांच प्रतिवेदन वरीय पुलिस अधिकारी को सौंपा था. जिसके आधार पर एसपी ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया .
फरजी लेटर पैड तैयार कर मामले को दिया अंजाम
संवेदक ने आरोप लगाया है कि महिला संवेदक होने के कारण मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है. पूर्व में किये गये कार्यों का आवंटन के लिए विद्युत अधीक्षण अभियंता डालटनगंज को लिखित आवेदन दिया गया था. जिसमें मिनाक्षी एंटरप्राइजेज का पत्रांक एमईई/ 145/ 31.05.25 व पत्रांक 146 एमईई/ 25-26 के 18.6.25 को एक षड्यंत्र के तहत 3.11.25 कर दिया गया है. संवेदक ने आरोप लगाया है कि मेरा लेटर पैड को कलर प्रिंटर से स्कैन कर नकली लेटर पैड तैयार किया गया है. जिसमें मेसर्स मीनाक्षी एंटरप्राइजेज फर्जी आवेदन संख्या नील 3.11. 25 का मनमाने ढंग से तैयार कर लिया गया है. इसी तरह दूसरा फर्जी लेटर आवंटन संख्या 2674/ एसई/डीगंज/11.12.25 कर दिया गया है. उपर्युक्त दोनों आवेदक को बदलने के लिये विद्युत अधीक्षण अभियंता के द्वारा तीन नवंबर 25 को शाम 6:11 पर व्हाट्सएप नंबर 9142133346 से मेरे वट्सएप नंबर 8540989962 पर कॉल कर तारीख बदलने को कहा गया था. लेकिन मेरे द्वारा मना किया गया. क्योंकि यह मामला एमएसएमई झारखंड में विचाराधीन है. इसके बाद अधिकारियों द्वारा फरजी किया गया है. क्योंकि विद्युत अधीक्षण अभियंता का व्हाट्सएप कॉल की तारीख एवं फर्जी लेटर पर अंकित तारीख एक है. जिस दिन विद्युत अधीक्षण अभियंता द्वारा उल्लेख किया जा रहा है. उस तारीख का लेटर मेरे द्वारा समर्पित नहीं किया गया है. इसलिए ये तीनों प्रथम दृष्टया जालसाजी एवं धोखाधड़ी करने के दोषी हैं. पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है.
ये भी पढ़ें: 'मंत्री महोदया, सिमडेगा के गांवों को टापू बनने से बचाएं', दीपिका पांडेय सिंह से मिले विधायक भूषण बाड़ा
ये भी पढ़ें: चक्रधरपुर में 8 साल से अधूरी है 7.33 किमी सड़क, आरईओ ऑफिस के बाहर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










